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Har Ghar Tiranga: दिल्ली मेट्रो पर चढ़ा देशभक्ति का रंग, ‘हर घर तिरंगा’ थीम वाली खास मेट्रो शुरू

नई दिल्ली, 10 अगस्त। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने ‘हर घर तिरंगा’ थीम वाली एक खास मेट्रो पेश की है। इस मेट्रो पर देशभक्ति स्लोगन लिखे गए हैं, जिसमें ‘हर घर तिरंगा’ भी शामिल है। दिल्ली मेट्री के अनुसार यह मेट्रो येलो लाइन पर चलाई जा रही है। 

येलो लाइन पर संचालित की जा रही ‘हर घर तिरंगा’ मेट्रो

डीएमआरसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के जश्न के तहत आयोजित हफ्ते भर चलने वाले कार्यक्रमों के हिस्से के तौर पर दिल्ली मेट्रो ने रविवार को आजादी की भावना का जश्न मनाने के लिए ‘हर घर तिरंगा’ थीम वाली एक खास मेट्रो पेश की। यह मेट्रो दिल्ली मेट्रो नेटवर्क की येलो लाइन पर चल रही है।

पोस्ट में आगे कहा गया है कि इस वर्ष ‘हर घर तिरंगा’ अभियान भारत के राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के 150वें वर्ष के खास अवसर का जश्न मना रहा है। सभी नागरिकों को गर्व के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराने और डिजिटल कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि देशभर में तिरंगा यात्रा निकाली गई और हर घर तिरंगा अभियान की शुरुआत की गई। दिल्ली मेट्रो भी इस अभियान में शामिल हो गई है।

पीएम मोदी वर्ष 2022 में शुरू किया था ‘हर घर तिरंगा’ अभियान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2022 में शुरू हुआ ‘हर घर तिरंगा’ अभियान आज राष्ट्रप्रेम और जनभागीदारी का एक व्यापक जनआंदोलन बन चुका है। इस वर्ष 9 से 17 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा’ अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर संस्कृति मंत्रालय की पोस्ट को रिपोस्ट भी किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने पोस्ट में लिखा, “हमारा तिरंगा हमारा गौरव है और देश के लिए हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ देने की निरंतर प्रेरणा है। आइए, हम ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में उत्साहपूर्वक भाग लें और ‘विकसित भारत’ के निर्माण में योगदान देने के अपने सामूहिक संकल्प को दोहराएं। खुशी है कि इस वर्ष के प्रयास ‘वंदे मातरम’ को समर्पित हैं, और वह भी ऐसे समय में जब हम इसकी 150वीं वर्षगांठ मना रहे हैं।”

वहीं, संस्कृति मंत्रालय ने अभियान की वेबसाइट ‘हर घर तिरंगा डॉट कॉम’ लॉन्च करते हुए कहा कि पिछले 150 सालों से ‘वंदे मातरम’ के उद्घोष ने देश की आत्मा को झकझोरा है। इस स्वतंत्रता दिवस पर जब भारत ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत तिरंगा यात्राओं, रैलियों, संगीत कार्यक्रमों और सामूहिक गायन के लिए एकजुट हो रहा है, तो आइए वही भावना हर गली और हर घर तक पहुंचाएं।

PM Modi से नरेंदर ने सुनाया पाकिस्तानी बॉक्सर का मजेदार किस्सा, बोले- ‘नरेंदर नाम से नफरत हो गई’

नई दिल्ली, 10 जुलाई। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 13 गोल्ड समेत कुल 39 पदक अपने नाम किए। पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने आवास पर मुलाकात की। इस दौरान भारतीय मुक्केबाज नरेंदर ने प्रधानमंत्री के साथ पाकिस्तानी मुक्केबाज से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा साझा किया, जिसे सुनकर पीएम मोदी जोर-जोर से हंस पड़े।

नरेंदर ने बताया कि साल 2015 में वर्ल्ड मिलिट्री गेम्स में हिस्सा लेने के लिए वह गए थे। वहां उनकी पहली फाइट ही पाकिस्तान के एक मुक्केबाज से हुई थी। उन्होंने बताया कि भारतीय सेना की ओर से उन्हें फोन आया था कि “चाहे जो जाए, पाकिस्तान से नहीं हारना है।” नरेंदर के मुताबिक, उन्होंने पहला बाउट 4-1 से जीत लिया। दूसरे बाउट में पाकिस्तानी मुक्केबाज ने उन्हें कड़ी टक्कर दी, लेकिन वह इसे भी 3-2 से जीतने में सफल रहे।

