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कोलंबिया में भूकंप से 111 लोगों की मौत, सरकार ने घोषित किया राष्ट्रीय आपातकाल

बोगोटा, 11 अगस्त। कोलंबिया में सोमवार को आए भयावह भूकंप से मृतकों की संख्या बढ़कर 111 तक जा पहुंची है और 87 लोगों के अब तक घायल होने की खबर मिली है। इस प्राकृतिक आपदा से जान-माल के भारी नुकसान के बाद कोलंबियाई सरकार ने देश में राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर दी है।

राष्ट्रपति डे ला एस्प्रिएला ने देश को संबोधित करते हुए कहा कि कोलंबिया में भूकंप से मरने वालों की संख्या बढ़कर 111 हो गई है। उन्होंने बताया कि 87 लोग घायल भी हुए हैं जबकि भूकंप के कारण दर्जनों इमारतें ढह गईं।

एस्प्रिएला ने कहा, ‘राष्ट्रीय सरकार लोगों की जान बचाने, प्रभावित समुदायों की मदद करने और जहां भी जरूरत हो, वहां सहायता पहुंचाने के लिए अपनी पूरी क्षमता का इस्तेमाल कर रही है। बचाव कार्य अभी सबसे ज़रूरी है। सबसे बड़ी चिंता मलबे में दबे लोगों को बचाना है। यही प्राथमिकता है।’

7.4 तीव्रता का था भूकंप

यूएस जियोलजिकल सर्वे के अनुसार, 7.4 तीव्रता का यह भूकंप कोलंबिया के प्रशांत तट पर स्थित कम आबादी वाले प्रांत चोको में सैन होज़े डेल पाल्मार के पास 107 किलोमीटर की गहराई पर आया। देश के कई बड़े शहरों में झटके महसूस किए गए।

USGS ने चेतावनी दी थी कि भूकंप से बड़े पैमाने पर तबाही और बहुत ज़्यादा लोगों के हताहत होने की आशंका है। उन्होंने कहा, ‘काफी संख्या में लोगों के हताहत होने और नुकसान की संभावना है और यह आपदा बड़े पैमाने पर हो सकती है।’

कॉफी उत्पादन वाले पश्चिमी प्रांत रिसराल्डा में सर्वाधिक 42 मौतें

कोलंबिया के कॉफी उत्पादन वाले इलाके के पश्चिमी प्रांत रिसराल्डा में अब तक सबसे ज़्यादा मौतें हुई हैं। गवर्नर जुआन डिएगो पाटिनो ने फोन पर कैराकोल टेलीविजन को बताया कि 42 लोगों की मौत हुई है।

प्रांत की राजधानी परेरा भी भूकंप से प्रभावित इलाकों में शामिल थी। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों में एक इमारत के सामने का हिस्सा ढहते हुए और सड़क पर धूल का गुबार उठते हुए देखा गया जबकि आस-पास के लोग वहां से भागते हुए दिखे।

भूकंप से मनिजालेस में भी नुकसान हुआ, जहां गोथिक-शैली के कैथेड्रल का एक टावर गिर गया। कैली में, भूकंप के झटकों के दौरान अस्पताल के कर्मचारियों को मरीजों को उनके बिस्तरों समेत बाहर ले जाते हुए देखा गया।

मनिजालेस के मेयर जॉर्ज एडुआर्डो रोजास ने कहा कि शहर में तीन लोगों की मौत हुई है। मेयर लिगिया डेल कारमेन कॉर्डोबा ने बताया कि कोलंबिया के मुख्य प्रशांत बंदरगाह शहर बुएनावेण्टुरा में एक इमारत ढहने से कई लोग फंस गए और एक व्यक्ति की मौत हो गई।

कैली उन शहरों में शामिल था, जहां काफी नुकसान हुआ। हालांकि अधिकारियों ने वहां किसी की मौत की पुष्टि नहीं की है। मेयर एलेजांद्रो एडेर ने काराकोल को बताया कि कम से कम 30 इमारतें ढह गई हैं और 10 जगहों पर बचाव दल काम कर रहे हैं। काराकोल के टेलीविज़न फुटेज में फायरफाइटर और कोलंबियाई रेड क्रॉस के कर्मचारी एक ढही हुई इमारत से स्ट्रेचर पर एक जीवित व्यक्ति को ले जाते हुए दिखाई दिए।

JPSC protests : भूख हड़ताल पर बैठे JLKM नेता देवेंद्र महतो अस्पताल में भर्ती, ब्लड शुगर लेवल गिरा

रांची, 10 अगस्त। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर पिछले नौ दिनों से भूख हड़ताल बैठे झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता देवेंद्र नाथ महतो को सोमवार को प्रदर्शनकारी छात्रों के मार्च में शामिल होने के बाद तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

