गिल और पंड्या के पराक्रम से टीम इंडिया ने जीती टी20 सीरीज, अंतिम मैच में न्यूजीलैंड की 168 रनों से करारी हार

अहमदाबाद, 1 फरवरी। ओपनर शुभमन गिल के रिकॉर्डतोड़ शतकीय प्रहार (नाबाद 126 रन, 63 गेंद, सात छक्के, 12 चौके) और फिर कप्तान हार्दिक पंड्या (4-16) की अगुआई में शानदार गेंदबाजी के सहारे टीम इंडिया ने बुधवार को यहां तीसरे व अंतिम टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में न्यूजीलैंड को 168 रनों की करारी पराजय का स्वाद चखाया और 2-1 के अंतर से सीरीज अपने नाम कर ली।

234 रनों के पहाड़ सरीखे लक्ष्य के सामने कीवी 66 पर ढेर

नरेंद्र मोदी स्टेडियम में सिक्के की उछाल जीतने वाले मेजबानों ने देश के सर्वोच्च टी20 स्कोरर बन चुके गिल एवं उनके साथियों की पराक्रमी बल्लेबाजी से चार विकेट पर ही 234 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। उसके बाद पंड्या, अर्शदीप सिंह (2-16), शिवम मावी (2-12) और उमरान मलिक (2-9) के सामने मेहमान टीम 12.1 ओवरों में 66 रनों पर ही बिखर गई।

2 पूर्ण सदस्य देशों के बीच मैच में जीत का सबसे बड़ा अंतर

आईसीसी के दो पूर्ण सदस्य देशों के बीच खेले गए टी20 मैच में रनों के लिहाज से यह सबसे बड़ी जीत है। वैसे, भारत की यह जीत इसलिए भी उल्लेखनीय है कि रांची में पहला मैच गंवाने के बाद भारत को लखनऊ के इकाना स्टेडियम की टर्न लेती पिच पर कम स्कोर का पीछा करने में पसीने छूट गए थे, लेकिन आज बल्ले और गेंद से पंड्या एंड कम्पनी ने वाहवाही लूटी। इसके पहले एक दिनी सीरीज में भारत ने 3-0 का क्लीन स्वीप हासिल किया था।

गिल और हार्दिक ने सिर्फ 40 गेदों पर ठोके 103 रन

भारतीय पारी की बात करें तो सिर्फ ओपनर ईशान किशन (1) नहीं चले अन्यथा ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ शुभमन सहित सभी बल्लेबाज चले। इनमें राहुल त्रिपाठी (44 रन, 22 गेंद, तीन छक्के, चार चौके) ने गिल के साथ दूसरे विकेट के लिए 80 रन जोड़े तो 13वें ओवर में 125 पर सूर्यकुमार यादव (24 रन, 13 गेंद, दो छक्के, एक चौका) के वापसी के बाद ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ पंड्या (30 रन, 17 गेंद, एक छक्का, चार चौके) के बीच सिर्फ 40 गेंदों पर 103 रनों की साझेदारी आ गई।

स्कोर कार्ड

वहीं कीवी पारी की दुर्गति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है कि सिर्फ 27 गेंदों के भीतर 21 रनों पर आधी टीम लौट चुकी थी। डेरिल मिशेल (35 रन, 25 गेंद, तीन छक्के, एक चौका) टीम के सर्वोच्च स्कोरर रहे और उनके अलावा सिर्फ कप्तान मिशेल सैंटनर (13 रन, 13 गेंद, एक चौका) दहाई में पहुंच सके।

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