चुनाव आयोग ने लालकृष्ण आडवाणी, एस. जयशंकर व चुनाव आयुक्त संधू को भी भेजी SIR की नोटिस, जानिए वजह…

नई दिल्ली, 20 सितम्बर। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की ओर से मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान जारी नोटिस की सूची में कई बड़ी राजनीतिक हस्तियों के नाम भी सामने आए हैं। इनमें भाजपा के वयोवृद्ध नेता व पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और चुनाव आयुक्त एसएस संधू तक शामिल हैं।

कांग्रेस सांसद कपिल सिब्बल व अभिकेष मनु सिंघवी भी शामिल

टीवी नेटवर्क न्यूज18 की रिपोर्ट के अनुसार सूची में कांग्रेस के सीनियर नेता व सांसद कपिल सिब्बल, कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी और विदेश सचिव विक्रम मिस्री के भी नाम हैं। इन लोगों को अलग-अलग मामलों में मतदाता सूची से जुड़े रिकॉर्ड के सत्यापन के लिए नोटिस भेजी गई है।

SIR नोटिस के अनुसार एसएस संधू के मामले में मतदाता रिकॉर्ड में उनके नाम की स्पेलिंग में अंतर पाया गया। विदेश मंत्री एस. जयशंकर और उनकी पत्नी केएस जयशंकर के नाम भी नोटिस लिस्ट में हैं। कपिल सिब्बल और विदेश सचिव विक्रम मिस्री के नाम पिछले SIR के रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रहे। इस कारण उन्हें नोटिस जारी की गई है। इस सूची में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार के कुछ सदस्यों के नाम भी हैं। लालकृष्ण आडवाणी की बेटी प्रतिभा आडवाणी का नाम भी लिस्ट में दर्ज है।

रिकॉर्ड में अन्यान्य विसंगतियां नोटिस भेजने की वजह

दरअसल, कई प्रमुख राजनीतिक और प्रशासनिक हस्तियों को भेजी गई नोटिस की वजह पिछले एसआईआर के रिकॉर्ड से नाम का मिलान नहीं होना या रिकॉर्ड में कुछ विसंगतियां बताई गई हैं। अलग-अलग मामलों में नाम की स्पेलिंग में अंतर, पुराने रिकॉर्ड से नाम मैच नहीं करना और अन्य रिकॉर्ड संबंधी गड़बड़ियों को आधार बनाया गया है। इन नोटिस का मकसद संबंधित मतदाताओं के रिकॉर्ड की जांच और वोटर लिस्ट के सत्यापन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है। नोटिस जारी होने का मतलब यह नहीं है कि उस व्यक्ति का नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है।

वोटर लिस्ट SIR की शुरुआत सबसे पहले बिहार से हुई थी

उल्लेखनीय है कि चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट SIR की शुरुआत सबसे पहले बिहार में की थी। आयोग ने 24 जून, 2025 को बिहार में इसकी प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया था। दूसरे चरण में छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल समेत नौ राज्यों व अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप और पुडुचेरी में अक्टूबर 2025 से एसआईआर शुरू हुआ, जो अप्रैल, 2026 तक चला।

इसके बाद तीसरे चरण में 2026 में ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम, मणिपुर, दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, तेलंगाना आदि में प्रक्रिया शुरू हुई। निर्वाचन आयोग के अनुसार तीसरे चरण में कुल 16 राज्य और तीन केंद्रशासित प्रदेश शामिल हैं।

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