Home Blog Page 2

Ram Mandir: आचार्य इंद्रदेव मिश्र बने राम मंदिर के ‘व्यवस्था प्रमुख’, दिसंबर 2026 तक संभालेंगे जिम्मेदारी

अयोध्या, 11 जुलाई। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर की धार्मिक व्यवस्थाओं को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। ट्रस्ट ने राम वेद विद्यालय, कारसेवकपुरम के प्रधानाचार्य आचार्य इंद्रदेव मिश्र को दिसंबर 2026 तक राम मंदिर का व्यवस्था प्रमुख नियुक्त किया है। आचार्य इंद्रदेव मिश्र मंदिर में होने वाले नित्य पूजन, यज्ञ सहित अन्य वैदिक अनुष्ठानों की व्यवस्थाएं संभालेंगे। इसके अलावा धार्मिक समिति के निर्देशानुसार मंदिर में आयोजित होने वाले विभिन्न उत्सवों और कार्यक्रमों से जुड़ी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी भी उनके पास होगी।

नरपत डुकिया के सहयोगी के रूप में करेंगे काम

ट्रस्ट की ओर से स्पष्ट किया गया है कि मंदिर के समग्र संचालन और प्रबंधन की जिम्मेदारी पहले से ही नरपत डुकिया को सौंपी गई है। ऐसे में आचार्य इंद्रदेव मिश्र मंदिर की व्यवस्था में उनके सहयोगी के तौर पर काम करेंगे। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अंतरिम महासचिव कृष्णमोहन की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि आचार्य इंद्रदेव मिश्र लंबे समय से वेद नारायण की सेवा में समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के वैदिक अनुष्ठानों की निर्विघ्न और सुचारु व्यवस्था में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

विद्वता और कार्यकुशलता को देखते हुए मिली जिम्मेदारी

ट्रस्ट ने आचार्य इंद्रदेव मिश्र की विद्वता, योग्यता और कार्यकुशलता को देखते हुए उन्हें दिसंबर 2026 तक व्यवस्था प्रमुख का दायित्व सौंपा है। उनकी जिम्मेदारी में मंदिर में होने वाले नित्य पूजन, यज्ञ और अन्य वैदिक अनुष्ठानों की व्यवस्था के साथ धार्मिक समिति के निर्देश पर आयोजित होने वाले उत्सवों और कार्यक्रमों का सफल संचालन सुनिश्चित करना शामिल है।

विद्यालय के कार्य प्रभावित न हों, इसलिए अलग समय में संभालेंगे जिम्मेदारी

आचार्य इंद्रदेव मिश्र वर्तमान में राम वेद विद्यालय के प्रधानाचार्य का दायित्व भी संभाल रहे हैं। इसे देखते हुए ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि वह मंदिर की अतिरिक्त जिम्मेदारी विद्यालय के नियमित कार्य समय के अतिरिक्त निभाएंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राम वेद विद्यालय की नियमित शैक्षणिक और प्रशासनिक गतिविधियां प्रभावित न हों।

धार्मिक अनुष्ठानों की व्यवस्था को मिलेगा नया स्वरूप

ट्रस्ट के इस निर्णय को राम मंदिर में प्रतिदिन होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों, वैदिक कार्यक्रमों और विभिन्न उत्सवों की व्यवस्थाओं को अधिक व्यवस्थित और सुचारु बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आचार्य इंद्रदेव मिश्र की जिम्मेदारी मुख्य रूप से मंदिर के धार्मिक अनुष्ठानों और उनसे जुड़ी व्यवस्थाओं तक केंद्रित रहेगी।

अमित शाह के समर्थन में NDA सांसदों का मार्च, राहुल गांधी से पूछा- झारखंड में छात्रों पर कार्रवाई का जवाब कौन देगा?

नई दिल्ली, 11 जुलाई। झारखंड में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे को लेकर मंगलवार को संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव बढ़ गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के समर्थन में एनडीए सांसदों ने संसद परिसर में मकर द्वार की ओर मार्च किया और कांग्रेस सांसद एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से झारखंड में छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई पर जवाब मांगा। भाजपा सांसदों ने आरोप लगाया कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष लगातार सदन की कार्यवाही बाधित कर रहा है। एनडीए सांसदों ने झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज और वाटर कैनन के इस्तेमाल को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा।

संजय जायसवाल बोले- चर्चा के लिए तैयार है सरकार

भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन राहुल गांधी सदन में चर्चा नहीं होने दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष बार-बार संसद की कार्यवाही रोक रहा है और इसी के विरोध में एनडीए सांसदों ने मार्च किया।

अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी पर साधा निशाना

भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने झारखंड के छात्रों के साथ न्याय की मांग करते हुए कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि छात्रों के खिलाफ जिस तरह की कार्रवाई हुई, वह बेहद गंभीर है। अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी गृह मंत्री से जवाब मांगते हैं, जबकि सरकार जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी केवल सुर्खियों में बने रहने के लिए बयान दे रहे हैं। एक अन्य बयान में ठाकुर ने कांग्रेस को ‘झूठ की दुकान’ बताते हुए आरोप लगाया कि पार्टी छात्रों का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए कर रही है।

जगदंबिका पाल बोले- झारखंड सरकार पर चुप्पी क्यों?

भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने झारखंड में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि रांची में छात्रों पर लाठीचार्ज और वाटर कैनन के इस्तेमाल के बावजूद विपक्ष इस मुद्दे पर चुप है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की यह चुप्पी जनता के सामने उसकी स्थिति को उजागर कर रही है।

चिराग पासवान ने विपक्ष पर लगाया ‘गोलपोस्ट बदलने’ का आरोप

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार होती है तो विपक्ष अपनी मांग बदल देता है। चिराग पासवान ने कहा कि कभी विपक्ष एक मुद्दे पर चर्चा की मांग करता है और कभी दूसरे मुद्दे पर जवाब मांगने लगता है। उनके मुताबिक, विपक्ष और राहुल गांधी की इस प्रवृत्ति से संसद के कामकाज को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है।

बांसुरी स्वराज बोलीं- छात्र बयान नहीं, कार्रवाई चाहते हैं

भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि राहुल गांधी झारखंड में विपक्ष के नेता की तरह जवाबदेही की बात कर रहे हैं, लेकिन उनकी पार्टी झारखंड सरकार में भागीदार है। उन्होंने कहा कि झारखंड में छात्र केवल बयान नहीं चाहते, बल्कि कार्रवाई और न्याय की मांग कर रहे हैं। बांसुरी स्वराज ने राहुल गांधी से इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की।

निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी पर लगाया दोहरे रवैये का आरोप

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को अपनी राजनीतिक मानसिकता से ऊपर उठकर छात्रों के साथ खड़ा होना चाहिए और उन्हें न्याय दिलाने की दिशा में काम करना चाहिए।

अशोक मित्तल ने पुलिस कार्रवाई को बताया निंदनीय

भाजपा सांसद अशोक मित्तल ने झारखंड में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों को पीटा गया और विधानसभा परिसर के अंदर भी आंसू गैस के गोले छोड़े गए। उन्होंने इसे शर्मनाक बताते हुए कहा कि छात्रों के साथ इस तरह की कार्रवाई स्वीकार नहीं की जा सकती। मित्तल ने कांग्रेस पर भी इस मामले में जिम्मेदारी से बचने का आरोप लगाया।

Parliament Monsoon Session : राम मंदिर चढ़ावे के मुद्दे पर विपक्ष की चर्चा की मांग, राम गोपाल यादव बोले- सरकार बहस से बच रही

नई दिल्ली, 11 जुलाई। संसद के मानसून सत्र में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं और गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में चर्चा कराने की मांग को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध जारी है। समाजवादी पार्टी (सपा) ने आरोप लगाया है कि सरकार विपक्ष की मांगों पर चर्चा कराने से बच रही है। सपा सांसद राम गोपाल यादव ने कहा कि विपक्ष की दो प्रमुख मांगें हैं। पहली, राम मंदिर के नाम पर मिले चढ़ावे में कथित अनियमितताओं पर सदन में चर्चा और दूसरी, गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में संबंधित मुद्दे पर बहस। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इन दोनों विषयों पर चर्चा के लिए तैयार होती है तो संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चल सकती है।

‘चंदा चोरी’ के मुद्दे पर चर्चा से क्यों बच रही सरकार?

