रांची, 10 जुलाई। झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जांच शुरू कर दी है। ईडी के रांची जोनल कार्यालय ने राज्य पुलिस और सीआईडी की प्राथमिकी के आधार पर ECIR (Enforcement Case Information Report) दर्ज की है। एजेंसी की जांच का मुख्य फोकस कथित परीक्षा घोटाले में हुए वित्तीय लेन-देन, बिचौलियों की भूमिका और पैसों के पूरे नेटवर्क का पता लगाने पर है। ईडी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि अभ्यर्थियों से कथित तौर पर वसूली गई रकम किन लोगों तक पहुंची और उसका इस्तेमाल किस तरह किया गया। फिलहाल एजेंसी ने 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ी से जुड़े सीआईडी केस को आधार बनाया है।
JSSC CGL परीक्षा मामले में भी ED की नजर
सूत्रों के मुताबिक, JSSC 2024 CGL परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर ईडी अलग से ECIR दर्ज कर सकती है। इस मामले की जांच सीआईडी पिछले करीब 20 दिनों से कर रही है। जांच में परीक्षा आयोजित कराने वाली टीडीपीएल (TSR Data Processing Pvt. Ltd.) की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश सरकार और झारखंड में JSSC द्वारा ब्लैकलिस्ट किए जाने के बावजूद इस एजेंसी को JPSC में ठेका दिए जाने को लेकर भी जांच की जा रही है।
JPSC के पूर्व अध्यक्ष से चार दौर की पूछताछ
मामले में JPSC के तत्कालीन अध्यक्ष एल. खियांग्ते से सीआईडी चार दौर की पूछताछ कर चुकी है। इसके बाद आयोग की तीन सदस्यों अजीता भट्टाचार्य, अनिमा हांसदा और जमाल अहमद के इस्तीफे भी सामने आए हैं। सोमवार को आयोग की सदस्य अजीता भट्टाचार्य को पूछताछ के लिए तलब किया गया है। जांच एजेंसी परीक्षा में कथित अनियमितताओं और ठेका प्रक्रिया से जुड़े पहलुओं को भी खंगाल रही है।
TDPL से जुड़े व्यक्ति की गिरफ्तारी
सीआईडी ने इस मामले में अभय कुमार तिवारी को गिरफ्तार किया है। जांच के मुताबिक, वह राज्य सरकार के एक कार्यालय में कार्यरत था और TDPL से भी जुड़ा हुआ था। जांच एजेंसियां उसे कथित सिंडिकेट की अहम कड़ी मान रही हैं। पूछताछ में परीक्षा संचालन और अभ्यर्थियों से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की बात कही जा रही है।
40 करोड़ के कथित वित्तीय नेटवर्क की जांच
जांच एजेंसियों के अनुसार, शुरुआती पड़ताल में करीब 40 करोड़ रुपये के कथित वित्तीय नेटवर्क की आशंका सामने आई है। इसमें परीक्षा पास कराने और OMR शीट में कथित हेरफेर के बदले रकम लिए जाने के आरोपों की जांच की जा रही है। सीआईडी की छापेमारी में रांची, हजारीबाग, पलामू और धनबाद समेत 18 ठिकानों से दस्तावेज और डिजिटल सामग्री बरामद किए जाने की जानकारी है। बरामद सामान में ब्लैंक चेक, अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र, OMR शीट की कार्बन प्रतियां और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल हैं।
अब तक 19 लोगों की गिरफ्तारी
इस मामले में अब तक 19 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें कथित तौर पर परीक्षा में अनुचित तरीके से सफल होने वाले अभ्यर्थियों के अलावा कंप्यूटर ऑपरेटर भी शामिल हैं। अब ED की एंट्री के बाद जांच का दायरा वित्तीय लेन-देन और कथित मनी ट्रेल तक पहुंचने की दिशा में बढ़ गया है।
