मुंबई, 11 जुलाई। भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को कारोबार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 250 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी 50 भी 24,550 के स्तर से नीचे फिसल गया। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों को लेकर निवेशकों की चिंता का असर घरेलू बाजार पर देखने को मिला। इसके अलावा भारती एयरटेल और इंडिगो जैसे बड़े शेयरों में बिकवाली ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया। शुरुआती कारोबार में कई प्रमुख शेयरों में कमजोरी के चलते दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में नजर आए।
GIFT Nifty ने पहले ही दे दिए थे कमजोर शुरुआत के संकेत
भारतीय बाजार खुलने से पहले ही कमजोरी के संकेत मिल गए थे। NSE IX पर GIFT Nifty 15 अंक यानी 0.06 फीसदी की गिरावट के साथ 24,616.50 पर कारोबार कर रहा था। इससे घरेलू बाजार के कमजोर शुरुआत करने के संकेत मिले थे। इससे पहले सोमवार को भी भारतीय शेयर बाजार में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं देखने को मिला था। सेंसेक्स और निफ्टी लगभग सपाट स्तर पर बंद हुए थे।
सेंसेक्स में 250 अंक से ज्यादा की गिरावट
मंगलवार को शुरुआती कारोबार में बिकवाली बढ़ने के साथ सेंसेक्स 250 अंक से ज्यादा नीचे चला गया। वहीं निफ्टी 50 भी 24,550 के स्तर को पार करते हुए नीचे फिसल गया। बाजार में कमजोरी किसी एक सेक्टर तक सीमित नहीं रही। कई प्रमुख और बड़े शेयरों में बिकवाली देखने को मिली, जिसका असर दोनों प्रमुख सूचकांकों पर पड़ा।
एयरटेल और इंडिगो के शेयरों पर दबाव
मंगलवार के कारोबार में भारती एयरटेल और इंडिगो के शेयरों में कमजोरी देखने को मिली। इन शेयरों में गिरावट ने भी बाजार की चाल को प्रभावित किया। इसके अलावा विप्रो, बीएसई, वोडाफोन आइडिया और हुंडई इंडिया के शेयर भी निवेशकों के रडार पर रहे। इन प्रमुख शेयरों में होने वाली हलचल पर बाजार की नजर बनी हुई है।
एशियाई बाजारों में भी कमजोरी
भारतीय शेयर बाजार के अलावा मंगलवार को एशिया के प्रमुख शेयर बाजारों में भी कमजोरी का माहौल रहा। अमेरिकी इक्विटी इंडेक्स फ्यूचर्स भी दबाव में नजर आए। ऐसे में घरेलू बाजार को वैश्विक बाजारों से भी मजबूत सपोर्ट नहीं मिल सका। मिडिल ईस्ट की स्थिति और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों के बीच सतर्कता बढ़ाई है।
शेयर बाजार में गिरावट, सोने में तेजी
एक तरफ जहां शेयर बाजार दबाव में है, वहीं सोने की कीमतों में तेजी जारी है। मंगलवार को सोना लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में मजबूत हुआ और दो महीने से ज्यादा के उच्च स्तर पर पहुंच गया। बाजार में बढ़ी अनिश्चितता को सोने में तेजी की प्रमुख वजहों में से एक माना जा रहा है। आमतौर पर जब शेयर बाजार में जोखिम बढ़ता है और निवेशकों की चिंता बढ़ती है, तो सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग बढ़ सकती है।