राम गोपाल यादव ने कहा कि विपक्ष दोनों मुद्दों पर सदन में विस्तार से और उचित तरीके से चर्चा चाहता है। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार कथित ‘चंदा चोरी’ के मुद्दे पर चर्चा से क्यों बच रही है। सपा सांसद ने कहा कि राम मंदिर के लिए देश के अलावा विदेशों में रहने वाले रामभक्तों और हिंदू धर्म में आस्था रखने वाले लोगों ने भी बड़ी मात्रा में दान और चढ़ावा दिया है। ऐसे में उनके मुताबिक, इस धन के इस्तेमाल में पारदर्शिता का सवाल केवल भारत तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने धार्मिक आस्था के कारण राम मंदिर के लिए योगदान दिया है, उनके लिए भी यह जानना महत्वपूर्ण है कि धन का इस्तेमाल किस तरह किया गया। विपक्ष इसी मुद्दे पर संसद में चर्चा की मांग कर रहा है।

अवधेश प्रसाद बोले- चर्चा से विपक्ष नहीं, सरकार भाग रही

सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने भी सरकार पर विपक्ष की मांगों से बचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष सदन में चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है और चर्चा से विपक्ष नहीं, बल्कि सरकार भाग रही है। अवधेश प्रसाद ने कहा कि सरकार को विपक्ष की मांगों पर सदन में बहस करानी चाहिए, ताकि संबंधित मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट हो सके।

‘वंदे मातरम’ बजाए जाने का अवधेश प्रसाद ने किया स्वागत

अवधेश प्रसाद ने लाल किले से पहली बार ‘वंदे मातरम’ बजाए जाने का स्वागत भी किया। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ पूरे देश के लिए भाईचारे और एकता का संदेश देता है। उन्होंने इसे भारत की ‘अनेकता में एकता’ की भावना का प्रतीक बताते हुए कहा कि इससे देश के लोगों के बीच आपसी बंधन और मजबूत होना चाहिए।

‘हर घर तिरंगा’ पर बोले अवधेश प्रसाद

उत्तर प्रदेश के मदरसों में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान आयोजित किए जाने को लेकर सवाल पर अवधेश प्रसाद ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान पूरे देश और दुनिया में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि तिरंगा महज बाजार से खरीदा गया कपड़ा नहीं है, बल्कि इसके पीछे स्वतंत्रता संग्राम में अनगिनत लोगों के बलिदान की कहानी जुड़ी है। उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान को सभी नागरिकों की जिम्मेदारी बताया।

सपा प्रवक्ता ने RSS और BJP पर साधा निशाना

‘हर घर तिरंगा’ अभियान को लेकर सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अवसरों पर तिरंगा फहराने की परंपरा आज की नहीं, बल्कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौर से चली आ रही है। उन्होंने RSS के मुख्यालय पर लंबे समय तक तिरंगा नहीं फहराए जाने को लेकर सवाल उठाया। आशुतोष वर्मा ने दावा किया कि संगठन ने कई दशकों तक अपने मुख्यालय पर राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया और अब ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की बात कर रहा है। उन्होंने इसे ‘पाखंड’ बताते हुए RSS से इस संबंध में स्पष्टीकरण की मांग की।

‘वंदे मातरम’ के पूरे गीत पर भी उठाया सवाल

आशुतोष वर्मा ने ‘वंदे मातरम’ के पूरे गीत को लेकर भी ऐतिहासिक संदर्भ का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जब इसे राष्ट्रीय गीत के रूप में अपनाने पर चर्चा हुई थी, तब इसके कुछ हिस्सों को लेकर सहमति बनी थी। उनके मुताबिक, गीत की शुरुआती पंक्तियों को लेकर व्यापक सहमति थी, जबकि बाद के छंदों में देवी दुर्गा की उपासना का उल्लेख होने के कारण विभिन्न धार्मिक मान्यताओं को ध्यान में रखा गया था। सपा प्रवक्ता ने कहा कि भारतीय समाज में ऐसे लोग भी हैं जो मूर्ति पूजा नहीं करते। इसलिए सभी समुदायों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए गीत के चयनित हिस्से को स्वीकार किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अब ‘वंदे मातरम’ के पूरे गायन के मुद्दे को राजनीतिक बहस का हिस्सा बना रही है।

NDA MPs Meeting : ‘वंदे मातरम’ के नारों से गूंजा ‘मंगल मिलन’, पीएम मोदी समेत NDA सांसदों ने लहराया तिरंगा

नई दिल्ली। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सांसदों की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मंगलवार को आयोजित ‘मंगल मिलन’ बैठक की शुरुआत ‘वंदे मातरम’ के नारों के साथ हुई। नई दिल्ली स्थित संसद पुस्तकालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और एनडीए के अन्य नेता तिरंगा लहराते नजर आए। ‘मंगल मिलन’ कार्यक्रम में एनडीए सांसदों ने संसद की आगामी कार्यवाही और सरकार की उपलब्धियों को लेकर रणनीति पर भी चर्चा की। इस दौरान सांसदों के हाथों में तिरंगा नजर आया।

