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कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 388 अंक टूटा, निफ्टी 24500 के नीचे

मुंबई, 11 अगस्त। होर्मुज जलडमरूमध्य सहित अन्य कारकों से वैश्विक स्तर पर जारी अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर स्थानीय शेयर बाजार पर भी दिखा और मंगलवार को दोनों मानक सूचकांक लाल निशान पर ठहरे। बीएसई सेंसेक्स 388 अंक लुढ़क गया जबकि एनएसई निफ्टी में 112 अंकों की गिरावट दर्ज की गई।

सेंसेक्स 388.19 अंक टूटकर 78,154.25 पर बंद

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 388.19 अंक यानी 0.49 प्रतिशत की गिरावट के साथ 78,154.25 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 494.18 अंक यानी 0.62 प्रतिशत टूटकर 78,048.26 अंक तक जा गिरा था। सेंसेक्स से संबद्ध कम्पनियों में 25 के शेयरों में कमजोरी रही और सिर्फ पांच मजबूत हुए।

निफ्टी 112.10 अंकों की गिरावट से 24,471.70 पर बंद

उधर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी भी 112.10 अंक यानी 0.46 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,471.70 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी से संबद्ध कम्पनियों में 13 के स्टॉक लाभ में रहे तो 37 में नुकसान उठाना पड़ा।

अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयर में सबसे ज्यादा 2.75 फीसदी की गिरावट

सेंसेक्स समूह में शामिल कम्पनियों में अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयर में सबसे ज्यादा 2.75 फीसदी की गिरावट रही। एक्सिस बैंक, इंटरग्लोब एविएशन, भारती एयरटेल, बजाज फाइनेंस और पावर ग्रिड के शेयरों में भी प्रमुख रूप से गिरावट दर्ज की गई। वहीं इटर्नल, इन्फोसिस, टाइटन, एचसीएल टेक और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के शेयर लाभ में रहे।

एफआईआई ने 1,974.76 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध लिवाली की

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 1,974.76 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध लिवाली की। वहीं वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत 2.18 प्रतिशत बढ़कर 89.63 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई।

सीएम भूपेंद्र पटेल बोले- गुजरात बजट का 39% पूंजीगत खर्च के लिए, GIFT City का वैश्विक वित्तीय केंद्र के रूप में विस्तार

गांधीनगर, 11 अगस्त। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार ने इस वर्ष अपने कुल बजट का 39 प्रतिशत पूंजीगत व्यय के लिए आवंटित किया है। उन्होंने गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (GIFT City) में HSBC और NDTV द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित ‘ग्लोबल कनेक्ट GIFT City एडिशन’ के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि राज्य का जोर बुनियादी ढांचे और उभरते क्षेत्रों के विकास पर है जबकि GIFT City अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र के रूप में लगातार विस्तार कर रही है।

भूपेंद्र पटेल ने कहा कि पूंजीगत व्यय के लिए किया गया आवंटन राज्य के बुनियादी ढांचे के साथ-साथ उन्नत तकनीक, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे क्षेत्रों पर व्यापक ध्यान का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि GIFT City प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत के वित्तीय क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर ले जाने के विजन को साकार करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन गई है।

देश की पहली फाइनेंशियल टेक सिटी बनकर दुनिया में भारत की नई पहचान बना रही GIFT City

पटेल ने कहा, ‘GIFT City देश की पहली फाइनेंशियल टेक सिटी बनकर दुनिया में भारत की नई पहचान बना रही है।’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। GIFT City में देश का एकमात्र इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर (IFSC) और बुलियन एक्सचेंज भी वित्तीय क्षेत्र के विकास को नई गति दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री के अनुसार, GIFT City में बैंकिंग, बीमा, एसेट मैनेजमेंट, कैपिटल मार्केट सेवाएं, फंड मैनेजमेंट, फिनटेक, एयरक्राफ्ट लीजिंग और शिप लीजिंग सहित कई क्षेत्रों का विस्तार हो रहा है।

GIFT City में संचालित व्यवसायों के लिए विशेष प्रोत्साहनों की घोषणा

उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट में GIFT City में काम करने वाले व्यवसायों के लिए विशेष प्रोत्साहनों की घोषणा की गई है। इनमें पहले के 10 साल की अवधि के बजाय लगातार 20 साल का टैक्स हॉलिडे देने का प्रावधान शामिल है। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और वित्तीय केंद्र में निवेश के लिए अधिक लचीलापन मिलेगा।

