नई दिल्ली, 11 अगस्त। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने प्लास्टिक-मुक्त अभियान के तहत पान मसाला की पैकेजिंग को लेकर सख्ती बरतते हुए नए नियम लागू किए हैं और प्लास्टिक, एल्युमीनियम फॉयल और मेटलाइज्ड लेयर के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। इन नियमों के तहत पैकेजिंग में ऐसे मटीरियल का इस्तेमाल करने को कहा गया है, जो प्लास्टिक-मुक्त हों।
पैकेजिंग के लिए ये बदलाव सोमवार (10 अगस्त) को भारत के राजपत्र में प्रकाशित ‘खाद्य सुरक्षा और मानक (पैकेजिंग) संशोधन नियम, 2026’ के जरिए बताए गए। इस संशोधन के ज़रिए ‘फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (पैकेजिंग) रेगुलेशन्स, 2018’ में बदलाव किया गया है। इसके तहत ‘शेड्यूल 4’ (जिसमें पैकेजिंग के लिए सुझाए गए मटीरियल की सूची है) में ‘पान मसाला’ को एक नई एंट्री के तौर पर जोड़ा गया है।
केंद्रीय स्वास्थ्य और कल्याण मंत्रालय के तहत आने वाले एफएसएसएआई के नए नियमों के अनुसार, पान मसाले की पैकेजिंग कागज, पेपरबोर्ड, सेलुलोज या प्राकृतिक रूप से मिलने वाले अन्य मटीरियल में की जा सकती है, लेकिन इन मटीरियल में प्लास्टिक बिल्कुल नहीं होना चाहिए।
एफएसएसएआई ने मैन्युफैक्चरर्स को पान मसाला के लिए टिन या कांच के कंटेनर इस्तेमाल करने की भी इजाजत दी है। इन्हें नई एंट्री के तहत मंजूरी वाले पैकेजिंग ऑप्शन के तौर पर अलग से लिस्ट किया गया है। संशोधन में यह भी कहा गया है कि पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के तहत बनाए गए प्लास्टिक कचरा प्रबंधन नियम, 2016 के कुछ प्रावधान पान मसाला की पैकेजिंग पर भी लागू होंगे।
ये नियम Official Gazette में प्रकाशित होने की तारीख से लागू
ये नियम आधिकारिक राजपत्र (Official Gazette) में प्रकाशित होने की तारीख से लागू होंगे। FSSAI ने प्रस्तावित बदलावों पर बातचीत की प्रक्रिया पूरी करने के बाद अंतिम संशोधन की सूचना जारी की। अथॉरिटी ने सबसे पहले 28 अप्रैल को खाद्य सुरक्षा और मानक (पैकेजिंग) संशोधन नियम, 2026 का ड्राफ्ट प्रकाशित किया था, जिसमें प्रस्तावित नियमों से प्रभावित होने वाले लोगों से आपत्तियां और सुझाव मांगे गए थे। यह ड्राफ्ट 60 दिनों तक लोगों की राय जानने के लिए खुला था।
एफएसएसएआई ने कहा कि फाइनल अमेंडमेंट जारी करने से पहले, ड्राफ्ट के जवाब में जनता से मिली आपत्तियों और सुझावों पर विचार किया गया था। यह फाइनल नोटिफिकेशन, केंद्र सरकार की मंज़ूरी से ‘फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006’ के तहत एफएसएसएआई को मिली शक्तियों के आधार पर जारी किया गया था।
नया नोटिफिकेशन खास तौर पर पैकेजिंग से जुड़ा नियम
यह नोटिफिकेशन खास तौर पर पैकेजिंग से जुड़ा नियम है। इसमें पान मसाला प्रोडक्ट पर बैन लगाने की बात नहीं कही गई है। इसके बजाय, इसमें पान मसाला को पैकेजिंग शेड्यूल में शामिल किया गया है और उन मटीरियल के बारे में बताया गया है, जिनका इस्तेमाल इसकी पैकेजिंग के लिए किया जा सकता है। इसलिए, नए नियमों में पैन मसाला की पैकेजिंग को प्लास्टिक-आधारित मटीरियल से दूर करने पर जोर दिया गया है।
जो निर्माता कागज, पेपरबोर्ड, सेलुलोज या प्राकृतिक रूप से मिलने वाले अन्य मटीरियल का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें यह पक्का करना होगा कि इन मटीरियल में प्लास्टिक, सिंथेटिक पॉलीमर, को-पॉलीमर या लैमिनेट न हो और इनमें एल्युमीनियम फॉइल या मेटलाइज्ड लेयर का इस्तेमाल न किया जाए।
एफएसएसएआई ने पैकेजिंग के लिए जिन दूसरे विकल्पों का साफ तौर पर ज़िक्र किया है, उनमें टिन और ग्लास के कंटेनर शामिल हैं। पब्लिकेशन के साथ ही यह संशोधन लागू हो गया है, और अब ये प्रावधान संशोधित ‘फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (पैकेजिंग) रेगुलेशंस, 2018’ का हिस्सा बन गए हैं।