छात्रों के प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस पर निशाना

एनडीए सांसद संसद में पोस्टर के साथ प्रवेश करने की तैयारी में हैं। इन पोस्टरों के जरिए छात्रों के प्रदर्शन से जुड़े मुद्दे पर चर्चा को लेकर कांग्रेस और विपक्ष पर निशाना साधा जाएगा। पोस्टरों पर यह संदेश लिखा होगा कि सरकार छात्रों के प्रदर्शन पर चर्चा चाहती है, लेकिन कांग्रेस इस मुद्दे पर चर्चा से बच रही है। इसके अलावा एनडीए सांसद झारखंड में छात्रों के प्रदर्शन और कथित अत्याचार से जुड़े मुद्दे को भी संसद में उठाने की तैयारी में हैं। इसके जरिए झारखंड सरकार को घेरने की रणनीति बनाई गई है।

पिछली बैठक में सरकार की उपलब्धियों पर हुई थी चर्चा

इससे पहले पिछले सप्ताह हुई ‘मंगल मिलन’ बैठक के बाद भाजपा सांसदों ने पत्रकारों से बातचीत में सरकार की उपलब्धियों, रोजगार, खेल, आर्थिक विकास और संसद की कार्यवाही से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी थी। भाजपा सांसदों ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप भी लगाया था। भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा था कि भारत तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है और रोजगार के क्षेत्र में भी देश की स्थिति मजबूत हुई है। उन्होंने दावा किया था कि बेरोजगारी में कमी आई है और 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं।

‘संसद की कार्यवाही बाधित कर रहा विपक्ष’

भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा था कि ‘मंगल मिलन’ कार्यक्रम में देश में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों और सरकार की उपलब्धियों पर चर्चा हुई। उन्होंने विपक्ष पर संसद में लगातार हंगामा करने और महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा नहीं होने देने का आरोप लगाया था। उन्होंने बताया था कि बैठक में सांसदों ने संसद की कार्यवाही के दौरान अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्णय लिया, ताकि सरकार जरूरी विधेयकों को सदन से पारित करा सके।

खेलों में भारत की उपलब्धियों पर भी चर्चा

भाजपा के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल ने कहा था कि बैठक में खेल के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने हाल में संपन्न ग्लासगो कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप सहित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत के प्रदर्शन का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि यूपीए सरकार के दस वर्षों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के पिछले दस वर्षों के खेल प्रदर्शन की तुलना करने पर भारत की वैश्विक स्थिति में सकारात्मक बदलाव दिखाई देता है।

आर्थिक विकास और रोजगार पर भी फोकस

भाजपा सांसद रवि किशन ने कहा था कि भारत आर्थिक और सामाजिक विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। बैठक में सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि, रोजगार और युवाओं के लिए बढ़ते अवसरों पर चर्चा हुई। रवि किशन ने भी विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि विपक्ष संसद की कार्यवाही को सुचारु रूप से क्यों नहीं चलने दे रहा है।

Jharkhand Bandh : झारखंड बंद का कई जिलों में असर, सड़क पर उतरे भाजपा कार्यकर्ता; छात्रों पर लाठीचार्ज का विरोध

रांची, 11 जुलाई। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की नियुक्ति परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से मंगलवार को बुलाए गए झारखंड बंद का कई जिलों में असर देखने को मिल रहा है। रांची, हजारीबाग, पलामू, गिरिडीह, चतरा और सिमडेगा समेत कई जिलों में भाजपा कार्यकर्ता सुबह से ही सड़कों पर उतर आए। कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का विरोध किया। बंद को देखते हुए प्रमुख चौक-चौराहों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है।

रांची में टायर जलाकर सड़क जाम

राजधानी रांची के हरमू चौक पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने टायर जलाकर सड़क जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार के खिलाफ नारे लगाए और छात्रों पर पुलिस बल के इस्तेमाल का विरोध किया। बंद के कारण कई इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ। प्रशासन ने संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए हैं।

पलामू में भी बंद का असर

पलामू जिले में भी सुबह से बंद का असर दिखाई दिया। डालटनगंज के छहमुहान और रेडमा चौक पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। भाजपा के पलामू जिलाध्यक्ष अमित तिवारी ने राज्य सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया और छात्र आंदोलन पर हुई पुलिस कार्रवाई की निंदा की।

सिमडेगा में NH-143 पर प्रदर्शन

सिमडेगा में भी भाजपा कार्यकर्ता सुबह से सड़कों पर नजर आए। बीरू सहित कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय राजमार्ग-143 को जाम कर दिया। इससे इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। प्रदर्शनकारियों ने छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं, गिरिडीह के धनवार और चतरा के प्रतापपुर में भी भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा सड़क जाम किए जाने की सूचना है। राज्य के अन्य जिलों से भी बंद के समर्थन में प्रदर्शन की खबरें सामने आई हैं।