वित्तीय सेवाओं में AI की बढ़ती भूमिका पर भी जोर

सीएम पटेल ने वित्तीय सेवाओं में AI की बढ़ती भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि AI अब केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि बैंकिंग, जोखिम प्रबंधन और वेल्थ मैनेजमेंट में भी बड़े बदलाव ला रहा है। उन्होंने कहा कि GIFT City में स्थापित AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस नए समाधान, विशेषज्ञों, कारोबारों और स्टार्टअप्स को एक मंच पर लाने के लिए महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है।

मुख्यमंत्री ने GIFT City में ग्रीन बॉन्ड, सतत वित्तपोषण, क्लाइमेट फाइनेंस और नवीकरणीय ऊर्जा वित्तपोषण की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ये पहल ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन से निबटने तथा प्रधानमंत्री के ‘ग्रीन ग्रोथ’ दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में मदद करेंगी।

साबरमती रिवरफ्रंट को GIFT City तक विस्तारित करने का काम जारी

उन्होंने कहा कि GIFT City में रहने और काम करने वाले लोगों की सुविधाओं और कनेक्टिविटी को भी बेहतर बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि लोगों की आवाजाही आसान बनाने के लिए मेट्रो कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट को GIFT City तक विस्तारित करने का काम भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने GIFT City के विकास को प्रधानमंत्री मोदी की उस सोच का उदाहरण बताया, जिसमें वर्तमान से आगे सोचकर भविष्य की योजनाओं को वास्तविकता में बदला जाता है।

पीएम मोदी की देशवासियों से अपील : ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को उत्सव की तरह मनाएं

नई दिल्ली, 11 अगस्त। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशवासियों से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को उत्सव के रूप में मनाने की अपील की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफर्म इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर करते हुए कहा, “आइए, ‘हर घर तिरंगा’ को हर घर में एक उत्सव के रूप में मनाएं। 15 अगस्त को आन-बान-शान से मनाएं, स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दें और विकसित भारत का संकल्प लें। हर घर तिरंगा, घर-घर तिरंगा, हर मन तिरंगा। आइए, हर घर पर तिरंगा लहराइए।”

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संसद में ‘मंगल मिलन’ के दौरान तिरंगा और वंदे मातरम् का जयघोष

इससे पहले दिन में संसद पुस्तकालय में आयोजित ‘मंगल मिलन’ कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी तिरंगा ध्वज के साथ नजर आए। इस मौके पर सभी सांसदों के हाथ में तिरंगा था और उन्होंने जोर-जोर से ‘वंदे मातरम्’ के नारे लगाए। पीएम मोदी द्वारा शेयर किए गए वीडियो में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन समेत एनडीए के कई नेता भी दिखाई दिए।

दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता और उत्तराखंड सीएम धामी ने किया समर्थन

प्रधानमंत्री की अपील पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर लिखा, “आइए, स्वतंत्रता के अमर सेनानियों को नमन करें, जिन्होंने अपने त्याग, तप और बलिदान से भारत की स्वाधीनता का मार्ग प्रशस्त किया। पीएम मोदी ने हर दिल्लीवासी और हर भारतवासी से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को जन-जन का राष्ट्रपर्व बनाने का आह्वान किया है। आइए, अपने घर पर तिरंगा फहराएं, वीरों के बलिदान को स्मरण करें और राष्ट्रगौरव के इस उत्सव को हर गली, हर कॉलोनी तक पहुंचाएं। हर घर तिरंगा। हर मन तिरंगा। भारत माता की जय।”

रेखा गुप्ता ने लोगों से नौ से 17 अगस्त तक चल रहे अभियान से जुड़ने और राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 गौरवशाली वर्षों के अवसर पर बलिदानियों को नमन करने की भी अपील की।

वहीं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में संसद भवन परिसर में आयोजित एनडीए संसदीय दल की ‘मंगल मिलन’ बैठक के दौरान राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय गौरव से ओतप्रोत अद्भुत दृश्य देखने को मिला। एनडीए नेताओं द्वारा एक साथ तिरंगा लहराने और ‘वंदे मातरम्’ का उद्घोष करने का यह दृश्य हर देशवासी के हृदय में गर्व की भावना को और मजबूत करता है।