डॉक्टरों ने महतो की हालत गंभीर बताई है क्योंकि उनका ब्लड शुगर लेवल ‘बहुत ज्यादा’ गिर गया है। रांची सदर अस्पताल की मेडिकल ऑफिसर नैन्सी प्रिया ने मीडिया को बताया, ‘उनका इलाज इमरजेंसी वार्ड में किया जा रहा है।’ अस्पताल में महतो के साथ मौजूद उनके सहयोगी पंकज कुमार ने दावा किया कि जेएलकेएम नेता विधानसभा के पास पुलिस लाठीचार्ज में घायल हो गए।

महतो ने आंदोलन जारी रखने का लिया संकल्प

वहीं अस्पताल में भर्ती होने से पहले महतो ने सरकार पर छात्रों के आंदोलन को दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह आंदोलन जारी रखेंगे। महतो ने कहा, ‘सरकार लाठी, गोली और बंदूक से नहीं चलाई जा सकती। सरकार लोगों को संतुष्ट रखकर चलाई जाती है। आज सत्याग्रह का 17वां दिन है। मैं नौ दिनों से भूख हड़ताल पर हूं। उन्होंने मुझे भी प्रताड़ित किया और जबरन एम्बुलेंस में डाल दिया। लेकिन, मैं यह लड़ाई जारी रखूंगा।’

झड़प में कई प्रदर्शनकारी और 4 पुलिसकर्मी घायल

अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को झारखंड विधानसभा के पास हुई झड़प में कई प्रदर्शनकारी और चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे नौकरी के उम्मीदवारों को हटाने के लिए वॉटर कैनन, आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया।

विधानसभा के पास प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प

पूर्वाह्न करीब 10.30 बजे पुरानी विधानसभा बिल्डिंग के बाहर से शुरू हुआ मार्च तब तनावपूर्ण हो गया, जब प्रदर्शनकारियों ने विधानसभा तक पहुंचने की कोशिश में कई बैरिकेड तोड़ दिए। जब प्रदर्शनकारी जगन्नाथपुर मंदिर पहुंचे तो पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया।

बैरिकेड्स तोड़ विधानसभा के गेट नंबर एक तक पहुंच गए प्रदर्शनकारी

स्थिति तब और बिगड़ गई जब प्रदर्शनकारियों ने आखिरी बैरिकेड पार करने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। जब प्रदर्शनकारी विधानसभा के करीब 200 मीटर के दायरे में पहुंचे, तो आँसू गैस के कई गोले दागे गए। आखिरकार प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स तोड़ दिए और विधानसभा के गेट नंबर एक तक पहुंच गए, जहां उन्होंने धरना दिया और अपनी मांगें पूरी होने तक वहां से हटने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने एक बार फिर लाठीचार्ज किया।

कई प्रदर्शनकारियों ने, जिनमें महिला प्रदर्शनकारी भी शामिल थीं, आरोप लगाया कि पुलिस की काररवाई में वे घायल हो गए। प्रदर्शनकारी पीयूष कुमार सोनी ने कहा, ‘लाठीचार्ज बर्बर था। हम शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे थे, लेकिन सरकार ने हमारे खिलाफ लाठियों का इस्तेमाल किया। वे हमें शारीरिक चोट तो पहुंचा सकते हैं, लेकिन हमारी सोच को नुकसान नहीं पहुंचा सकते।’ उन्होंने आरोप लगाया कि कई महिला छात्राएं घायल हुईं।

हालांकि, रांची सिटी एसपी पारस राणा ने कहा कि प्रदर्शनकारियों की ओर से पत्थरबाजी के दौरान चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। राणा ने कहा, ‘उनमें से तीन के सिर में चोटें आईं… हालांकि ज़्यादातर प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण थे, लेकिन लगभग 15 प्रतिशत लोग उग्र हो गए थे।’

परीक्षाएं रद करने की मांग पर अड़े हैं प्रदर्शनकारी

उल्लेखनीय है कि प्रदर्शनकारी परीक्षाएं रद करने की मांग पर अड़े हैं। वहीं वे झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) के कामकाज में बड़े सुधारों की मांग कर रहे हैं। वे कई भर्ती परीक्षाओं को रद करने और कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की भी मांग कर रहे हैं। ये जांच या तो CBI से या राज्य के बाहर के रिटायर्ड हाई कोर्ट जजों के पैनल से कराई जाए।

प्रदर्शनकारियों का दावा है कि सरकार उन 13 परीक्षाओं में से केवल तीन को रद करने पर सहमत हुई है, जिन्हें वे रद करवाना चाहते हैं। सरकार ने प्रदर्शनकारियों के साथ कई दौर की बातचीत की है, लेकिन अब तक गतिरोध खत्म करने में नाकाम रही है।

बिहार में फर्जी IAS अधिकारी गिरफ्तार : खुद को बताया NSA अजित डोभाल का अंडरकवर एजेंट

खगड़िया (बिहार), 10 अगस्त। बिहार के खगड़िया जिले में खुद को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) का अधिकारी बताने और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल से संबंध होने का दावा करने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। उसने कथित तौर पर NSA अजीत डोभाल के अंडरकवर एजेंट के तौर पर काम करने का दावा किया था।