सिर टकराने से दोनों मुक्केबाज हुए घायल

भारतीय मुक्केबाज ने बताया कि मुकाबले के दौरान दोनों खिलाड़ियों के सिर आपस में टकरा गए, जिससे दोनों को चोट लगी और कट लग गया। इसके बाद नरेंदर और पाकिस्तानी मुक्केबाज दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। नरेंदर ने बताया कि भारतीय सेना की ओर से उनके साथ जो कोच गए थे, उनका नाम भी नरेंदर राणा था।

‘आपके प्रधानमंत्री का नाम भी नरेंदर’

नरेंदर ने पीएम मोदी को बताया कि अस्पताल में पाकिस्तानी मुक्केबाज ने उनसे मजाकिया अंदाज में कहा, “आपका नाम नरेंदर है, आपके कोच का नाम नरेंदर है और आपके प्रधानमंत्री का नाम भी नरेंदर है। ऐसे में मुझे नरेंदर नाम से ही नफरत हो गई है।” नरेंदर का यह किस्सा सुनकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी हंसी नहीं रोक पाए और जोर-जोर से हंसते नजर आए।

90+ किलोग्राम वर्ग में जीता सिल्वर

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में नरेंदर ने 90+ किलोग्राम कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीता। वह गोल्ड मेडल से सिर्फ एक कदम दूर रह गए। फाइनल मुकाबले में उन्हें इंग्लैंड के डामार थॉमस के खिलाफ 0-5 से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों का प्रदर्शन शानदार रहा। पुरुष और महिला मुक्केबाजों ने मिलकर कुल 10 पदक भारत की झोली में डाले।

PM Modi Subhashit : पीएम मोदी ने शेयर किया संस्कृत श्लोक, सत्य और जनहितकारी सूचना का दिया संदेश

नई दिल्ली, 10 जुलाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक संस्कृत सुभाषित साझा किया। इसके जरिए उन्होंने लोगों से सत्य, शुभ और ज्ञानवर्धक वचन सुनने, कल्याणकारी विचारों को अपनाने और जनहितकारी सूचनाओं का प्रसार करने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने पोस्ट में लिखा, “हम सत्य, शुभ और ज्ञानवर्धक वचन सुनें, कल्याणकारी विचारों को अपनाएं। स्वस्थ शरीर, उत्तम आचरण और श्रेष्ठ गुणों के साथ जीवन को लोकहित में समर्पित करें तथा सत्य, प्रामाणिक और जनहितकारी सूचनाओं का प्रसार कर राष्ट्र और समाज को जागरूक, सशक्त तथा समरस बनाएं।”

इसके साथ पीएम मोदी ने संस्कृत श्लोक भी साझा किया-

“भद्रं कर्णेभिः शृणुयाम देवा भद्रं पश्येमाक्षभिर्यजत्राः॥
स्थिरैरङ्गैस्तुष्टुवांसस्तनूभिर्व्यशेम देवहितं यदायुः॥”

7 अगस्त को भी शेयर किया था सुभाषित

इससे पहले प्रधानमंत्री ने 7 अगस्त को भी सोशल मीडिया पर एक संस्कृत सुभाषित साझा किया था। उन्होंने लिखा था— “किं चन्द्रमाः प्रत्युपकारलिप्सया करोति गोभिः कुमुदावबोधनम्। स्वभाव एवोन्नतचेतसां सतां परोपकारव्यसनं हि जीवितम्॥” इसका अर्थ है कि चंद्रमा किसी प्रत्युपकार की इच्छा से अपनी किरणों से कुमुदिनी को प्रकाशित नहीं करता, बल्कि यह उसका स्वाभाविक गुण है। इसी तरह महान और उदार हृदय वाले लोग बिना किसी स्वार्थ या अपेक्षा के दूसरों का हित करते हैं, क्योंकि परोपकार उनके स्वभाव का हिस्सा होता है।

6 अगस्त को पीएम ने दिया था मातृभूमि सेवा का संदेश

इससे पहले 6 अगस्त को भी प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर संस्कृत श्लोक साझा किया था-