सुबह 8 बजे से रात 11 बजे तक बंद

भाजपा ने सोमवार को झारखंड बंद का ऐलान किया था। पार्टी के मुताबिक, बंद सुबह 8 बजे से रात 11 बजे तक रहेगा। हालांकि, स्वास्थ्य सेवाओं और देवघर समेत धार्मिक स्थलों की यात्रा करने वाले कांवड़ियों को बंद से मुक्त रखा गया है। भाजपा ने यह बंद सोमवार को विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच हुए टकराव के बाद बुलाया है।

JPSC-JSSC परीक्षाएं रद्द करने की मांग

JPSC और JSSC की विवादित परीक्षाओं को रद्द करने, भर्ती प्रक्रिया में सुधार और कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच की मांग को लेकर हजारों छात्र विधानसभा की ओर बढ़े थे। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने विधानसभा की ओर जाने वाले रास्तों पर कई स्तर की बैरिकेडिंग की थी। प्रदर्शनकारियों के आगे बढ़ने पर पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इसके बाद लाठीचार्ज भी किया गया। इस दौरान कई छात्रों और पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी सामने आई। पुलिस कार्रवाई के विरोध में भाजपा ने अब झारखंड बंद का आह्वान किया है।

आकाश आनंद ने राहुल गांधी-अखिलेश यादव को कहा ‘अंकल’, कांग्रेस बोली- पहले संविधान पढ़ें

लखनऊ, 11 जुलाई। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के नेशनल कोऑर्डिनेटर और पार्टी प्रमुख मायावती के भतीजे आकाश आनंद के कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव को ‘अंकल’ कहने पर उत्तर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। आकाश आनंद की टिप्पणी पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस प्रवक्ता अंशु अवस्थी ने आकाश आनंद पर पलटवार करते हुए कहा कि राहुल गांधी लगातार संविधान, युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आकाश आनंद युवा नेता हैं और उन्हें कोई भी राजनीतिक टिप्पणी करने से पहले संविधान को समझना चाहिए।

कांग्रेस बोली- राहुल गांधी युवाओं और छात्रों की आवाज

अंशु अवस्थी ने कहा कि राहुल गांधी लगातार संविधान की रक्षा और लोकतांत्रिक अधिकारों के मुद्दे उठाते रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि जनता ने भी उनके इस रुख का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि अगर आकाश आनंद को सवाल उठाने थे तो उन्हें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से सवाल करना चाहिए था। कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि भाजपा पर संविधान में बदलाव को लेकर सवाल उठते रहे हैं। अंशु अवस्थी ने कहा कि राहुल गांधी पेपर लीक, रोजगार और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाते रहे हैं। उनके मुताबिक, राहुल गांधी देश के युवाओं और छात्रों के बीच लोकप्रिय हो रहे हैं और जहां भी उनके कार्यक्रम होते हैं, बड़ी संख्या में युवा उन्हें सुनने पहुंचते हैं।

‘आकाश आनंद को पहले संविधान पढ़ना चाहिए’

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि आकाश आनंद को भारत के संविधान को पढ़ना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के नेताओं ने संविधान की रक्षा के लिए कई बार बलिदान दिए हैं और सत्ता की कुर्बानी भी दी है, लेकिन संविधान पर आंच नहीं आने दी। अंशु अवस्थी ने कहा कि अगर आकाश आनंद संविधान की बात करते हैं तो उन्हें भाजपा से भी सवाल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं और छात्रों के मुद्दों पर राहुल गांधी लगातार सवाल उठा रहे हैं, जिससे सरकार भी इन मुद्दों पर घिरती नजर आ रही है।

हाथरस की जनसभा में आकाश आनंद ने साधा था निशाना

दरअसल, सोमवार को हाथरस के सादाबाद में बसपा की एक बड़ी जनसभा आयोजित हुई थी। इसमें मायावती के भतीजे और बसपा के नेशनल कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद ने लोगों को संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी और अखिलेश यादव को ‘अंकल’ कहकर संबोधित किया था। उनके इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है।

सपा ने आकाश आनंद को बताया ‘अपरिपक्व’

