अमरनाथ यात्रा 2026 : तीन दिन में 56 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए बाबा बर्फानी के दर्शन, 9 जुलाई तक सभी स्लॉट फुल
श्रीनगर, 6 जुलाई। श्री अमरनाथ यात्रा 2026 में श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है। 3 जुलाई से शुरू हुई पवित्र यात्रा के पहले तीन दिनों में 56,961 श्रद्धालुओं ने 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन किए हैं। प्रशासन के अनुसार, श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़ को देखते हुए 9 जुलाई तक सभी पंजीकरण स्लॉट पूरी तरह भर चुके हैं। रविवार, यात्रा के तीसरे दिन, 24,648 श्रद्धालुओं ने बालटाल और पारंपरिक पहलगाम-चंदनवाड़ी मार्ग से पवित्र गुफा पहुंचकर दर्शन किए। इससे पहले यात्रा के पहले दो दिनों में 32,313 श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे।
- दोनों मार्गों पर सुचारू रही यात्रा
रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को मौसम आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहा, लेकिन पूरे दिन यात्रा दोनों मार्गों से सुचारू रूप से संचालित हुई। दर्शन के बाद सभी श्रद्धालु सुरक्षित अपने-अपने शिविरों में लौट गए।
- बेस कैंपों पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
बालटाल और नुनवान (पहलगाम) बेस कैंपों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी जा रही है। प्रशासन की अपील के बावजूद बड़ी संख्या में अपंजीकृत श्रद्धालु भी दर्शन की उम्मीद लेकर पहुंच रहे हैं। इसी वजह से प्रशासन ने यात्रा की योजना बना रहे अपंजीकृत श्रद्धालुओं से फिलहाल कुछ दिन इंतजार करने की अपील की है।
- केवल पंजीकृत यात्रियों को ही मिलेगी अनुमति
जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि रविवार से केवल पंजीकृत तीर्थयात्रियों को ही कश्मीर की ओर जाने की अनुमति दी जाएगी। अपंजीकृत श्रद्धालुओं को नए पंजीकरण कोटा जारी होने तक निर्धारित जांच चौकियों पर ही रोका जाएगा।
- जम्मू में भी पंजीकरण केंद्रों पर लंबी कतारें
जम्मू में भी देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी जा रही है। तवी नदी, राम मंदिर (पुरानी मंडी) और गीता भवन के पास स्थित पंजीकरण एवं टोकन वितरण केंद्रों पर सोमवार सुबह से ही लंबी कतारें लगी रहीं। अधिकारियों के अनुसार, विभिन्न तिथियों के लिए 5,000 अपंजीकृत श्रद्धालुओं का पंजीकरण किया गया।
- यात्रा मार्ग पर 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं
रामबन के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कमल जी जादू ने बताया कि अमरनाथ यात्रा के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है। पूरे यात्रा मार्ग पर 16 मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं। उन्होंने बताया कि चंदरकोट यात्री निवास और लैंबर यात्रा कैंप ग्राउंड में चार-चार बेड वाले मिनी अस्पताल स्थापित किए गए हैं। यहां ईसीजी, कार्डियक मॉनिटर, नेबुलाइज़र सहित आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं 24 घंटे उपलब्ध हैं। पूरे यात्रा मार्ग पर करीब 75 स्वास्थ्यकर्मी, जिनमें 20 डॉक्टर और 50 पैरामेडिकल स्टाफ शामिल हैं, आपात स्थिति से निपटने के लिए तैनात किए गए हैं। 57 दिनों तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा 2026 का समापन श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन के अवसर पर होगा।