“विश्वस्वं मातरमोषधीनां ध्रुवां भूमिं पृथिवीं धर्मणा धृताम्। शिवां स्योनामनु चरेम विश्वहा॥” इसका संदेश पृथ्वी और मातृभूमि की सेवा से जुड़ा है। प्रधानमंत्री की ओर से साझा किए गए अर्थ में कहा गया कि जिस धरती पर श्रेष्ठ वनस्पतियां और औषधियां पैदा होती हैं, वह पृथ्वी माता विस्तृत और स्थिर रहे। साथ ही विद्या, शौर्य, सत्य और स्नेह जैसे सद्गुणों से पोषित मातृभूमि की सदैव सेवा करने का संकल्प लिया जाए।

Jharkhand Exam Scam: JPSC-JSSC भर्ती परीक्षा घोटाले में ED की एंट्री, 40 करोड़ के वित्तीय नेटवर्क की जांच

रांची, 10 जुलाई। झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जांच शुरू कर दी है। ईडी के रांची जोनल कार्यालय ने राज्य पुलिस और सीआईडी की प्राथमिकी के आधार पर ECIR (Enforcement Case Information Report) दर्ज की है। एजेंसी की जांच का मुख्य फोकस कथित परीक्षा घोटाले में हुए वित्तीय लेन-देन, बिचौलियों की भूमिका और पैसों के पूरे नेटवर्क का पता लगाने पर है। ईडी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि अभ्यर्थियों से कथित तौर पर वसूली गई रकम किन लोगों तक पहुंची और उसका इस्तेमाल किस तरह किया गया। फिलहाल एजेंसी ने 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ी से जुड़े सीआईडी केस को आधार बनाया है।

JSSC CGL परीक्षा मामले में भी ED की नजर

सूत्रों के मुताबिक, JSSC 2024 CGL परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर ईडी अलग से ECIR दर्ज कर सकती है। इस मामले की जांच सीआईडी पिछले करीब 20 दिनों से कर रही है। जांच में परीक्षा आयोजित कराने वाली टीडीपीएल (TSR Data Processing Pvt. Ltd.) की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश सरकार और झारखंड में JSSC द्वारा ब्लैकलिस्ट किए जाने के बावजूद इस एजेंसी को JPSC में ठेका दिए जाने को लेकर भी जांच की जा रही है।

JPSC के पूर्व अध्यक्ष से चार दौर की पूछताछ

मामले में JPSC के तत्कालीन अध्यक्ष एल. खियांग्ते से सीआईडी चार दौर की पूछताछ कर चुकी है। इसके बाद आयोग की तीन सदस्यों अजीता भट्टाचार्य, अनिमा हांसदा और जमाल अहमद के इस्तीफे भी सामने आए हैं। सोमवार को आयोग की सदस्य अजीता भट्टाचार्य को पूछताछ के लिए तलब किया गया है। जांच एजेंसी परीक्षा में कथित अनियमितताओं और ठेका प्रक्रिया से जुड़े पहलुओं को भी खंगाल रही है।

TDPL से जुड़े व्यक्ति की गिरफ्तारी

सीआईडी ने इस मामले में अभय कुमार तिवारी को गिरफ्तार किया है। जांच के मुताबिक, वह राज्य सरकार के एक कार्यालय में कार्यरत था और TDPL से भी जुड़ा हुआ था। जांच एजेंसियां उसे कथित सिंडिकेट की अहम कड़ी मान रही हैं। पूछताछ में परीक्षा संचालन और अभ्यर्थियों से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की बात कही जा रही है।

40 करोड़ के कथित वित्तीय नेटवर्क की जांच

जांच एजेंसियों के अनुसार, शुरुआती पड़ताल में करीब 40 करोड़ रुपये के कथित वित्तीय नेटवर्क की आशंका सामने आई है। इसमें परीक्षा पास कराने और OMR शीट में कथित हेरफेर के बदले रकम लिए जाने के आरोपों की जांच की जा रही है। सीआईडी की छापेमारी में रांची, हजारीबाग, पलामू और धनबाद समेत 18 ठिकानों से दस्तावेज और डिजिटल सामग्री बरामद किए जाने की जानकारी है। बरामद सामान में ब्लैंक चेक, अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र, OMR शीट की कार्बन प्रतियां और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल हैं।

अब तक 19 लोगों की गिरफ्तारी

इस मामले में अब तक 19 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें कथित तौर पर परीक्षा में अनुचित तरीके से सफल होने वाले अभ्यर्थियों के अलावा कंप्यूटर ऑपरेटर भी शामिल हैं। अब ED की एंट्री के बाद जांच का दायरा वित्तीय लेन-देन और कथित मनी ट्रेल तक पहुंचने की दिशा में बढ़ गया है।