भाजपा सांसद मेधा कुलकर्णी ने बताया गौरवपूर्ण क्षण

भाजपा सांसद मेधा कुलकर्णी ने भी सोशल मीडिया पर लिखा, “हाथों में तिरंगा, कंठ में ‘वंदे मातरम्’ का जयघोष और मन में राष्ट्रभक्ति का भाव। ‘मंगल मिलन’ संसदीय बैठक के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन एवं एनडीए के अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ तिरंगा लहराने का यह क्षण अत्यंत गौरवपूर्ण रहा।”

ज्ञातव्य है कि पीएम मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत देशभर में, विशेषकर भाजपा शासित प्रदेशों में बाइक रैली सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस दौरान लोग स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपने घरों पर तिरंगा लहराकर राष्ट्र के प्रति गौरव और समर्पण की भावना व्यक्त करते हैं।

केरल अब ‘केरलम’ नाम से जाना जाएगा : विपक्ष की नारेबाजी के बीच लोकसभा में बिल ध्वनिमत से पास

नई दिल्ली, 11 अगस्त। लोकसभा में विपक्ष सांसदों की लगातार नारेबाजी के बीच मंगलवार को ‘केरल (नाम परिवर्तन) बिल, 2026’ को ध्वनिमत से पास कर दिया गया। इस बिल में केरल राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने का प्रस्ताव है।

नित्यानंद राय ने सदन में पेश किया बिल

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने सदन में यह बिल पेश किया जबकि विपक्षी सांसद 20 जुलाई को नीट प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस काररवाई पर गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी और बयान की मांग करते हुए नारेबाजी करते रहे।

सदन में जारी रहा हंगामा

सदन की अध्यक्षता कर रहे कृष्णा प्रसाद टेनेटी ने विपक्षी सांसदों से सदन को सुचारू रूप से चलने देने का आग्रह किया। हालांकि, हंगामा जारी रहा। नित्यानंद राय और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने केरल का नाम बदलने वाले बिल पर चर्चा न करने के लिए विपक्ष की आलोचना की। किरेन रिजिजू ने कहा, ‘यह दुखद है कि केसी वेणुगोपाल जैसे वरिष्ठ कांग्रेस नेता भी इस बिल पर नहीं बोलेंगे।’

आखिरकार, जब हंगामा नहीं थमा तो बिना चर्चा के ही ध्वनिमत से बिल पास कर दिया गया। इससे पहले गत फरवरी में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ‘केरल’ का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।

मलयालम भाषा में राज्य का नाम ‘केरलम’

गौरतलब है कि केरल विधानसभा ने 24 जून, 2024 को ‘केरल’ का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने का प्रस्ताव पास किया था। इस प्रस्‍ताव में कहा गया, “मलयालम भाषा में हमारे राज्य का नाम ‘केरलम’ है।”

पास प्रस्‍ताव में कहा गया था, “एक नवम्बर 1956 को भाषा के आधार पर राज्यों का गठन किया गया था। एक नवम्बर को ‘केरल पिरवी दिवस’ भी मनाया जाता है। देश की आजादी की लड़ाई के समय से ही मलयालम भाषा बोलने वाले लोगों के लिए ‘संयुक्त केरल’ के गठन की जोरदार मांग रही है। हालांकि, संविधान की पहली अनुसूची में हमारे राज्य का नाम ‘केरल’ दर्ज है। केरल विधानसभा सर्वसम्मति से केंद्र सरकार से अपील करती है कि वह संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के लिए तत्काल कदम उठाए।”

इसके बाद, केरल सरकार ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत ‘केरल’ का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के लिए संविधान की पहली अनुसूची में संशोधन करने हेतु आवश्यक कदम उठाए जाएं।

Share Market Today: कमजोर शुरुआत के साथ खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स 250 अंक टूटा; निफ्टी 24,550 के नीचे

मुंबई, 11 जुलाई। भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को कारोबार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 250 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी 50 भी 24,550 के स्तर से नीचे फिसल गया। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों को लेकर निवेशकों की चिंता का असर घरेलू बाजार पर देखने को मिला। इसके अलावा भारती एयरटेल और इंडिगो जैसे बड़े शेयरों में बिकवाली ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया। शुरुआती कारोबार में कई प्रमुख शेयरों में कमजोरी के चलते दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में नजर आए।

GIFT Nifty ने पहले ही दे दिए थे कमजोर शुरुआत के संकेत

भारतीय बाजार खुलने से पहले ही कमजोरी के संकेत मिल गए थे। NSE IX पर GIFT Nifty 15 अंक यानी 0.06 फीसदी की गिरावट के साथ 24,616.50 पर कारोबार कर रहा था। इससे घरेलू बाजार के कमजोर शुरुआत करने के संकेत मिले थे। इससे पहले सोमवार को भी भारतीय शेयर बाजार में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं देखने को मिला था। सेंसेक्स और निफ्टी लगभग सपाट स्तर पर बंद हुए थे।

