रांची, 10 अगस्त। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर पिछले नौ दिनों से भूख हड़ताल बैठे झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता देवेंद्र नाथ महतो को सोमवार को प्रदर्शनकारी छात्रों के मार्च में शामिल होने के बाद तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
डॉक्टरों ने महतो की हालत गंभीर बताई है क्योंकि उनका ब्लड शुगर लेवल ‘बहुत ज्यादा’ गिर गया है। रांची सदर अस्पताल की मेडिकल ऑफिसर नैन्सी प्रिया ने मीडिया को बताया, ‘उनका इलाज इमरजेंसी वार्ड में किया जा रहा है।’ अस्पताल में महतो के साथ मौजूद उनके सहयोगी पंकज कुमार ने दावा किया कि जेएलकेएम नेता विधानसभा के पास पुलिस लाठीचार्ज में घायल हो गए।
महतो ने आंदोलन जारी रखने का लिया संकल्प
वहीं अस्पताल में भर्ती होने से पहले महतो ने सरकार पर छात्रों के आंदोलन को दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह आंदोलन जारी रखेंगे। महतो ने कहा, ‘सरकार लाठी, गोली और बंदूक से नहीं चलाई जा सकती। सरकार लोगों को संतुष्ट रखकर चलाई जाती है। आज सत्याग्रह का 17वां दिन है। मैं नौ दिनों से भूख हड़ताल पर हूं। उन्होंने मुझे भी प्रताड़ित किया और जबरन एम्बुलेंस में डाल दिया। लेकिन, मैं यह लड़ाई जारी रखूंगा।’
झड़प में कई प्रदर्शनकारी और 4 पुलिसकर्मी घायल
अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को झारखंड विधानसभा के पास हुई झड़प में कई प्रदर्शनकारी और चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे नौकरी के उम्मीदवारों को हटाने के लिए वॉटर कैनन, आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया।
विधानसभा के पास प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प
पूर्वाह्न करीब 10.30 बजे पुरानी विधानसभा बिल्डिंग के बाहर से शुरू हुआ मार्च तब तनावपूर्ण हो गया, जब प्रदर्शनकारियों ने विधानसभा तक पहुंचने की कोशिश में कई बैरिकेड तोड़ दिए। जब प्रदर्शनकारी जगन्नाथपुर मंदिर पहुंचे तो पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया।
बैरिकेड्स तोड़ विधानसभा के गेट नंबर एक तक पहुंच गए प्रदर्शनकारी
स्थिति तब और बिगड़ गई जब प्रदर्शनकारियों ने आखिरी बैरिकेड पार करने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। जब प्रदर्शनकारी विधानसभा के करीब 200 मीटर के दायरे में पहुंचे, तो आँसू गैस के कई गोले दागे गए। आखिरकार प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स तोड़ दिए और विधानसभा के गेट नंबर एक तक पहुंच गए, जहां उन्होंने धरना दिया और अपनी मांगें पूरी होने तक वहां से हटने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने एक बार फिर लाठीचार्ज किया।
कई प्रदर्शनकारियों ने, जिनमें महिला प्रदर्शनकारी भी शामिल थीं, आरोप लगाया कि पुलिस की काररवाई में वे घायल हो गए। प्रदर्शनकारी पीयूष कुमार सोनी ने कहा, ‘लाठीचार्ज बर्बर था। हम शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे थे, लेकिन सरकार ने हमारे खिलाफ लाठियों का इस्तेमाल किया। वे हमें शारीरिक चोट तो पहुंचा सकते हैं, लेकिन हमारी सोच को नुकसान नहीं पहुंचा सकते।’ उन्होंने आरोप लगाया कि कई महिला छात्राएं घायल हुईं।
हालांकि, रांची सिटी एसपी पारस राणा ने कहा कि प्रदर्शनकारियों की ओर से पत्थरबाजी के दौरान चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। राणा ने कहा, ‘उनमें से तीन के सिर में चोटें आईं… हालांकि ज़्यादातर प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण थे, लेकिन लगभग 15 प्रतिशत लोग उग्र हो गए थे।’
परीक्षाएं रद करने की मांग पर अड़े हैं प्रदर्शनकारी
उल्लेखनीय है कि प्रदर्शनकारी परीक्षाएं रद करने की मांग पर अड़े हैं। वहीं वे झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) के कामकाज में बड़े सुधारों की मांग कर रहे हैं। वे कई भर्ती परीक्षाओं को रद करने और कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की भी मांग कर रहे हैं। ये जांच या तो CBI से या राज्य के बाहर के रिटायर्ड हाई कोर्ट जजों के पैनल से कराई जाए।
प्रदर्शनकारियों का दावा है कि सरकार उन 13 परीक्षाओं में से केवल तीन को रद करने पर सहमत हुई है, जिन्हें वे रद करवाना चाहते हैं। सरकार ने प्रदर्शनकारियों के साथ कई दौर की बातचीत की है, लेकिन अब तक गतिरोध खत्म करने में नाकाम रही है।