आकाश आनंद के बयान पर समाजवादी पार्टी ने भी प्रतिक्रिया दी है। सपा नेता फखरुल हसन ने उन्हें अपरिपक्व बताते हुए कहा कि आकाश आनंद को अभी राजनीति की बुनियादी समझ विकसित करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इसी तरह की वजहों से पहले मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी के पद से मुक्त किया था। सपा नेता ने सवाल उठाया कि क्या आकाश आनंद प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के लिए भी इसी तरह के शब्दों का इस्तेमाल कर सकते हैं? इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश में बसपा, कांग्रेस और सपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के संकेत हैं।

UP OTS Scheme 2026: यूपी के 762 नगरीय निकायों में संपत्ति कर पर लागू होगी OTS योजना, 15 अगस्त से मिलेगा लाभ

लखनऊ, 11 जुलाई। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के नगरीय निकायों को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने राज्य के सभी 762 नगरीय निकायों में लंबित संपत्ति कर यानी गृहकर, जलकर और सीवरकर की वसूली के लिए एकमुश्त समाधान योजना (OTS) लागू करने का फैसला किया है। इस योजना से लंबे समय से संपत्ति कर के बकाये में फंसे लाखों करदाताओं को राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही, पुराने बकाये की वसूली से नगरीय निकायों की वित्तीय स्थिति भी मजबूत होगी।

15 अगस्त से 15 दिसंबर तक चलेगी OTS योजना

सरकार के मुताबिक, एकमुश्त समाधान योजना की अवधि चार महीने निर्धारित की गई है। योजना 15 अगस्त 2026 से 15 दिसंबर 2026 तक लागू रहेगी। इसका लाभ प्रदेश के 17 नगर निगम, 200 नगर पालिका परिषद और 545 नगर पंचायतों में लंबित संपत्ति कर के पात्र बकायेदारों को मिलेगा। सरकार का उद्देश्य पुराने कर बकायों का सरल और व्यावहारिक तरीके से निस्तारण कराना, करदाताओं पर आर्थिक दबाव कम करना और कर संबंधी न्यायालयीय विवादों में कमी लाना है।

पहले महीने में होगा व्यापक प्रचार-प्रसार

नगरीय निकायों की ओर से 15 अगस्त से 14 सितंबर 2026 तक सभी संबंधित करदाताओं और हितधारकों को योजना की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही योजना को लेकर व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक पात्र करदाता इसका लाभ उठा सकें।

तीन किस्तों में जमा कर सकेंगे बकाया

सरकार ने करदाताओं को राहत देते हुए OTS के तहत बकाया संपत्ति कर का भुगतान अधिकतम तीन किस्तों में करने की सुविधा दी है।योजना लागू होने की तारीख से 30 दिनों के भीतर करदाता को कुल बकाये की एक-तिहाई राशि जमा करनी होगी। इसके बाद बची हुई दो-तिहाई राशि अगले दो महीनों में दो मासिक किस्तों के जरिए जमा की जा सकेगी। इस तरह योजना के तहत देय पूरी धनराशि का भुगतान अधिकतम तीन महीने में पूरा करना अनिवार्य होगा।

एके शर्मा बोले- निकायों की आय बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता

नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार नगरीय निकायों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के साथ नागरिकों को बेहतर शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। OTS योजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि योजना से लंबे समय से लंबित कर बकायों का समाधान होगा और करदाताओं को पुराने बकाये के निस्तारण का सरल अवसर मिलेगा। साथ ही, नगरीय निकायों को लंबित राजस्व की प्रभावी और समयबद्ध वसूली में मदद मिलेगी।

सड़क, पानी और सफाई जैसी सुविधाओं पर खर्च होगा राजस्व

मंत्री एके शर्मा ने बताया कि कर से प्राप्त राजस्व का इस्तेमाल शहरों में सड़क, जल निकासी, पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक जनसुविधाओं को बेहतर बनाने में किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य नगरीय निकायों के आय के स्रोतों को मजबूत करना है, ताकि वे अपने विकास कार्यों के लिए अधिक सक्षम बन सकें। OTS योजना के जरिए सरकार ने एक ओर करदाताओं की सुविधा का ध्यान रखा है, वहीं दूसरी ओर नगरीय निकायों के वित्तीय सुदृढ़ीकरण को भी प्राथमिकता दी है।

सरकारी स्कूलों की बदहाली पर अभिजीत दिपके का सवाल- 80 साल बाद भी गांवों के बच्चों को बुनियादी सुविधाएं क्यों नहीं?