सेंसेक्स में 250 अंक से ज्यादा की गिरावट

मंगलवार को शुरुआती कारोबार में बिकवाली बढ़ने के साथ सेंसेक्स 250 अंक से ज्यादा नीचे चला गया। वहीं निफ्टी 50 भी 24,550 के स्तर को पार करते हुए नीचे फिसल गया। बाजार में कमजोरी किसी एक सेक्टर तक सीमित नहीं रही। कई प्रमुख और बड़े शेयरों में बिकवाली देखने को मिली, जिसका असर दोनों प्रमुख सूचकांकों पर पड़ा।

एयरटेल और इंडिगो के शेयरों पर दबाव

मंगलवार के कारोबार में भारती एयरटेल और इंडिगो के शेयरों में कमजोरी देखने को मिली। इन शेयरों में गिरावट ने भी बाजार की चाल को प्रभावित किया। इसके अलावा विप्रो, बीएसई, वोडाफोन आइडिया और हुंडई इंडिया के शेयर भी निवेशकों के रडार पर रहे। इन प्रमुख शेयरों में होने वाली हलचल पर बाजार की नजर बनी हुई है।

एशियाई बाजारों में भी कमजोरी

भारतीय शेयर बाजार के अलावा मंगलवार को एशिया के प्रमुख शेयर बाजारों में भी कमजोरी का माहौल रहा। अमेरिकी इक्विटी इंडेक्स फ्यूचर्स भी दबाव में नजर आए। ऐसे में घरेलू बाजार को वैश्विक बाजारों से भी मजबूत सपोर्ट नहीं मिल सका। मिडिल ईस्ट की स्थिति और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों के बीच सतर्कता बढ़ाई है।

शेयर बाजार में गिरावट, सोने में तेजी

एक तरफ जहां शेयर बाजार दबाव में है, वहीं सोने की कीमतों में तेजी जारी है। मंगलवार को सोना लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में मजबूत हुआ और दो महीने से ज्यादा के उच्च स्तर पर पहुंच गया। बाजार में बढ़ी अनिश्चितता को सोने में तेजी की प्रमुख वजहों में से एक माना जा रहा है। आमतौर पर जब शेयर बाजार में जोखिम बढ़ता है और निवेशकों की चिंता बढ़ती है, तो सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग बढ़ सकती है।

Ram Mandir: आचार्य इंद्रदेव मिश्र बने राम मंदिर के ‘व्यवस्था प्रमुख’, दिसंबर 2026 तक संभालेंगे जिम्मेदारी

अयोध्या, 11 जुलाई। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर की धार्मिक व्यवस्थाओं को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। ट्रस्ट ने राम वेद विद्यालय, कारसेवकपुरम के प्रधानाचार्य आचार्य इंद्रदेव मिश्र को दिसंबर 2026 तक राम मंदिर का व्यवस्था प्रमुख नियुक्त किया है। आचार्य इंद्रदेव मिश्र मंदिर में होने वाले नित्य पूजन, यज्ञ सहित अन्य वैदिक अनुष्ठानों की व्यवस्थाएं संभालेंगे। इसके अलावा धार्मिक समिति के निर्देशानुसार मंदिर में आयोजित होने वाले विभिन्न उत्सवों और कार्यक्रमों से जुड़ी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी भी उनके पास होगी।

नरपत डुकिया के सहयोगी के रूप में करेंगे काम

ट्रस्ट की ओर से स्पष्ट किया गया है कि मंदिर के समग्र संचालन और प्रबंधन की जिम्मेदारी पहले से ही नरपत डुकिया को सौंपी गई है। ऐसे में आचार्य इंद्रदेव मिश्र मंदिर की व्यवस्था में उनके सहयोगी के तौर पर काम करेंगे। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अंतरिम महासचिव कृष्णमोहन की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि आचार्य इंद्रदेव मिश्र लंबे समय से वेद नारायण की सेवा में समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के वैदिक अनुष्ठानों की निर्विघ्न और सुचारु व्यवस्था में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