Dindori Rain: भारी बारिश से डिंडोरी में हाहाकार, नर्मदा का जलस्तर बढ़ा; दो पुल डूबे, स्कूल बंद

डिंडोरी, 10 जुलााई। मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले में लगातार दो दिनों से हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बारिश के कारण नर्मदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे डिंडोरी शहर का एक पुल और जबलपुर-अमरकंटक नेशनल हाईवे पर जोगी टिकरिया स्थित पुल पानी में डूब गए हैं। दोनों पुलों पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है।

पुलों पर लोगों को पानी पार करने से रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग और रस्सियां लगाई हैं। एहतियात के तौर पर प्रभावित इलाकों में पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन लगातार नर्मदा के जलस्तर और नदी किनारे बसे निचले इलाकों की स्थिति पर नजर रख रहा है।

सात परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया

नर्मदा नदी का पानी बढ़ने से किनारे बसे निचले इलाकों में भी खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर नदी किनारे रहने वाले सात परिवारों को सुरक्षित इलाकों में बनाए गए शेल्टर होम में शिफ्ट कर दिया है। हंस नगर और साकेत नगर में भी अधिकारी लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।

डिंडोरी की कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया और पुलिस अधीक्षक आशीष खरे ने मां नर्मदा पुल समेत अन्य प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

घर गिरने से 7 साल के बच्चे की मौत

भारी बारिश के बीच जिले में एक दर्दनाक हादसा भी हुआ। गडासराई थाना क्षेत्र की करौंदा ग्राम पंचायत के नादिया टोला में शनिवार देर रात मिट्टी का मकान ढहने से सात साल के बच्चे राजा की मौत हो गई। पुलिस ने मलबे से बच्चे का शव बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया।

10 अगस्त को स्कूल और आंगनवाड़ी बंद

लगातार भारी बारिश और बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए डिंडोरी जिला प्रशासन ने 10 अगस्त को नर्सरी से 12वीं कक्षा तक के सभी सरकारी और निजी स्कूल बंद रखने का आदेश दिया है। सोमवार को जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्र भी बंद रहेंगे।

हालांकि, शिक्षकों और स्कूल के अन्य कर्मचारियों को अपने-अपने कार्यस्थल पर उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जलभराव और बाढ़ प्रभावित इलाकों में जाने से बचें और प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।

Weather Alert : MP-UP समेत 5 राज्यों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट, IMD ने जारी की चेतावनी

नई दिल्ली, 10 जुलाई। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने सोमवार को मध्य प्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हरियाणा के कई इलाकों के लिए मौसम को लेकर तत्काल चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक इन क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका है। कुछ इलाकों में मध्यम बारिश भी हो सकती है। आईएमडी ने मध्य प्रदेश और गुजरात के कुछ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

MP के 12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

मध्य प्रदेश के आगर-मालवा, भोपाल, देवास, इंदौर, मंदसौर, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, सीहोर, शाजापुर और उज्जैन समेत कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। गुजरात के छोटा उदेपुर, दाहोद, नर्मदा और पंचमहल में भी मौसम खराब रहने की संभावना है। यहां तेज हवाओं के साथ आंधी और वज्रपात का खतरा बना हुआ है।

UP, उत्तराखंड और हरियाणा में भी अलर्ट

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, उत्तराखंड के चंपावत, देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधम सिंह नगर तथा हरियाणा के यमुनानगर में आंधी-तूफान और बिजली गिरने के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने इन इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

IMD ने जारी की सुरक्षा एडवाइजरी

आईएमडी ने लोगों से कहा है कि वे पेड़ों और कमजोर ढांचों के नीचे शरण न लें। साथ ही सड़क और ट्रैफिक की स्थिति की जानकारी लेकर ही यात्रा करें और बेहद जरूरी न होने पर यात्रा से बचें। मौसम विभाग ने स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की भी अपील की है।

15 अगस्त तक कई राज्यों में बारिश का अनुमान

मौसम विभाग ने 9 अगस्त को भी कई राज्यों के लिए बारिश का पूर्वानुमान जारी किया था। 10 से 13 अगस्त के बीच जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं 9 से 15 अगस्त तक हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में तेज बारिश हो सकती है। उत्तराखंड में 9 से 15 अगस्त और पश्चिमी राजस्थान में 9 से 10 अगस्त के दौरान कुछ स्थानों पर आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका है। हिमाचल प्रदेश में 12 से 15 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अनुमान है।