Tesla कार और विदेशी शराब सहित करोड़ों की संपत्ति जब्त

खगड़िया के पुलिस अधीक्षक (SP) भानु प्रताप सिंह ने पत्रकारों को बताया कि पुलिस ने फर्जी IAS के पास 100 करोड़ से अधिक की प्रॉपर्टी मिली है। उसके घर से 31 लीटर से अधिक विदेशी शराब, टेस्ला कार और अन्य कीमती सामान बरामद किया है।

जमालपुर निवासी मनीष गुप्ता के रूप में हुई आरोपित की पहचान

एसपी के अनुसार गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान गोगरी थाना क्षेत्र के जमालपुर निवासी मनीष गुप्ता के रूप में हुई है। वह कथित तौर पर खुद को वरिष्ठ सरकारी अधिकारी बताकर बिहार के विभिन्न हिस्सों में धोखाधड़ी करता था। एक सूचना के आधार पर पुलिस ने गुप्ता के ठिकाने पर छापेमारी की। फिर रविवार नौ अगस्त को उसे गिरफ्तार कर लिया।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ‘पूछताछ के दौरान मनीष गुप्ता ने केंद्रीय सतर्कता आयोग का एक कार्ड दिखाया और दावा किया कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के अधीन एक गुप्त एजेंट के रूप में काम करता है। उसने खुद को आईएएस अधिकारी बताने वाला एक पहचान पत्र भी दिखाया। लेकिन प्रारंभिक जांच में उसके सभी दावे फर्जी पाए गए।’

पुलिस ने आरोपित के घर से 31 लीटर से अधिक विदेशी शराब, बड़ी मात्रा में बीयर, एक टेस्ला कार (जिस पर ‘भारत सरकार’ का बोर्ड लगा था) एक टाटा सफारी, पांच आईफोन, 20 क्रेडिट कार्ड, आठ डेबिट कार्ड, चार चेकबुक और अन्य सामान बरामद किए।

बारहसिंगा (दलदली हिरण) के दो सींग भी बरामद

एसी भानु प्रताप ने बताया, ‘एफएसडी सुविधा से लैस टेस्ला कार भारत में दुर्लभ है। हमने बारहसिंगा (दलदली हिरण) के दो सींग भी बरामद किए हैं, जिनका रखना वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत दंडनीय है।’ उन्होंने बताया कि पुलिस आरोपित की संपत्ति की जांच कर रही है। इस काम में बिहार पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस यूनिट (EOU) समेत अन्य जांच एजेंसियों की मदद ली जा रही है।

राहुल गांधी का अमित शाह पर तीखा हमला : विपक्ष गृह मंत्री का कोई ‘सामान्य भाषण’ सुनने का इच्छुक नहीं

नई दिल्ली, 10 अगस्त। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) व कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि विपक्ष गृह मंत्री का कोई ‘सामान्य भाषण’ या उनकी निजी राय सुनने का इच्छुक नहीं है।

शाह स्पष्ट करें कि छात्रों पर लाठीचार्ज, कीलों वाले डंडों और पेलेट गन के इस्तेमाल का आदेश किसने दिया

राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मांग उठाई कि गृह मंत्री को यह स्पष्ट करना होगा कि 20 जुलाई को दिल्ली में विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज, कीलों वाले डंडों और पेलेट गन के इस्तेमाल का आदेश किसने दिया। यदि अमित शाह ने यह आदेश दिया था तो वे दोषी हैं, और यदि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी तो वे अक्षम हैं। दोनों ही स्थितियों में उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।

कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि विपक्ष की मांग यह नहीं थी कि शाह सदन में आकर किसी भी सामान्य विषय पर बोलें, बल्कि उनसे यह स्पष्ट करने को कहा जा रहा है कि क्या उन्होंने छात्रों पर गोली चलाने का आदेश दिया था या नहीं। इसके पूर्व आज ही संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा था कि सरकार छात्र आंदोलन में हुई हिंसा और पुलिस एक्शन पर चर्चा करने को तैयार है और गृह मंत्री अमित शाह इस पर सदन में बोलेंगे। अब प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी ने सरकार को फिर से घेरने की कोशिश की और विपक्ष की तीन मांगें भी बताईं।

राहुल गांधी ने रखीं ये तीन प्रमुख मांगें

गोलीबारी/बल प्रयोग पर सफाई : ‘गृह मंत्री संसद में आकर कोई काल्पनिक बातें न बताएं। वे साफ-साफ बताएं कि दिल्ली में हमारे बच्चों पर गोलियां और पेलेट गन चलाने का आदेश उन्होंने दिया था या नहीं। यह पहला सवाल है, चर्चा उसके बाद होगी।’

प्रधानमंत्री का माफीनामा : दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई कथित पुलिस बर्बरता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश और युवाओं से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।

राम मंदिर दान चोरी विवाद : अयोध्या राम मंदिर के चंदे और दान में हुई कथित हेराफेरी और चोरी के मुद्दे पर सरकार जवाब दे।

‘अमित शाह और पीएम मोदी में संसद में आकर हमारे सामने खड़े होने का साहस नहीं’

राहुल ने कहा, ‘अमित शाह में संसद में आकर हमारे सामने खड़े होने का साहस नहीं है। पिछले 15 दिनों में उन्होंने यही दिखाया है। न तो नरेंद्र मोदी और न ही अमित शाह में हिम्मत  है… किसी को उनकी राय में कोई दिलचस्पी नहीं है। हम बस यह जानना चाहते हैं कि गोली चलाने का आदेश किसने दिया, और अगर उन्होंने नहीं दिया, तो गृह मंत्रालय में किसने दिया? हम समझना चाहते हैं : क्या इसमें किसी की गलती है या अक्षमता है?’