विद्वता और कार्यकुशलता को देखते हुए मिली जिम्मेदारी

ट्रस्ट ने आचार्य इंद्रदेव मिश्र की विद्वता, योग्यता और कार्यकुशलता को देखते हुए उन्हें दिसंबर 2026 तक व्यवस्था प्रमुख का दायित्व सौंपा है। उनकी जिम्मेदारी में मंदिर में होने वाले नित्य पूजन, यज्ञ और अन्य वैदिक अनुष्ठानों की व्यवस्था के साथ धार्मिक समिति के निर्देश पर आयोजित होने वाले उत्सवों और कार्यक्रमों का सफल संचालन सुनिश्चित करना शामिल है।

विद्यालय के कार्य प्रभावित न हों, इसलिए अलग समय में संभालेंगे जिम्मेदारी

आचार्य इंद्रदेव मिश्र वर्तमान में राम वेद विद्यालय के प्रधानाचार्य का दायित्व भी संभाल रहे हैं। इसे देखते हुए ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि वह मंदिर की अतिरिक्त जिम्मेदारी विद्यालय के नियमित कार्य समय के अतिरिक्त निभाएंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राम वेद विद्यालय की नियमित शैक्षणिक और प्रशासनिक गतिविधियां प्रभावित न हों।

धार्मिक अनुष्ठानों की व्यवस्था को मिलेगा नया स्वरूप

ट्रस्ट के इस निर्णय को राम मंदिर में प्रतिदिन होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों, वैदिक कार्यक्रमों और विभिन्न उत्सवों की व्यवस्थाओं को अधिक व्यवस्थित और सुचारु बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आचार्य इंद्रदेव मिश्र की जिम्मेदारी मुख्य रूप से मंदिर के धार्मिक अनुष्ठानों और उनसे जुड़ी व्यवस्थाओं तक केंद्रित रहेगी।

अमित शाह के समर्थन में NDA सांसदों का मार्च, राहुल गांधी से पूछा- झारखंड में छात्रों पर कार्रवाई का जवाब कौन देगा?

नई दिल्ली, 11 जुलाई। झारखंड में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे को लेकर मंगलवार को संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव बढ़ गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के समर्थन में एनडीए सांसदों ने संसद परिसर में मकर द्वार की ओर मार्च किया और कांग्रेस सांसद एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से झारखंड में छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई पर जवाब मांगा। भाजपा सांसदों ने आरोप लगाया कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष लगातार सदन की कार्यवाही बाधित कर रहा है। एनडीए सांसदों ने झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज और वाटर कैनन के इस्तेमाल को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा।

संजय जायसवाल बोले- चर्चा के लिए तैयार है सरकार

भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन राहुल गांधी सदन में चर्चा नहीं होने दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष बार-बार संसद की कार्यवाही रोक रहा है और इसी के विरोध में एनडीए सांसदों ने मार्च किया।

अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी पर साधा निशाना

भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने झारखंड के छात्रों के साथ न्याय की मांग करते हुए कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि छात्रों के खिलाफ जिस तरह की कार्रवाई हुई, वह बेहद गंभीर है। अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी गृह मंत्री से जवाब मांगते हैं, जबकि सरकार जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी केवल सुर्खियों में बने रहने के लिए बयान दे रहे हैं। एक अन्य बयान में ठाकुर ने कांग्रेस को ‘झूठ की दुकान’ बताते हुए आरोप लगाया कि पार्टी छात्रों का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए कर रही है।

जगदंबिका पाल बोले- झारखंड सरकार पर चुप्पी क्यों?

भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने झारखंड में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि रांची में छात्रों पर लाठीचार्ज और वाटर कैनन के इस्तेमाल के बावजूद विपक्ष इस मुद्दे पर चुप है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की यह चुप्पी जनता के सामने उसकी स्थिति को उजागर कर रही है।

चिराग पासवान ने विपक्ष पर लगाया ‘गोलपोस्ट बदलने’ का आरोप

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार होती है तो विपक्ष अपनी मांग बदल देता है। चिराग पासवान ने कहा कि कभी विपक्ष एक मुद्दे पर चर्चा की मांग करता है और कभी दूसरे मुद्दे पर जवाब मांगने लगता है। उनके मुताबिक, विपक्ष और राहुल गांधी की इस प्रवृत्ति से संसद के कामकाज को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है।