नई दिल्ली, 11 जुलाई। स्वतंत्रता दिवस से पहले कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने देश के सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में कहा कि भारत 15 अगस्त 2026 को आजादी के 80 वर्ष पूरे करने जा रहा है, लेकिन आज भी गांवों के कई सरकारी स्कूल जरूरी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। अभिजीत दिपके ने कहा कि आजादी के बाद देश ने विकास के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। नया संसद भवन बना और कई बड़ी परियोजनाओं पर काम हुआ, लेकिन गांवों में मजदूरों और किसानों के बच्चों को बेहतर शिक्षा देने वाले सरकारी स्कूलों को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं मिल सकी।

गांवों के बच्चों को बेहतर सुविधाएं देना हमारी जिम्मेदारी

दिपके ने सवाल उठाया कि क्या गांवों के बच्चों को बेहतर शिक्षा और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार और समाज की जिम्मेदारी नहीं है। उन्होंने कहा कि आज भी कई गांवों में बच्चों को स्कूल पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। स्कूल पहुंचने के बाद भी उन्हें स्वच्छ पेयजल, शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं की समस्याओं पर भी विशेष ध्यान देने की अपील की। दिपके का कहना है कि शिक्षा के साथ बच्चों को सुरक्षित और सम्मानजनक स्कूल वातावरण उपलब्ध कराना भी जरूरी है।

स्वतंत्रता दिवस पर गांव के स्कूल से करेंगे शुरुआत

अभिजीत दिपके ने कहा कि यदि 15 अगस्त से कोई नई शुरुआत करनी है तो इसकी शुरुआत सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने से होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वह अपने गांव हिंगोली जाएंगे और वहां के सरपंच से मुलाकात कर सरकारी स्कूल के विकास तथा बच्चों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का आग्रह करेंगे। उन्होंने महाराष्ट्र समेत देशभर के ग्राम प्रधानों और सरपंचों से अपील की कि वे अपने गांव के सरकारी स्कूलों की स्थिति की समीक्षा करें और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए ठोस कदम उठाएं।

बेहतर स्कूल बनाने वाले सरपंचों को करेंगे प्रोत्साहित

दिपके ने कहा कि जो सरपंच अपने गांव के सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए काम करेंगे, उनकी पहल को कॉकरोच जनता पार्टी सोशल मीडिया के माध्यम से सामने लाएगी। पार्टी ऐसे प्रयासों के वीडियो साझा करेगी, ताकि दूसरे गांवों के जनप्रतिनिधियों को भी प्रेरणा मिल सके।

अभिभावकों से भी स्कूलों का जायजा लेने की अपील

अभिजीत दिपके ने अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपने बच्चों के सरकारी स्कूलों का दौरा करें और वहां उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं की स्थिति का जायजा लें। यदि किसी स्कूल में आवश्यक सुविधाओं का अभाव है तो अभिभावक उसका वीडियो बनाकर पार्टी को भेज सकते हैं।उन्होंने बताया कि कॉकरोच जनता पार्टी जल्द ही अभिभावकों के लिए एक विशेष फॉर्म जारी करेगी। इसके माध्यम से माता-पिता यह जानकारी दे सकेंगे कि उनके बच्चों के स्कूल में कौन-कौन सी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। यह जानकारी फॉर्म और ईमेल के माध्यम से पार्टी तक पहुंचाई जा सकेगी। दिपके ने कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर शिक्षा और जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना आज समय की जरूरत है।

Trump Iran Compensation: ट्रंप ने ईरान से मांगा मुआवजा, कहा- मिडिल ईस्ट में मौत और नुकसान की भरपाई करे तेहरान

वाशिंगटन, 11 जुलाई। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अपना रुख और सख्त करते हुए मिडिल ईस्ट में हुए नुकसान और मौतों के लिए तेहरान से मुआवजे की मांग की है। ट्रंप ने कहा कि लेबनान, सीरिया, यमन और गाजा में हुए नुकसान और जानमाल की क्षति के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।

ट्रंप ने ईरान से मुआवजे की मांग दोहराई

ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर अपने पोस्ट में कहा कि ईरान अब अमेरिका से मुआवजे की मांग कर रहा है, लेकिन तेहरान ने पहले हुई किसी बातचीत या बैठक में इस मुद्दे का जिक्र नहीं किया था। उन्होंने कहा कि अमेरिका भी ईरान से उन लोगों के लिए मुआवजा मांग रहा है, जो उसके हमलों और संघर्षों में मारे गए या गंभीर रूप से घायल हुए।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि इसमें यूएसएस कोल पर हुए हमले में मारे गए लोगों के परिवार और विभिन्न संघर्षों में जान गंवाने वाले हजारों अन्य लोग भी शामिल हैं। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान को पिछले पांच दशकों के दौरान वहां मारे गए प्रदर्शनकारियों के परिवारों को भी मुआवजा देना चाहिए। ट्रंप ने अपने बयान में पिछले पांच महीनों में मारे गए 52,000 लोगों के लिए भी मुआवजे की मांग की। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने प्रतिनिधियों को भविष्य में ईरान के साथ होने वाली किसी भी बातचीत में इस मांग को शामिल करने का निर्देश दिया है।