गृह मंत्री को गोलीबारी की जिम्मेदारी तय करनी ही होगी

कुल मिलाकर देखें तो संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा सरकार की ओर से संसद में चर्चा की पेशकश किए जाने के बाद राहुल गांधी ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक गृह मंत्री गोलीबारी की जिम्मेदारी तय नहीं करते, तब तक केवल सामान्य चर्चा स्वीकार्य नहीं होगी।

उल्लेखनीय है कि अमित शाह को सदन में बुलाने और छात्रों पर बल प्रयोग की स्पष्ट जिम्मेदारी तय करने की मांग को लेकर ही कांग्रेस, समाजवादी पार्टी सहित विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A. के अन्य घटक दल संसद के मकर द्वार पर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

झारखंड में छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग की निंदा की, बोले- ‘बातचीत से समस्या का हल हो’

वहीं झारखंड में आंदोलनरत छात्रों पर बल प्रयोग की भी राहुल ने कड़ी निंदा की और कहा, ‘झारखंड के छात्रों के लिए मेरा संदेश साफ है। हम शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा की निंदा करते हैं, चाहे वह कहीं भी हो। हम इसकी निंदा करते हैं, हम इसके खिलाफ हैं, हम इसका समर्थन नहीं करते हैं। इस मामले में हमारा रुख बिल्कुल साफ है, हमारे मन में कोई उलझन नहीं है कि शांतिपूर्ण विरोध पर हिंसा के जरिए हमला करना गलत है। झारखंड सरकार को प्रदर्शन कर रहे छात्रों की बात सुननी जारी रखनी चाहिए और उनकी समस्याओं का तुरंत समाधान करना चाहिए।’

वैश्विक अनिश्चितता के बीच शेयर बाजार लगभग सपाट, सेंसेक्स 43 अंक मजबूत, निफ्टी 13 अंक चढ़ा

मुंबई, 10 अगस्त। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर जारी वैश्विक अनिश्चितता के बीच घरेलू शेयर बाजार में कारोबारी सप्ताह के पहले दिन सोमवार को निवेशक ज्यादा उत्साहित नहीं दिखे और दोनों बेंचमार्क इंडेक्स दिनभर सीमित दायरे में रहने के बाद लगभग सपाट बंद हुए। इस क्रम में बीएसई सेंसेक्स 43 अंकों के लाभ में रहा तो एनएसई निफ्टी 13 अंक चढ़ा।

सेंसेक्स 43.27 अंक बढ़कर 78,542.44 पर बंद

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 43.27 अंक यानी 0.06 प्रतिशत बढ़कर 78,542.44 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सूचकांक ने 78,676.98 अंकों का उच्चस्तर 78,298.92 अंकों का निचला स्तर देखा। इस तरह कारोबार के दौरान इसमें 378.06 अंक का उतार-चढ़ाव रहा। सेंसेक्स से संबद्ध कम्पनियों में 18 के शेयर लाभ में रहे तो 11 में कमजोरी रही।

निफ्टी 13.15 अंकों की बढ़त से 24,583.80 पर बंद

वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का 50 शेयरों पर आधारित निफ्टी भी 13.15 अंक यानी 0.05 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 24,583.80 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी से संबद्ध कम्पनियों में 25 के स्टॉक हरे निशान पर रुके जबकि 23 में गिरावट दर्ज की गई।व्यापक बाजार में मझोली कम्पनियों से जुड़ा बीएसई मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.22 प्रतिशत लाभ में रहा जबकि छोटी कम्पनियों का स्मॉलकैप सेलेक्ट मामूली 0.16 प्रतिशत के लाभ में रहा।

रियल्टी क्षेत्र ने सबसे ज्यादा 1.60 प्रतिशत की तेजी पकड़ी

सेक्टोरल इंडेक्स में रियल्टी क्षेत्र ने सबसे ज्यादा 1.60 प्रतिशत की तेजी पकड़ी। इसके अलावा उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु क्षेत्र में 1.21 प्रतिशत, पूंजीगत वस्तुओं में 0.47 प्रतिशत, औद्योगिक क्षेत्र में 0.41 प्रतिशत, केंद्रित आईटी सूचकांक में 0.34 प्रतिशत और आईटी क्षेत्र में 0.22 प्रतिशत की बढ़त रही। वहीं, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के सूचकांक में 1.30 प्रतिशत की गिरावट आई। आवास वित्त क्षेत्र 0.59 प्रतिशत, ‘मिडस्मॉल प्राइवेट बैंक्स क्वॉलिटी टिल्ट’ सूचकांक 0.55 प्रतिशत और मिडस्मॉल प्राइवेट बैंकों का सूचकांक 0.36 प्रतिशत नीचे रहा।

