hindi.revoi.in
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • कारोबार
  • राज्य
    • दिल्ली
    • उत्तरप्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मध्यप्रदेश
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • खेल
Reading: FCRA Amendment Bill 2026: भारत ने विदेशी फंडिंग पर कानून को लेकर दूर की गलतफहमी, क्वात्रा बोले- NGO का काम नहीं होगा बंद
Share
  • ગુજરાતી
  • English
Font ResizerAa
hindi.revoi.inhindi.revoi.in
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • कारोबार
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
Search
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • कारोबार
  • राज्य
    • दिल्ली
    • उत्तरप्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मध्यप्रदेश
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • खेल
Follow US
hindi.revoi.in > Blog > हिन्दी > राष्ट्रीय > FCRA Amendment Bill 2026: भारत ने विदेशी फंडिंग पर कानून को लेकर दूर की गलतफहमी, क्वात्रा बोले- NGO का काम नहीं होगा बंद
राष्ट्रीयदेश-विदेशहिन्दी

FCRA Amendment Bill 2026: भारत ने विदेशी फंडिंग पर कानून को लेकर दूर की गलतफहमी, क्वात्रा बोले- NGO का काम नहीं होगा बंद

Revoi Editor
Last updated: August 10, 2026 12:42 pm
Revoi Editor
Published: August 10, 2026
Share
SHARE

वॉशिंगटन/नई दिल्ली, 10 जुलाई। प्रस्तावित फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) अमेंडमेंट बिल 2026 (FCRA Amendment Bill 2026) को लेकर उठ रही चिंताओं और गलतफहमियों के बीच भारत ने स्पष्ट किया है कि इसका उद्देश्य विदेशी फंडिंग पर निगरानी और पारदर्शिता को मजबूत करना है, न कि कानून का पालन करने वाले नागरिक संगठनों (सिविल सोसायटी) का काम बंद करना। अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रस्तावित विधेयक को लेकर विस्तृत स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा कि मीडिया और सिविल सोसायटी के बीच FCRA संशोधन विधेयक को लेकर कई तरह की गलतफहमियां हैं।

विदेशी फंडिंग पर नियंत्रण हर देश का अधिकार

क्वात्रा ने उस दावे को खारिज किया कि भारत ऐसा नया कानून ला रहा है, जिसका उद्देश्य नागरिक संगठनों को मिलने वाली विदेशी सहायता रोकना है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक और राजनीतिक क्षेत्रों में विदेशी धन के प्रवाह को नियंत्रित करना हर देश का संप्रभु अधिकार है और यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं के आधार पर किया जाता है। उन्होंने कहा कि कई लोकतांत्रिक देशों में विदेशी फंडिंग का नियमन आधुनिक शासन व्यवस्था का सामान्य हिस्सा है।

राजदूत ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित कानून भारतीयों को विदेशी दान लेने से नहीं रोकता और न ही कानून का पालन करने वाले नागरिक संगठनों को बंद करता है। उनके अनुसार, FCRA के तहत हजारों संगठन पंजीकृत हैं और स्वास्थ्य, शिक्षा, आपदा राहत, शोध तथा मानवीय सहायता जैसे क्षेत्रों में विदेशी फंड प्राप्त कर रहे हैं।

1976 में आया था पहला FCRA कानून

क्वात्रा ने बताया कि भारत में पहला FCRA कानून 1976 में लागू हुआ था। इसके बाद 2010 में इसे आधुनिक स्वरूप दिया गया और 2016, 2018 तथा 2020 में इसमें बदलाव किए गए। उन्होंने कहा कि 2026 का प्रस्तावित विधेयक और उससे जुड़े नियम इसी प्रक्रिया की अगली कड़ी हैं, जिनका उद्देश्य अधिक पारदर्शिता, बेहतर प्रशासन और स्पष्ट नियम सुनिश्चित करना है।

2024-25 में 2.67 अरब डॉलर विदेशी योगदान

FCRA से जुड़े आंकड़ों का हवाला देते हुए क्वात्रा ने कहा कि पंजीकृत संगठनों को मिलने वाला विदेशी योगदान 2010-11 में करीब 1.2 अरब डॉलर से बढ़कर 2024-25 में 2.67 अरब डॉलर हो गया। उन्होंने बताया कि भारत में 30 लाख से अधिक NGO हैं, लेकिन इनमें से केवल 14,450 संगठनों के पास FCRA पंजीकरण है। यानी अधिकांश नागरिक संगठन इस कानून के दायरे में नहीं आते।

क्वात्रा ने FCRA की मूल व्यवस्था को समझाते हुए कहा कि कानून विदेशी दान, शोध अनुदान या मानवीय सहायता लेने पर रोक नहीं लगाता। इसके तहत संगठनों को पंजीकरण कराना, निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार धन प्राप्त करना और उसके इस्तेमाल का विवरण देना होता है।

NGO की संपत्ति जब्त होने की आशंका पर भी सफाई

FCRA संशोधन को लेकर उन आशंकाओं पर भी क्वात्रा ने सफाई दी, जिनमें कहा जा रहा था कि NGO, धार्मिक संस्थाओं, पूजा स्थलों, अस्पतालों और स्कूलों की विदेशी चंदे से बनी संपत्तियां जब्त की जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि किसी संस्था का पंजीकरण रद्द होने या संस्था द्वारा खुद पंजीकरण छोड़ने की स्थिति में विदेशी चंदे से बनाई गई संपत्तियां और बची हुई राशि पहले से ही राज्य सरकार द्वारा नामित प्राधिकरण के पास जाने की व्यवस्था 2010 से लागू है।