बांसुरी स्वराज बोलीं- छात्र बयान नहीं, कार्रवाई चाहते हैं

भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि राहुल गांधी झारखंड में विपक्ष के नेता की तरह जवाबदेही की बात कर रहे हैं, लेकिन उनकी पार्टी झारखंड सरकार में भागीदार है। उन्होंने कहा कि झारखंड में छात्र केवल बयान नहीं चाहते, बल्कि कार्रवाई और न्याय की मांग कर रहे हैं। बांसुरी स्वराज ने राहुल गांधी से इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की।

निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी पर लगाया दोहरे रवैये का आरोप

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को अपनी राजनीतिक मानसिकता से ऊपर उठकर छात्रों के साथ खड़ा होना चाहिए और उन्हें न्याय दिलाने की दिशा में काम करना चाहिए।

अशोक मित्तल ने पुलिस कार्रवाई को बताया निंदनीय

भाजपा सांसद अशोक मित्तल ने झारखंड में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों को पीटा गया और विधानसभा परिसर के अंदर भी आंसू गैस के गोले छोड़े गए। उन्होंने इसे शर्मनाक बताते हुए कहा कि छात्रों के साथ इस तरह की कार्रवाई स्वीकार नहीं की जा सकती। मित्तल ने कांग्रेस पर भी इस मामले में जिम्मेदारी से बचने का आरोप लगाया।

Parliament Monsoon Session : राम मंदिर चढ़ावे के मुद्दे पर विपक्ष की चर्चा की मांग, राम गोपाल यादव बोले- सरकार बहस से बच रही

नई दिल्ली, 11 जुलाई। संसद के मानसून सत्र में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं और गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में चर्चा कराने की मांग को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध जारी है। समाजवादी पार्टी (सपा) ने आरोप लगाया है कि सरकार विपक्ष की मांगों पर चर्चा कराने से बच रही है। सपा सांसद राम गोपाल यादव ने कहा कि विपक्ष की दो प्रमुख मांगें हैं। पहली, राम मंदिर के नाम पर मिले चढ़ावे में कथित अनियमितताओं पर सदन में चर्चा और दूसरी, गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में संबंधित मुद्दे पर बहस। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इन दोनों विषयों पर चर्चा के लिए तैयार होती है तो संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चल सकती है।

‘चंदा चोरी’ के मुद्दे पर चर्चा से क्यों बच रही सरकार?

राम गोपाल यादव ने कहा कि विपक्ष दोनों मुद्दों पर सदन में विस्तार से और उचित तरीके से चर्चा चाहता है। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार कथित ‘चंदा चोरी’ के मुद्दे पर चर्चा से क्यों बच रही है। सपा सांसद ने कहा कि राम मंदिर के लिए देश के अलावा विदेशों में रहने वाले रामभक्तों और हिंदू धर्म में आस्था रखने वाले लोगों ने भी बड़ी मात्रा में दान और चढ़ावा दिया है। ऐसे में उनके मुताबिक, इस धन के इस्तेमाल में पारदर्शिता का सवाल केवल भारत तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने धार्मिक आस्था के कारण राम मंदिर के लिए योगदान दिया है, उनके लिए भी यह जानना महत्वपूर्ण है कि धन का इस्तेमाल किस तरह किया गया। विपक्ष इसी मुद्दे पर संसद में चर्चा की मांग कर रहा है।

अवधेश प्रसाद बोले- चर्चा से विपक्ष नहीं, सरकार भाग रही

सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने भी सरकार पर विपक्ष की मांगों से बचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष सदन में चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है और चर्चा से विपक्ष नहीं, बल्कि सरकार भाग रही है। अवधेश प्रसाद ने कहा कि सरकार को विपक्ष की मांगों पर सदन में बहस करानी चाहिए, ताकि संबंधित मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट हो सके।

‘वंदे मातरम’ बजाए जाने का अवधेश प्रसाद ने किया स्वागत

अवधेश प्रसाद ने लाल किले से पहली बार ‘वंदे मातरम’ बजाए जाने का स्वागत भी किया। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ पूरे देश के लिए भाईचारे और एकता का संदेश देता है। उन्होंने इसे भारत की ‘अनेकता में एकता’ की भावना का प्रतीक बताते हुए कहा कि इससे देश के लोगों के बीच आपसी बंधन और मजबूत होना चाहिए।

‘हर घर तिरंगा’ पर बोले अवधेश प्रसाद

उत्तर प्रदेश के मदरसों में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान आयोजित किए जाने को लेकर सवाल पर अवधेश प्रसाद ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान पूरे देश और दुनिया में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि तिरंगा महज बाजार से खरीदा गया कपड़ा नहीं है, बल्कि इसके पीछे स्वतंत्रता संग्राम में अनगिनत लोगों के बलिदान की कहानी जुड़ी है। उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान को सभी नागरिकों की जिम्मेदारी बताया।