टाइटन में सबसे ज्यादा 3.14 फीसदी तेजी

सेंसेक्स समूह में शामिल कम्पनियों में टाइटन में सबसे ज्यादा 3.14 फीसदी तेजी रही। बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, टाटा स्टील, एशियन पेंट्स और इन्फोसिस के शेयर भी मजबूत रहे। इसके विपरीत भारतीय स्टेट बैंक, इटर्नल, एनटीपीसी, आईटीसी और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए।

एफआईआई ने 480.24 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध खरीदारी की

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को शुद्ध रूप से 480.24 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.10 प्रतिशत बढ़कर 84.47 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई।

देश विरोधी तत्वों ने स्लोवेनिया में भारतीय दूतावास को क्षतिग्रस्त किया, भारत ने की काररवाई की मांग

नई दिल्ली, 10 अगस्त। स्लोवेनिया की राजधानी ल्युब्ल्याना स्थित भारतीय दूतावास परिसर को भारत विरोधी तत्वों ने क्षतिग्रस्त कर दिया। भारत सरकार ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है और दोषियों के खिलाफ सख्त काररवाई की मांग की है।

विदेश मंत्रालय ने उठाया मुद्दा

विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पष्ट कहा कि वियना कन्वेंशन के तहत किसी भी देश के राजनयिक परिसर की सुरक्षा और उसकी पवित्रता सुनिश्चित करना अनिवार्य है। मंत्रालय ने इस मामले को नई दिल्ली और ल्युब्ल्याना, दोनों स्तरों पर स्लोवेनियाई अधिकारियों के समक्ष मजबूती से रखा है।

एमईए ने जोर देकर कहा कि इस तरह की निंदनीय घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। साथ ही, कानून प्रवर्तन एजेंसियों से ऐसे समूहों द्वारा फैलाई जा रही घृणा और दुष्प्रचार का संज्ञान लेने का आग्रह किया है।

द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के प्रयासों के बीच घटना

यह घटना ऐसे समय हुई है, जब भारत और स्लोवेनिया अपने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। गत माह भारतीय राजदूत अमित नारंग ने स्लोवेनिया के विदेश एवं यूरोपीय मामलों के मंत्री टोने काजर से मुलाकात की थी। दोनों पक्षों ने सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। भारतीय दूतावास ने बताया कि राजदूत ने विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर का पत्र सौंपा और बातचीत सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई।

गत 24 जून को सचिव (पश्चिम) राजदूत सिबी जॉर्ज ने स्लोवेनिया के राष्ट्रीय दिवस समारोह में हिस्सा लिया था। उस मौके पर स्लोवेनिया ने सीमा पार आतंकवाद समेत हर क्षेत्र में भारत के साथ खड़े रहने का वादा दोहराया था।

दोनों देशों के बीच 1992 से हैं राजनयिक संबंध

भारत और स्लोवेनिया के बीच राजनयिक संबंध 1992 में स्थापित हुए थे। ल्युब्ल्याना में भारतीय दूतावास 2007 से कार्यरत है। ऐसे में राजनयिक परिसर को नुकसान पहुंचाने की घटना को भारत ने बेहद गंभीरता से लिया है और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया है।

यूपी सरकार की नई पहल : 10 रुपये प्रति लीटर खरीदा जाएगा गोमूत्र, पायलट प्रोजेक्ट के तहत बुलंदशहर में खरीद शुरू

लखनऊ, 10 अगस्त। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप गो संरक्षण को ग्रामीण अर्थव्यवस्था, महिला सशक्तिकरण और जैविक खेती से जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार ने नई पहल शुरू की है। इसके तहत बुलंदशहर में किसान उत्पादक संगठन (FPO) के माध्यम से पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर गोमूत्र की खरीद शुरू की गई है और किसानों व पशुपालकों से 10 रुपये प्रति लीटर की दर से गोमूत्र खरीदा जा रहा है।

सफलता मिली तो मॉडल को प्रदेश के अन्य हिस्सों तक पहुंचाने की तैयारी

पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद इस मॉडल को प्रदेश के अन्य हिस्सों तक पहुंचाने की तैयारी है। इससे गोवंश पालने वाले परिवारों को दूध के साथ गोमूत्र से भी अतिरिक्त आमदनी का रास्ता मिल सकेगा। बुलंदशहर की स्याना तहसील के नरसैना गांव में डॉ. प्रवीण के नेतृत्व में एफपीओ के जरिए शुरू हुए इस प्रयोग से आसपास के 15 गांवों को जोड़ा गया है। इन गांवों में गोमूत्र एकत्र करने के लिए स्थानीय स्तर पर केंद्र बनाए गए हैं।