उनके मुताबिक, 2026 का प्रस्तावित विधेयक केवल इन संपत्तियों की सुरक्षा के लिए एक निर्धारित प्राधिकरण की व्यवस्था करता है और संगठन को दोबारा पंजीकरण बहाल कराने का रास्ता भी देता है। यदि पंजीकरण बहाल हो जाता है तो संपत्तियां और बची हुई राशि संबंधित संगठन को वापस कर दी जाएंगी।

पूजा स्थलों के लिए भी विशेष प्रावधान

क्वात्रा ने बताया कि यदि किसी ऐसे संगठन का FCRA पंजीकरण रद्द होता है, जिसने किसी पूजा स्थल से जुड़ी संपत्ति बनाई है, तो उस संपत्ति को उसी धर्म के किसी अन्य FCRA-पंजीकृत संगठन को सौंपा जाएगा। इसका उद्देश्य धार्मिक गतिविधियों को बिना बाधा जारी रखना है। उन्होंने इस आरोप को भी खारिज किया कि प्रस्तावित कानून किसी विशेष धर्म या समुदाय को निशाना बनाता है।

क्वात्रा के अनुसार, कानून धर्म, समुदाय या विचारधारा की परवाह किए बिना सभी संगठनों पर समान रूप से लागू होगा। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों से जुड़े संगठनों द्वारा संचालित कल्याणकारी कार्य, धार्मिक शिक्षा, पूजा स्थलों का रखरखाव और चैरिटी से जुड़े काम विदेशी फंडिंग हासिल करने के लिए पहले की तरह पात्र बने रहेंगे।

You Might Also Like

कांस फिल्म फेस्टिवल में सिनेमैटोग्राफी के लिए पुरस्कार पाने वाले पहले एशियाई बने संतोष सिवन
महुआ मोइत्रा ने आचार समिति पर उठाया सवाल, बोलीं – ‘जो मेरी जांच कर रहे, पहले उनकी हो जांच’
ममता बनर्जी ने पीएम मोदी से की भेंट, जीएसटी बकाया सहित कई मुद्दों पर की चर्चा
भारत के लिए दोहरी खुशी : शांतिनिकेतन के बाद होयसला मंदिर समूह भी UNESCO लिस्ट में शामिल
यूपी के सीएम योगी गरजे – या तो पाकिस्तान का भारत में विलय होगा अथवा वह हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा
Share This Article
Facebook Email Print
Popular News
राष्ट्रीयदेश-विदेशराजनीतिहिन्दी

अमित शाह के समर्थन में NDA सांसदों का मार्च, राहुल गांधी से पूछा- झारखंड में छात्रों पर कार्रवाई का जवाब कौन देगा?

August 11, 2026

बिहार में फर्जी IAS अधिकारी गिरफ्तार : खुद को बताया NSA अजित डोभाल का अंडरकवर एजेंट

राहुल गांधी का अमित शाह पर तीखा हमला : विपक्ष गृह मंत्री का कोई ‘सामान्य भाषण’ सुनने का इच्छुक नहीं

देश विरोधी तत्वों ने स्लोवेनिया में भारतीय दूतावास को क्षतिग्रस्त किया, भारत ने की काररवाई की मांग

अमरनाथ यात्रा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित:बालटाल एवं पहलगाम मार्गों पर ट्रैक क्षतिग्रस्त

पश्चिमी कोलंबिया में 7.4 तीव्रता के भूकंप से भारी तबाही, 132 लोगों की मौत; 570 से अधिक घायल

मायावती का भाजपा और आप पर हमला, बोलीं- ‘संत रविदास के नाम पर राजनीति से समाज रहे सतर्क’

Sawan Somwar 2026: यूपी के शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब, हर-हर महादेव से गूंजे मंदिर

Jharkhand Exam Scam: JPSC-JSSC भर्ती परीक्षा घोटाले में ED की एंट्री, 40 करोड़ के वित्तीय नेटवर्क की जांच

PM Modi से नरेंदर ने सुनाया पाकिस्तानी बॉक्सर का मजेदार किस्सा, बोले- ‘नरेंदर नाम से नफरत हो गई’

Ad imageAd image

लोकप्रिय श्रेणियां

  • राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • अंतरराष्ट्रीय
  • खेल
  • राज्य
  • चुनाव
  • कारोबार
  • देश-विदेश
  • बॉलीवुड
  • मनोरंजन
  • व्यापार

About US

REVOI is a independent media start-up. We are a new-age media company with a rich and storied legacy. REVOI believes : “INFACT EVERY PERSON ON THIS EARTH IS ARGUABLY A STAKEHOLDER IN EVERY ORGANISATION ON THIS PLANET”
Quick Link
  • ગુજરાતી
  • English
Top Categories

Subscribe US

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

    © 2026 Trim Media Private Limited. All Rights Reserved.
    Welcome Back!

    Sign in to your account

    Username or Email Address
    Password

    Lost your password?