राहुल गांधी अपने बयान पर अडिग, बोले- ‘मैं माफी नहीं मांगूंगा’, अमित शाह को हटाने की मांग दोहराई
नई दिल्ली, 29 जुलाई। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने साफ शब्दों में कहा है कि वह अपने बयान पर ‘माफी नहीं मांगेंगे’। उन्होंने साथ ही गृह मंत्री अमित शाह को पद से हटाने की मांग भी दोहराई।
राहुल गांधी ने बुधवार शाम एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि दिल्ली में छात्र आंदोलन के दौरान हुई कथित बर्बरता और पैलेट गन के इस्तेमाल की जवाबदेही गृह मंत्री की है। उन्होंने कहा कि यदि वह माफी मांग लेते तो उन्हें लोकसभा में बोलने की अनुमति मिल जाती, लेकिन वह ऐसा नहीं करेंगे।
उल्लेखनीय है कि लोकसभा में आज ही दिन में परीक्षा संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी के भाषण पर भारी हंगामा हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस फायरिंग और पैलेट गन के इस्तेमाल के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जिम्मेदार हैं। इन टिप्पणियों पर सत्ता पक्ष ने कड़ा विरोध जताया और सदन में जोरदार नारेबाजी हुई। इसके बाद राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष रखा।
राहुल गांधी का गंभीर आरोप- गृह मंत्री अमित शाह ने प्रदर्शनकारियों पर पेलेट गन चलाने का दिया था आदेश
‘माफी मांगता तो बोलने देते’
राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने सदन में देखा कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को कई बार बोलने का अवसर मिला, लेकिन उन्हें अपनी बात पूरी रखने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने कहा, ‘यदि मैं माफी मांगता तो मुझे बोलने की इजाजत मिल जाती। मैं माफी नहीं मांगूंगा। मेरे लिए सबसे अहम मुद्दा दिल्ली की सड़कों पर छात्रों के साथ हुई बर्बरता है। उन पर पेलेट गन से गोलियां चलाई गईं।’
अमित शाह को पद पर बने रहने का अधिकार नहीं
कांग्रेस सांसद ने गृह मंत्री अमित शाह को सीधे निशाने पर लेते हुए आरोप लगाया कि पेलेट गन का इस्तेमाल गृह मंत्री की अनुमति के बिना नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि या तो गृह मंत्री ने पेलेट गन चलाने का आदेश दिया या फिर उन्हें इसकी जानकारी ही नहीं थी। राहुल ने कहा कि दोनों ही स्थिति में अमित शाह को पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय के अधीन काम करती है, इसलिए जवाबदेही तय होनी चाहिए।
गृह मंत्री को लिखी चिट्ठी का किया जिक्र
राहुल गांधी ने बताया कि उन्होंने गत 25 तारीख को गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दो सवाल पूछे थे। पहला सवाल यह था कि क्या छात्र आंदोलन के दौरान पेलेट गन के इस्तेमाल की अनुमति दी गई थी। दूसरा सवाल यह था कि सादे कपड़ों में बच्चों पर लाठियां बरसाने वाले लोग कौन थे। राहुल गांधी ने दावा किया कि अब तक उन्हें इन सवालों का कोई जवाब नहीं मिला है।
‘मैंने अपनी आंखों से छर्रे देखे’
कांग्रेस नेता ने यह भी दावा किया कि उन्होंने स्वयं कई छात्रों के शरीर पर पेलेट के छर्रे देखे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पेलेट गन के इस्तेमाल से इनकार कर रही है जबकि छात्र इसके इस्तेमाल की बात कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्र शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और बढ़ती शिक्षा लागत जैसे मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और उनकी आवाज सुनी जानी चाहिए।
सरकार से जवाब मांगने की बात दोहराई
राहुल गांधी ने कहा कि उनका संघर्ष किसी व्यक्तिगत मुद्दे के लिए नहीं बल्कि छात्रों के अधिकारों के लिए है। उन्होंने दोहराया कि वह अपने बयान पर माफी नहीं मांगेंगे और छात्र आंदोलन से जुड़े सवालों पर सरकार से जवाब मांगते रहेंगे। वहीं, सत्ता पक्ष राहुल गांधी के आरोपों को खारिज कर चुका है और उनके बयानों का सदन के भीतर और बाहर विरोध किया है।