FPO के जरिए प्रतिदिन करीब 500 लीटर गोमूत्र एकत्र किया जा रहा

वर्तमान में इन केंद्रों के माध्यम से प्रतिदिन करीब 500 लीटर गोमूत्र एकत्र किया जा रहा है। आगे खरीद की दर बढ़ाकर इसे 20 रुपये प्रति लीटर करने की भी योजना है। गोमूत्र के संग्रहण के लिए गांवों में 200 लीटर क्षमता के टैंक लगाए गए हैं। इससे पशुपालकों को गोमूत्र बेचने के लिए दूर नहीं जाना पड़ता। गांव में ही इसकी खरीद और संग्रह की व्यवस्था की गई है। स्थानीय स्तर पर संग्रहण की व्यवस्था होने से पशुपालकों, विशेषकर महिलाओं को इससे जोड़ना आसान हुआ है। इस पूरी व्यवस्था में ग्रामीण महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।

सहयोग करने वाली महिलाओं को प्रति लीटर दो रुपये कमीशन

गांवों में गोमूत्र एकत्र करने में सहयोग करने वाली महिलाओं को प्रति लीटर दो रुपये कमीशन दिया जा रहा है। इससे महिलाओं के लिए भी गांव में रहते हुए अतिरिक्त आमदनी का एक नया जरिया तैयार हुआ है। डॉ. प्रवीण ने बताया कि इस पहल को केवल गोमूत्र की खरीद-बिक्री तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे महिला सशक्तीकरण से भी जोड़ा गया है। करीब 300 महिलाओं के सहयोग से यह काम शुरू किया गया है और इन सभी महिलाओं को शेयरहोल्डर बनाया गया है। इससे महिलाएं केवल संग्रहण व्यवस्था का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि इस पूरे आर्थिक मॉडल से सीधे जुड़ी हुई हैं।

अधिक संख्या में ग्रामीण महिलाओं को इससे जोड़ने की संभावना

गोमूत्र संग्रह के एवज में मिलने वाला कमीशन महिलाओं के लिए छोटी आय का नियमित साधन बन रहा है। इसका दायरा बढ़ने पर अधिक संख्या में ग्रामीण महिलाओं को इससे जोड़ने की संभावना है। खासतौर पर गोपालन करने वाले परिवारों की महिलाओं के लिए यह घर और गांव में रहते हुए आमदनी बढ़ाने का जरिया बन सकता है। एकत्र किए गए गोमूत्र का उपयोग खेती के लिए उपयोगी उत्पाद तैयार करने में किया जा रहा है। गोमूत्र में विभिन्न जड़ी-बूटियों को मिलाकर खेतों में इस्तेमाल होने वाली दवाएं तैयार की जाती हैं। इन्हें बाद में समितियों के माध्यम से किसानों तक पहुंचाया जाता है।

रासायनिक उत्पादों के विकल्प के रूप में गोमूत्र आधारित उत्पादों को बढ़ावा देना इस मॉडल का उद्देश्य

इस मॉडल का उद्देश्य खेती में रासायनिक उत्पादों के विकल्प के रूप में गोमूत्र आधारित उत्पादों को बढ़ावा देना भी है। इससे एक तरफ गोवंश से मिलने वाले उत्पादों का उपयोग बढ़ेगा तो दूसरी तरफ प्राकृतिक और जैविक खेती को भी प्रोत्साहन मिल सकेगा। तैयार उत्पादों की बिक्री समितियों को किए जाने से इसके लिए स्थानीय स्तर पर बाजार की व्यवस्था भी विकसित की जा रही है। अभी तक ग्रामीण क्षेत्रों में गोपालन से होने वाली आय मुख्य रूप से दूध और दुग्ध उत्पादों पर निर्भर रहती है।

भविष्य में खरीद की दर बढ़ाकर 20 रुपये प्रति लीटर करने की भी योजना

इस प्रयोग के जरिए गोमूत्र को भी आर्थिक संसाधन के रूप में विकसित करने की कोशिश की जा रही है। 10 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीद होने पर पशुपालकों को गोवंश से अतिरिक्त आमदनी हो सकती है। आगे इसे 20 रुपये प्रति लीटर तक ले जाने की योजना सफल होती है तो पशुपालकों की आय में और वृद्धि हो सकती है। गोवंश से दूध के अतिरिक्त दूसरे उत्पादों के जरिए भी आय होने पर उनके संरक्षण को आर्थिक आधार मिल सकता है। गोमूत्र की नियमित खरीद की व्यवस्था विकसित होने से गोपालकों को पशुओं की देखभाल के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलेगा।

गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि बुलंदशहर में शुरू हुए इस मॉडल को गो संरक्षण, ग्रामीण रोजगार, महिला सशक्तीकरण और जैविक/प्राकृतिक खेती को एक साथ जोड़ने वाले प्रयोग के रूप में देखा जा रहा है। इसमें गांव से गोमूत्र का संग्रह होता है, महिलाओं को इससे आय मिलती है और एकत्र गोमूत्र से खेती के लिए उत्पाद तैयार कर उन्हें समितियों के माध्यम से बाजार तक पहुंचाया जाता है। यह पूरी तरह से केमिकल मुक्त है और फसलों की वृद्धि में सहायक होता है।

पायलट प्रोजेक्ट के अनुभवों के आधार पर इसे प्रदेश के दूसरे क्षेत्रों में विस्तार देने की योजना है। इससे गांवों में गोमूत्र संग्रह केंद्रों का नेटवर्क विकसित होगा, जिससे पशुपालकों के लिए आय का अतिरिक्त स्रोत तैयार होने के साथ गो संरक्षण को भी आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाने में मदद मिल सकती है।

अमरनाथ यात्रा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित:बालटाल एवं पहलगाम मार्गों पर ट्रैक क्षतिग्रस्त

जम्मू, 10 अगस्त। उत्तर और दक्षिण कश्मीर के बालटाल एवं पहलगाम मार्गों पर ट्रैक क्षतिग्रस्त होने तथा खराब मौसम को लेकर जारी चेतावनी के कारण अमरनाथ यात्रा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई है।

यात्री निवास में मौजूद सभी तीर्थयात्रियों से घर लौटने का आग्रह

अधिकारियों ने बताया कि दोनों बेस कैंप से जाने वाले दो रास्तों को ठीक करने में काफी समय लगेगा। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए श्री अमरनाथ जी यात्रा-2026 को रोक दिया गया है और बेस कैंप तथा जम्मू में भगवती नगर यात्री निवास में मौजूद सभी तीर्थयात्रियों से घर लौटने को कहा गया है।

इस वर्ष की अमरनाथ यात्रा के लिए पंजीकरण भी बंद

अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष की अमरनाथ यात्रा के लिए पंजीकरण भी बंद कर दिया गया है और अब श्रद्धालुओं को कश्मीर घाटी की ओर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। हालांकि, ‘छड़ी मुबारक’ (भगवान शिव की पवित्र गदा) पारंपरिक पहलगाम मार्ग से यात्रा करते हुए 28 अगस्त को पवित्र गुफा तक पहुंचेगी। इसी दिन अमरनाथ यात्रा का औपचारिक समापन होगा।

अब तक 4.80 लाख से अधिक श्रद्धालु कर चुके बाबा बर्फानी के दर्शन

गत तीन जुलाई से शुरू हुई 57 दिनों की श्री अमरनाथ यात्रा 2026 के दौरान अब तक 4.80 लाख से अधिक श्रद्धालु समुद्र तल से 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। अधिकारियों ने कहा कि अब केवल उन्हीं यात्री काफिलों को जाने की इजाजत होगी, जो तीर्थयात्रियों को घाटी से वापस ला रहे होंगे।

अगले दो दिनों में जम्मू-कश्मीर में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान

मौसम विभाग ने अगले दो दिनों में जम्मू-कश्मीर में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया है। पवित्र गुफा मंदिर की भौगोलिक स्थिति और ऊंचाई को देखते हुए, खराब मौसम का आने वाले दिनों में यात्रा के दोनों रास्तों और गुफा मंदिर क्षेत्र पर बहुत बुरा असर पड़ेगा।

दोनों बेस कैंप के आगे के इलाके को ‘नो-फ्लाई जोन’ घोषित कर दिया गया था, इसलिए इस साल यात्रियों के लिए कोई हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध नहीं थी। जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीएपीएफ और सेना की निगरानी के कारण इस वर्ष की अमरनाथ यात्रा बिना किसी घटना के संपन्न हुई और सुरक्षा के कड़े इंतजामों की वजह से कोई दिक्कत नहीं आई।

Har Ghar Tiranga: दिल्ली मेट्रो पर चढ़ा देशभक्ति का रंग, ‘हर घर तिरंगा’ थीम वाली खास मेट्रो शुरू

नई दिल्ली, 10 अगस्त। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने ‘हर घर तिरंगा’ थीम वाली एक खास मेट्रो पेश की है। इस मेट्रो पर देशभक्ति स्लोगन लिखे गए हैं, जिसमें ‘हर घर तिरंगा’ भी शामिल है। दिल्ली मेट्री के अनुसार यह मेट्रो येलो लाइन पर चलाई जा रही है। 

येलो लाइन पर संचालित की जा रही ‘हर घर तिरंगा’ मेट्रो

डीएमआरसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के जश्न के तहत आयोजित हफ्ते भर चलने वाले कार्यक्रमों के हिस्से के तौर पर दिल्ली मेट्रो ने रविवार को आजादी की भावना का जश्न मनाने के लिए ‘हर घर तिरंगा’ थीम वाली एक खास मेट्रो पेश की। यह मेट्रो दिल्ली मेट्रो नेटवर्क की येलो लाइन पर चल रही है।