मध्य भारत में भी बारिश का दौर

मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी मध्य प्रदेश में 13 से 15 अगस्त, पूर्वी मध्य प्रदेश में 12 से 15 अगस्त और छत्तीसगढ़ में 11 अगस्त को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।

पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश का अलर्ट

पूर्वोत्तर भारत में 9 से 11 अगस्त तक अरुणाचल प्रदेश तथा 10 और 11 अगस्त को असम और मेघालय में कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना है। वहीं 9 से 15 अगस्त के दौरान नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में व्यापक बारिश होने का अनुमान है।

Stock Market : सेंसेक्स-निफ्टी की सपाट शुरुआत, बाजार में हल्की तेजी; जानें सपोर्ट-रेजिस्टेंस

मुंबई, 10 जुलाई। होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते पर अनिश्चितता के बीच सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत मामूली बढ़त के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में हल्की तेजी देखने को मिली। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स पिछले कारोबारी सत्र के बंद स्तर 78,499.17 से 2.41 अंक की बढ़त के साथ 78,501.59 पर खुला। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 पिछले बंद स्तर 24,570.65 से 10.59 अंक चढ़कर 24,581.25 पर खुला। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 177 अंक यानी 0.22 प्रतिशत बढ़कर 78,676 तक पहुंच गया। वहीं निफ्टी 50 भी करीब 0.20 प्रतिशत की तेजी के साथ 24,620 के स्तर पर पहुंचा। हालांकि, इसके बाद बाजार में कुछ दबाव देखने को मिला।

मिडकैप में तेजी, स्मॉलकैप में गिरावट

व्यापक बाजार में निफ्टी मिडकैप 0.21 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप में 0.13 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। सेक्टरवार कारोबार में निफ्टी प्राइवेट बैंक, ऑटो, आईटी, मेटल, फार्मा और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में मजबूती देखने को मिली। दूसरी ओर पीएसयू बैंक, मीडिया, एफएमसीजी और ऑयल एंड गैस कमजोर रहे।

इन शेयरों में रही सबसे ज्यादा हलचल

निफ्टी 50 में टाइटन कंपनी, टेक महिंद्रा, टाटा स्टील, ग्रासिम, सिप्ला, इंफोसिस और ट्रेंट प्रमुख बढ़त वाले शेयर रहे। वहीं एसबीआई, एचडीएफसी लाइफ, हिंडाल्को, पावरग्रिड, इटरनल और रिलायंस में दबाव देखने को मिला।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर बाजार की नजर

ईरान की ओर से अमेरिका के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने को लेकर सीधी बातचीत के दावों को खारिज किए जाने के बाद इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से माल ढुलाई को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। पिछले सप्ताह अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के समझौते के करीब पहुंचने के संकेतों के बाद बाजार में उम्मीद बढ़ी थी। हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बाद में कहा कि अमेरिका तेहरान के साथ केवल “आंशिक रूप से बातचीत” कर रहा है और आर्थिक दबाव जारी रखने का इरादा रखता है। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, भू-राजनीतिक तनाव में कमी और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता बेहतर हुई है। हालांकि, इस सप्ताह जारी होने वाले अमेरिका के प्रमुख महंगाई आंकड़ों को लेकर बाजार में सतर्कता बनी हुई है।

निफ्टी के लिए 24,450-24,500 अहम सपोर्ट

तकनीकी विश्लेषण के मुताबिक, शुक्रवार को निफ्टी 50 65.35 अंक यानी 0.27 प्रतिशत गिरकर 24,570.65 पर बंद हुआ था। इसके बावजूद निफ्टी अपने प्रमुख मूविंग एवरेज के ऊपर बना हुआ है, जिससे बाजार की व्यापक संरचना फिलहाल सकारात्मक मानी जा रही है। निफ्टी का RSI 59.89 पर है, जो तेजी वाले क्षेत्र में बना हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार, 24,450 से 24,500 का स्तर निफ्टी के लिए निकटतम सपोर्ट जोन है, जबकि 24,750 से 24,800 प्रमुख रेजिस्टेंस जोन माना जा रहा है। निकट अवधि में बाजार में सीमित दायरे में कारोबार और कंसोलिडेशन देखने को मिल सकता है। यदि निफ्टी सपोर्ट स्तरों के ऊपर बना रहता है तो बाजार की सकारात्मक संरचना कायम रह सकती है। वहीं, रेजिस्टेंस जोन के ऊपर निर्णायक बढ़त मिलने पर नई खरीदारी देखने को मिल सकती है।