होर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी बढ़ा तनाव

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी तनाव बढ़ा हुआ है। इससे पहले तेहरान की ओर से कहा गया था कि होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने के लिए अमेरिका को मुआवजा देना होगा। इसके जवाब में ट्रंप ने अब ईरान के साथ किसी भी संभावित बातचीत के लिए मुआवजे की मांग को अपनी नई शर्त के तौर पर सामने रखा है।

ईरान ने सैन्य क्षमता मजबूत करने पर दिया जोर

वहीं, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह मोजतबा खामेनेई ने देश की सैन्य और सुरक्षा तैयारियों को मजबूत करने पर जोर दिया है। उन्होंने ईरान की सेना और बासिज की रक्षात्मक क्षमता तथा तैयारियों को बढ़ाने की बात कही। उन्होंने कहा कि ईरान को देश के खिलाफ किसी भी स्तर और किसी भी तरह के पारंपरिक या आधुनिक खतरे का समय पर, प्रभावी और मजबूत जवाब देने के लिए तैयार रहना चाहिए।

खामेनेई ने सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ और खतम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर्स के बीच एकीकरण को पूरा करने को भी प्रमुख लक्ष्य बताया। उनके इस रुख से संकेत मिलता है कि ईरान मौजूदा क्षेत्रीय तनाव के बीच अपनी सैन्य और सुरक्षा तैयारियों को और मजबूत करने पर जोर दे रहा है।

पश्चिमी कोलंबिया में 7.4 तीव्रता के भूकंप से भारी तबाही, 132 लोगों की मौत; 570 से अधिक घायल

पश्चिमी कोलंबिया

बोगोटा, 11 जुलाई। पश्चिमी कोलंबिया में सोमवार को आए 7.4 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। भूकंप में मरने वालों की संख्या बढ़कर 132 हो गई है, जबकि 570 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। कोलंबियाई सरकार ने ताजा अपडेट में यह जानकारी दी। कोलंबिया के राष्ट्रपति अबेलार्डो डे ला एस्प्रिएला ने बोगोटा में बताया कि भूकंप के कारण 1,575 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं।

इसके अलावा छह हवाई अड्डों के बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है। इसके चलते इन हवाई अड्डों से फिलहाल वाणिज्यिक उड़ानों का संचालन रोक दिया गया है। भूकंप से हुए नुकसान और राहत कार्यों को देखते हुए सरकार ने सोमवार को राष्ट्रीय आपदा की स्थिति घोषित कर दी थी। कोलंबियन जियोलॉजिकल सर्विस के मुताबिक, भूकंप स्थानीय समयानुसार सुबह 7:34 बजे आया।

इसका केंद्र पश्चिमी कोलंबिया के चोको डिपार्टमेंट में सैन होस डेल पाल्मार के पास था। भूकंप की गहराई करीब 96 किलोमीटर दर्ज की गई।भूकंप के बाद प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। कोलंबियन जियोलॉजिकल सर्विस प्रभावित डिपार्टमेंट्स की राजधानियों और स्थानीय प्रशासन के लगातार संपर्क में है। अधिकारियों की टीमें नुकसान का आकलन करने के साथ-साथ प्रभावित लोगों की तत्काल जरूरतों का पता लगाने में जुटी हैं।

दुनिया के कई देशों ने जताई संवेदना

कोलंबिया में आई इस प्राकृतिक आपदा पर दुनिया के कई देशों ने दुख जताया है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कोलंबिया के लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस मुश्किल समय में उनका देश कोलंबिया के साथ खड़ा है। उन्होंने पीड़ितों, उनके परिवारों, घायलों और राहत-बचाव कार्य में जुटे लोगों के प्रति समर्थन जताया।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने भी भूकंप पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पश्चिमी कोलंबिया में आए भूकंप का असर पड़ोसी इक्वाडोर पर भी पड़ा है। जेलेंस्की ने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए दुनिया भर के लोगों से आपदा प्रभावित लोगों और देशों की मदद के लिए आगे आने की अपील की।

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने भी कोलंबिया के साथ एकजुटता जताई। उन्होंने कहा कि इटली भूकंप से जुड़ी स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है और इस कठिन समय में कोलंबिया के लोगों, प्रभावित परिवारों तथा राहत-बचाव कार्य में जुटे लोगों के साथ खड़ा है।