पोस्ट में आगे कहा गया है कि इस वर्ष ‘हर घर तिरंगा’ अभियान भारत के राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के 150वें वर्ष के खास अवसर का जश्न मना रहा है। सभी नागरिकों को गर्व के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराने और डिजिटल कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि देशभर में तिरंगा यात्रा निकाली गई और हर घर तिरंगा अभियान की शुरुआत की गई। दिल्ली मेट्रो भी इस अभियान में शामिल हो गई है।

पीएम मोदी वर्ष 2022 में शुरू किया था ‘हर घर तिरंगा’ अभियान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2022 में शुरू हुआ ‘हर घर तिरंगा’ अभियान आज राष्ट्रप्रेम और जनभागीदारी का एक व्यापक जनआंदोलन बन चुका है। इस वर्ष 9 से 17 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा’ अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर संस्कृति मंत्रालय की पोस्ट को रिपोस्ट भी किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने पोस्ट में लिखा, “हमारा तिरंगा हमारा गौरव है और देश के लिए हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ देने की निरंतर प्रेरणा है। आइए, हम ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में उत्साहपूर्वक भाग लें और ‘विकसित भारत’ के निर्माण में योगदान देने के अपने सामूहिक संकल्प को दोहराएं। खुशी है कि इस वर्ष के प्रयास ‘वंदे मातरम’ को समर्पित हैं, और वह भी ऐसे समय में जब हम इसकी 150वीं वर्षगांठ मना रहे हैं।”

वहीं, संस्कृति मंत्रालय ने अभियान की वेबसाइट ‘हर घर तिरंगा डॉट कॉम’ लॉन्च करते हुए कहा कि पिछले 150 सालों से ‘वंदे मातरम’ के उद्घोष ने देश की आत्मा को झकझोरा है। इस स्वतंत्रता दिवस पर जब भारत ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत तिरंगा यात्राओं, रैलियों, संगीत कार्यक्रमों और सामूहिक गायन के लिए एकजुट हो रहा है, तो आइए वही भावना हर गली और हर घर तक पहुंचाएं।

PM Modi से नरेंदर ने सुनाया पाकिस्तानी बॉक्सर का मजेदार किस्सा, बोले- ‘नरेंदर नाम से नफरत हो गई’

नई दिल्ली, 10 जुलाई। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 13 गोल्ड समेत कुल 39 पदक अपने नाम किए। पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने आवास पर मुलाकात की। इस दौरान भारतीय मुक्केबाज नरेंदर ने प्रधानमंत्री के साथ पाकिस्तानी मुक्केबाज से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा साझा किया, जिसे सुनकर पीएम मोदी जोर-जोर से हंस पड़े।

नरेंदर ने बताया कि साल 2015 में वर्ल्ड मिलिट्री गेम्स में हिस्सा लेने के लिए वह गए थे। वहां उनकी पहली फाइट ही पाकिस्तान के एक मुक्केबाज से हुई थी। उन्होंने बताया कि भारतीय सेना की ओर से उन्हें फोन आया था कि “चाहे जो जाए, पाकिस्तान से नहीं हारना है।” नरेंदर के मुताबिक, उन्होंने पहला बाउट 4-1 से जीत लिया। दूसरे बाउट में पाकिस्तानी मुक्केबाज ने उन्हें कड़ी टक्कर दी, लेकिन वह इसे भी 3-2 से जीतने में सफल रहे।

सिर टकराने से दोनों मुक्केबाज हुए घायल

भारतीय मुक्केबाज ने बताया कि मुकाबले के दौरान दोनों खिलाड़ियों के सिर आपस में टकरा गए, जिससे दोनों को चोट लगी और कट लग गया। इसके बाद नरेंदर और पाकिस्तानी मुक्केबाज दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। नरेंदर ने बताया कि भारतीय सेना की ओर से उनके साथ जो कोच गए थे, उनका नाम भी नरेंदर राणा था।

‘आपके प्रधानमंत्री का नाम भी नरेंदर’

नरेंदर ने पीएम मोदी को बताया कि अस्पताल में पाकिस्तानी मुक्केबाज ने उनसे मजाकिया अंदाज में कहा, “आपका नाम नरेंदर है, आपके कोच का नाम नरेंदर है और आपके प्रधानमंत्री का नाम भी नरेंदर है। ऐसे में मुझे नरेंदर नाम से ही नफरत हो गई है।” नरेंदर का यह किस्सा सुनकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी हंसी नहीं रोक पाए और जोर-जोर से हंसते नजर आए।

90+ किलोग्राम वर्ग में जीता सिल्वर

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में नरेंदर ने 90+ किलोग्राम कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीता। वह गोल्ड मेडल से सिर्फ एक कदम दूर रह गए। फाइनल मुकाबले में उन्हें इंग्लैंड के डामार थॉमस के खिलाफ 0-5 से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों का प्रदर्शन शानदार रहा। पुरुष और महिला मुक्केबाजों ने मिलकर कुल 10 पदक भारत की झोली में डाले।