FCRA Amendment Bill 2026: भारत ने विदेशी फंडिंग पर कानून को लेकर दूर की गलतफहमी, क्वात्रा बोले- NGO का काम नहीं होगा बंद

वॉशिंगटन/नई दिल्ली, 10 जुलाई। प्रस्तावित फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) अमेंडमेंट बिल 2026 (FCRA Amendment Bill 2026) को लेकर उठ रही चिंताओं और गलतफहमियों के बीच भारत ने स्पष्ट किया है कि इसका उद्देश्य विदेशी फंडिंग पर निगरानी और पारदर्शिता को मजबूत करना है, न कि कानून का पालन करने वाले नागरिक संगठनों (सिविल सोसायटी) का काम बंद करना। अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रस्तावित विधेयक को लेकर विस्तृत स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा कि मीडिया और सिविल सोसायटी के बीच FCRA संशोधन विधेयक को लेकर कई तरह की गलतफहमियां हैं।

विदेशी फंडिंग पर नियंत्रण हर देश का अधिकार

क्वात्रा ने उस दावे को खारिज किया कि भारत ऐसा नया कानून ला रहा है, जिसका उद्देश्य नागरिक संगठनों को मिलने वाली विदेशी सहायता रोकना है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक और राजनीतिक क्षेत्रों में विदेशी धन के प्रवाह को नियंत्रित करना हर देश का संप्रभु अधिकार है और यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं के आधार पर किया जाता है। उन्होंने कहा कि कई लोकतांत्रिक देशों में विदेशी फंडिंग का नियमन आधुनिक शासन व्यवस्था का सामान्य हिस्सा है।

राजदूत ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित कानून भारतीयों को विदेशी दान लेने से नहीं रोकता और न ही कानून का पालन करने वाले नागरिक संगठनों को बंद करता है। उनके अनुसार, FCRA के तहत हजारों संगठन पंजीकृत हैं और स्वास्थ्य, शिक्षा, आपदा राहत, शोध तथा मानवीय सहायता जैसे क्षेत्रों में विदेशी फंड प्राप्त कर रहे हैं।

1976 में आया था पहला FCRA कानून

क्वात्रा ने बताया कि भारत में पहला FCRA कानून 1976 में लागू हुआ था। इसके बाद 2010 में इसे आधुनिक स्वरूप दिया गया और 2016, 2018 तथा 2020 में इसमें बदलाव किए गए। उन्होंने कहा कि 2026 का प्रस्तावित विधेयक और उससे जुड़े नियम इसी प्रक्रिया की अगली कड़ी हैं, जिनका उद्देश्य अधिक पारदर्शिता, बेहतर प्रशासन और स्पष्ट नियम सुनिश्चित करना है।

2024-25 में 2.67 अरब डॉलर विदेशी योगदान

FCRA से जुड़े आंकड़ों का हवाला देते हुए क्वात्रा ने कहा कि पंजीकृत संगठनों को मिलने वाला विदेशी योगदान 2010-11 में करीब 1.2 अरब डॉलर से बढ़कर 2024-25 में 2.67 अरब डॉलर हो गया। उन्होंने बताया कि भारत में 30 लाख से अधिक NGO हैं, लेकिन इनमें से केवल 14,450 संगठनों के पास FCRA पंजीकरण है। यानी अधिकांश नागरिक संगठन इस कानून के दायरे में नहीं आते।

क्वात्रा ने FCRA की मूल व्यवस्था को समझाते हुए कहा कि कानून विदेशी दान, शोध अनुदान या मानवीय सहायता लेने पर रोक नहीं लगाता। इसके तहत संगठनों को पंजीकरण कराना, निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार धन प्राप्त करना और उसके इस्तेमाल का विवरण देना होता है।