सपा प्रवक्ता ने RSS और BJP पर साधा निशाना

‘हर घर तिरंगा’ अभियान को लेकर सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अवसरों पर तिरंगा फहराने की परंपरा आज की नहीं, बल्कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौर से चली आ रही है। उन्होंने RSS के मुख्यालय पर लंबे समय तक तिरंगा नहीं फहराए जाने को लेकर सवाल उठाया। आशुतोष वर्मा ने दावा किया कि संगठन ने कई दशकों तक अपने मुख्यालय पर राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया और अब ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की बात कर रहा है। उन्होंने इसे ‘पाखंड’ बताते हुए RSS से इस संबंध में स्पष्टीकरण की मांग की।

‘वंदे मातरम’ के पूरे गीत पर भी उठाया सवाल

आशुतोष वर्मा ने ‘वंदे मातरम’ के पूरे गीत को लेकर भी ऐतिहासिक संदर्भ का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जब इसे राष्ट्रीय गीत के रूप में अपनाने पर चर्चा हुई थी, तब इसके कुछ हिस्सों को लेकर सहमति बनी थी। उनके मुताबिक, गीत की शुरुआती पंक्तियों को लेकर व्यापक सहमति थी, जबकि बाद के छंदों में देवी दुर्गा की उपासना का उल्लेख होने के कारण विभिन्न धार्मिक मान्यताओं को ध्यान में रखा गया था। सपा प्रवक्ता ने कहा कि भारतीय समाज में ऐसे लोग भी हैं जो मूर्ति पूजा नहीं करते। इसलिए सभी समुदायों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए गीत के चयनित हिस्से को स्वीकार किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अब ‘वंदे मातरम’ के पूरे गायन के मुद्दे को राजनीतिक बहस का हिस्सा बना रही है।

NDA MPs Meeting : ‘वंदे मातरम’ के नारों से गूंजा ‘मंगल मिलन’, पीएम मोदी समेत NDA सांसदों ने लहराया तिरंगा

नई दिल्ली। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सांसदों की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मंगलवार को आयोजित ‘मंगल मिलन’ बैठक की शुरुआत ‘वंदे मातरम’ के नारों के साथ हुई। नई दिल्ली स्थित संसद पुस्तकालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और एनडीए के अन्य नेता तिरंगा लहराते नजर आए। ‘मंगल मिलन’ कार्यक्रम में एनडीए सांसदों ने संसद की आगामी कार्यवाही और सरकार की उपलब्धियों को लेकर रणनीति पर भी चर्चा की। इस दौरान सांसदों के हाथों में तिरंगा नजर आया।

छात्रों के प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस पर निशाना

एनडीए सांसद संसद में पोस्टर के साथ प्रवेश करने की तैयारी में हैं। इन पोस्टरों के जरिए छात्रों के प्रदर्शन से जुड़े मुद्दे पर चर्चा को लेकर कांग्रेस और विपक्ष पर निशाना साधा जाएगा। पोस्टरों पर यह संदेश लिखा होगा कि सरकार छात्रों के प्रदर्शन पर चर्चा चाहती है, लेकिन कांग्रेस इस मुद्दे पर चर्चा से बच रही है। इसके अलावा एनडीए सांसद झारखंड में छात्रों के प्रदर्शन और कथित अत्याचार से जुड़े मुद्दे को भी संसद में उठाने की तैयारी में हैं। इसके जरिए झारखंड सरकार को घेरने की रणनीति बनाई गई है।

पिछली बैठक में सरकार की उपलब्धियों पर हुई थी चर्चा

इससे पहले पिछले सप्ताह हुई ‘मंगल मिलन’ बैठक के बाद भाजपा सांसदों ने पत्रकारों से बातचीत में सरकार की उपलब्धियों, रोजगार, खेल, आर्थिक विकास और संसद की कार्यवाही से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी थी। भाजपा सांसदों ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप भी लगाया था। भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा था कि भारत तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है और रोजगार के क्षेत्र में भी देश की स्थिति मजबूत हुई है। उन्होंने दावा किया था कि बेरोजगारी में कमी आई है और 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं।

‘संसद की कार्यवाही बाधित कर रहा विपक्ष’

भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा था कि ‘मंगल मिलन’ कार्यक्रम में देश में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों और सरकार की उपलब्धियों पर चर्चा हुई। उन्होंने विपक्ष पर संसद में लगातार हंगामा करने और महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा नहीं होने देने का आरोप लगाया था। उन्होंने बताया था कि बैठक में सांसदों ने संसद की कार्यवाही के दौरान अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्णय लिया, ताकि सरकार जरूरी विधेयकों को सदन से पारित करा सके।

खेलों में भारत की उपलब्धियों पर भी चर्चा

भाजपा के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल ने कहा था कि बैठक में खेल के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने हाल में संपन्न ग्लासगो कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप सहित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत के प्रदर्शन का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि यूपीए सरकार के दस वर्षों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के पिछले दस वर्षों के खेल प्रदर्शन की तुलना करने पर भारत की वैश्विक स्थिति में सकारात्मक बदलाव दिखाई देता है।

आर्थिक विकास और रोजगार पर भी फोकस

भाजपा सांसद रवि किशन ने कहा था कि भारत आर्थिक और सामाजिक विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। बैठक में सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि, रोजगार और युवाओं के लिए बढ़ते अवसरों पर चर्चा हुई। रवि किशन ने भी विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि विपक्ष संसद की कार्यवाही को सुचारु रूप से क्यों नहीं चलने दे रहा है।

Jharkhand Bandh : झारखंड बंद का कई जिलों में असर, सड़क पर उतरे भाजपा कार्यकर्ता; छात्रों पर लाठीचार्ज का विरोध

रांची, 11 जुलाई। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की नियुक्ति परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से मंगलवार को बुलाए गए झारखंड बंद का कई जिलों में असर देखने को मिल रहा है। रांची, हजारीबाग, पलामू, गिरिडीह, चतरा और सिमडेगा समेत कई जिलों में भाजपा कार्यकर्ता सुबह से ही सड़कों पर उतर आए। कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का विरोध किया। बंद को देखते हुए प्रमुख चौक-चौराहों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है।

रांची में टायर जलाकर सड़क जाम

राजधानी रांची के हरमू चौक पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने टायर जलाकर सड़क जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार के खिलाफ नारे लगाए और छात्रों पर पुलिस बल के इस्तेमाल का विरोध किया। बंद के कारण कई इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ। प्रशासन ने संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए हैं।

पलामू में भी बंद का असर

पलामू जिले में भी सुबह से बंद का असर दिखाई दिया। डालटनगंज के छहमुहान और रेडमा चौक पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। भाजपा के पलामू जिलाध्यक्ष अमित तिवारी ने राज्य सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया और छात्र आंदोलन पर हुई पुलिस कार्रवाई की निंदा की।

सिमडेगा में NH-143 पर प्रदर्शन

सिमडेगा में भी भाजपा कार्यकर्ता सुबह से सड़कों पर नजर आए। बीरू सहित कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय राजमार्ग-143 को जाम कर दिया। इससे इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। प्रदर्शनकारियों ने छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं, गिरिडीह के धनवार और चतरा के प्रतापपुर में भी भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा सड़क जाम किए जाने की सूचना है। राज्य के अन्य जिलों से भी बंद के समर्थन में प्रदर्शन की खबरें सामने आई हैं।

सुबह 8 बजे से रात 11 बजे तक बंद

भाजपा ने सोमवार को झारखंड बंद का ऐलान किया था। पार्टी के मुताबिक, बंद सुबह 8 बजे से रात 11 बजे तक रहेगा। हालांकि, स्वास्थ्य सेवाओं और देवघर समेत धार्मिक स्थलों की यात्रा करने वाले कांवड़ियों को बंद से मुक्त रखा गया है। भाजपा ने यह बंद सोमवार को विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच हुए टकराव के बाद बुलाया है।

JPSC-JSSC परीक्षाएं रद्द करने की मांग

JPSC और JSSC की विवादित परीक्षाओं को रद्द करने, भर्ती प्रक्रिया में सुधार और कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच की मांग को लेकर हजारों छात्र विधानसभा की ओर बढ़े थे। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने विधानसभा की ओर जाने वाले रास्तों पर कई स्तर की बैरिकेडिंग की थी। प्रदर्शनकारियों के आगे बढ़ने पर पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इसके बाद लाठीचार्ज भी किया गया। इस दौरान कई छात्रों और पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी सामने आई। पुलिस कार्रवाई के विरोध में भाजपा ने अब झारखंड बंद का आह्वान किया है।