NGO की संपत्ति जब्त होने की आशंका पर भी सफाई

FCRA संशोधन को लेकर उन आशंकाओं पर भी क्वात्रा ने सफाई दी, जिनमें कहा जा रहा था कि NGO, धार्मिक संस्थाओं, पूजा स्थलों, अस्पतालों और स्कूलों की विदेशी चंदे से बनी संपत्तियां जब्त की जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि किसी संस्था का पंजीकरण रद्द होने या संस्था द्वारा खुद पंजीकरण छोड़ने की स्थिति में विदेशी चंदे से बनाई गई संपत्तियां और बची हुई राशि पहले से ही राज्य सरकार द्वारा नामित प्राधिकरण के पास जाने की व्यवस्था 2010 से लागू है।

उनके मुताबिक, 2026 का प्रस्तावित विधेयक केवल इन संपत्तियों की सुरक्षा के लिए एक निर्धारित प्राधिकरण की व्यवस्था करता है और संगठन को दोबारा पंजीकरण बहाल कराने का रास्ता भी देता है। यदि पंजीकरण बहाल हो जाता है तो संपत्तियां और बची हुई राशि संबंधित संगठन को वापस कर दी जाएंगी।

पूजा स्थलों के लिए भी विशेष प्रावधान

क्वात्रा ने बताया कि यदि किसी ऐसे संगठन का FCRA पंजीकरण रद्द होता है, जिसने किसी पूजा स्थल से जुड़ी संपत्ति बनाई है, तो उस संपत्ति को उसी धर्म के किसी अन्य FCRA-पंजीकृत संगठन को सौंपा जाएगा। इसका उद्देश्य धार्मिक गतिविधियों को बिना बाधा जारी रखना है। उन्होंने इस आरोप को भी खारिज किया कि प्रस्तावित कानून किसी विशेष धर्म या समुदाय को निशाना बनाता है।

क्वात्रा के अनुसार, कानून धर्म, समुदाय या विचारधारा की परवाह किए बिना सभी संगठनों पर समान रूप से लागू होगा। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों से जुड़े संगठनों द्वारा संचालित कल्याणकारी कार्य, धार्मिक शिक्षा, पूजा स्थलों का रखरखाव और चैरिटी से जुड़े काम विदेशी फंडिंग हासिल करने के लिए पहले की तरह पात्र बने रहेंगे।

Sawan Somwar 2026: यूपी के शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब, हर-हर महादेव से गूंजे मंदिर

लखनऊ, 10 जुलाई। सावन महीने के दूसरे सोमवार को उत्तर प्रदेश के शिव मंदिरों में आस्था और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है। ब्रह्म मुहूर्त से ही शिवालयों के बाहर श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। भक्त ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयकारों के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक करने पहुंच रहे हैं। प्रयागराज के ऐतिहासिक दशाश्वमेध महादेव और ब्रह्मेश्वर महादेव मंदिर में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा हुआ है। श्रद्धालु गंगा जल से भगवान शिव का अभिषेक कर सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ति की कामना कर रहे हैं।

दशाश्वमेध-ब्रह्मेश्वर महादेव मंदिर का विशेष महत्व

मंदिर के पुजारी सोम जी शास्त्री ने बताया कि इस स्थान का विशेष धार्मिक महत्व है। मान्यता के अनुसार, प्राचीन काल में भगवान ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना शुरू करने से पहले यहां अश्वमेध यज्ञ किया था और ब्रह्मेश्वर महादेव की स्थापना की थी। उन्होंने बताया कि यहां दो शिवलिंग—दशाश्वमेध महादेव और ब्रह्मेश्वर महादेव विराजमान हैं। मान्यता है कि वर्तमान दशाश्वमेध महादेव स्वयंभू हैं। एक श्रद्धालु ने कहा कि मंदिर बेहद प्राचीन और धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण है। यहां आने वाले भक्त श्रद्धा और अनुशासन के साथ पूजा करते हैं और मान्यता है कि भगवान शिव से मांगी गई मनोकामना पूरी होती है।

पृथ्वीनाथ मंदिर में भी उमड़ी भीड़

गोंडा के ऐतिहासिक पृथ्वीनाथ मंदिर में भी सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। हजारों भक्तों ने शिवलिंग पर जल अर्पित कर पूजा-अर्चना की। दर्शन के बाद लौट रहे एक श्रद्धालु ने भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था जताते हुए कहा कि बाबा सभी पर कृपा बनाए रखें और सभी की मनोकामनाएं पूरी करें।

कछला और सोरों घाट पर लाखों कांवड़िए

कासगंज जिले के कछला घाट और सोरों जी लहर गंगा घाट पर भी सावन के दूसरे सोमवार को बड़ी संख्या में कांवड़िए पहुंचे। भक्तों ने गंगा जल भरा और अपने-अपने क्षेत्रों के शिव मंदिरों की ओर रवाना हुए। कई कांवड़िए कछला घाट से गंगाजल लेकर फिरोजाबाद की शिकोहाबाद तहसील स्थित प्रसिद्ध बटेश्वर धाम के लिए पैदल रवाना हुए।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। प्रमुख मार्गों पर चेकपॉइंट बनाए गए हैं और पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई है। प्रशासन का प्रयास है कि कांवड़ यात्रा और मंदिरों में दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।

सीतापुर में बाबा श्यामनाथ मंदिर में लंबी कतार

सीतापुर में भी सावन के दूसरे सोमवार पर बाबा श्यामनाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए भारी भीड़ उमड़ी। मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं और पूरा इलाका ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंजता रहा। सीओ सिटी कपूर कुमार ने बताया कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पहले सोमवार की तुलना में दूसरे सोमवार को श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ी है। इसे देखते हुए पुलिस बल भी बढ़ाया गया है। स्थानीय पुलिस के साथ अतिरिक्त फोर्स और पीएसी के जवानों को भी तैनात किया गया है, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।

PM Modi Subhashit : पीएम मोदी ने शेयर किया संस्कृत श्लोक, सत्य और जनहितकारी सूचना का दिया संदेश

नई दिल्ली, 10 जुलाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक संस्कृत सुभाषित साझा किया। इसके जरिए उन्होंने लोगों से सत्य, शुभ और ज्ञानवर्धक वचन सुनने, कल्याणकारी विचारों को अपनाने और जनहितकारी सूचनाओं का प्रसार करने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने पोस्ट में लिखा, “हम सत्य, शुभ और ज्ञानवर्धक वचन सुनें, कल्याणकारी विचारों को अपनाएं। स्वस्थ शरीर, उत्तम आचरण और श्रेष्ठ गुणों के साथ जीवन को लोकहित में समर्पित करें तथा सत्य, प्रामाणिक और जनहितकारी सूचनाओं का प्रसार कर राष्ट्र और समाज को जागरूक, सशक्त तथा समरस बनाएं।”

इसके साथ पीएम मोदी ने संस्कृत श्लोक भी साझा किया-

“भद्रं कर्णेभिः शृणुयाम देवा भद्रं पश्येमाक्षभिर्यजत्राः॥
स्थिरैरङ्गैस्तुष्टुवांसस्तनूभिर्व्यशेम देवहितं यदायुः॥”

7 अगस्त को भी शेयर किया था सुभाषित

इससे पहले प्रधानमंत्री ने 7 अगस्त को भी सोशल मीडिया पर एक संस्कृत सुभाषित साझा किया था। उन्होंने लिखा था- “किं चन्द्रमाः प्रत्युपकारलिप्सया करोति गोभिः कुमुदावबोधनम्। स्वभाव एवोन्नतचेतसां सतां परोपकारव्यसनं हि जीवितम्॥” इसका अर्थ है कि चंद्रमा किसी प्रत्युपकार की इच्छा से अपनी किरणों से कुमुदिनी को प्रकाशित नहीं करता, बल्कि यह उसका स्वाभाविक गुण है। इसी तरह महान और उदार हृदय वाले लोग बिना किसी स्वार्थ या अपेक्षा के दूसरों का हित करते हैं, क्योंकि परोपकार उनके स्वभाव का हिस्सा होता है।

6 अगस्त को पीएम ने दिया था मातृभूमि सेवा का संदेश

इससे पहले 6 अगस्त को भी प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर संस्कृत श्लोक साझा किया था- “विश्वस्वं मातरमोषधीनां ध्रुवां भूमिं पृथिवीं धर्मणा धृताम्। शिवां स्योनामनु चरेम विश्वहा॥” इसका संदेश पृथ्वी और मातृभूमि की सेवा से जुड़ा है। प्रधानमंत्री की ओर से साझा किए गए अर्थ में कहा गया कि जिस धरती पर श्रेष्ठ वनस्पतियां और औषधियां पैदा होती हैं, वह पृथ्वी माता विस्तृत और स्थिर रहे। साथ ही विद्या, शौर्य, सत्य और स्नेह जैसे सद्गुणों से पोषित मातृभूमि की सदैव सेवा करने का संकल्प लिया जाए।