सुआ (फिजी), 17 सितम्बर। प्रशांत महासागर के द्वीपीय देश फिजी में एचआईवी (HIV) संक्रमण दर तेजी से बढ़ रही है। इसे देखते हुए सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर दिया गया है। संक्रमण की स्थिति गंभीर होने के बीच सरकार ने रोकथाम, जांच और उपचार के प्रयासों को तेज करने का फैसला किया है।
फिजी के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवा मंत्री डॉ. राटु एंटोनियो लालाबालावु ने गुरुवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल की घोषणा करते हुए कहा कि संक्रमण की बढ़ती चुनौती से निबटने के लिए तत्काल और समन्वित कदम उठाने की जरूरत है।

पिछले कुछ वर्षों के दौरान HIV संक्रमण के मामलों में जबर्दस्त वृद्धि
दरअसल, फिजी में एचआईवी संक्रमण के मामलों में पिछले कुछ वर्षों के दौरान जबर्दस्त वृद्धि हुई है। स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, वर्ष 2025 में देश में एचआईवी के 2,016 नए मामले सामने आए जबकि 2024 में यह संख्या 1,583 थी। यानी एक वर्ष में नए मामलों में करीब 27 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
असुरक्षित यौन संबंध व नशीली दवाओं के इंजेक्शन सहित अन्यान्य कारण
एफबीसी न्यूज एजेंसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, फिजी में एचआईवी संक्रमण बढ़ने के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। इनमें असुरक्षित यौन संबंध, नशीली दवाओं को इंजेक्शन के जरिए लेने के दौरान संक्रमित सुइयों का इस्तेमाल, एचआईवी की कम जांच और स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित पहुंच शामिल हैं।
मेथामफेटामाइन जैसी नशीली दवाओं के इस्तेमाल में वृद्धि भी चिंतनीय
देश में मेथामफेटामाइन जैसी नशीली दवाओं के इस्तेमाल में वृद्धि को लेकर भी चिंता जताई गई है। अधिकारियों के अनुसार, इंजेक्शन के जरिए नशीली दवाओं का इस्तेमाल करने वाले लोगों के बीच संक्रमण फैलने का जोखिम अधिक है। संक्रमित सुइयों और सिरिंज के साझा इस्तेमाल से एचआईवी फैल सकता है।
2010 से 2025 के बीच नए एचआईवी संक्रमणों में करीब 12 गुना वृद्धि
संयुक्त राष्ट्र की एड्स संबंधी एजेंसी यूएनएड्स के मुताबिक, फिजी में वर्ष 2010 से 2025 के बीच नए एचआईवी संक्रमणों में करीब 12 गुना वृद्धि हुई है। वर्ष 2025 में देश में अनुमानित 9,100 लोग एचआईवी के साथ रह रहे थे। हालांकि, इनमें से बड़ी संख्या में लोगों को अपने संक्रमित होने की जानकारी नहीं थी।

यूएनएड्स के अनुसार, एचआईवी से संक्रमित लोगों की जांच और उपचार तक पहुंच बढ़ाना इस संकट से निबटने के लिए बेहद जरूरी है। समय पर जांच और एंटीरेट्रोवायरल उपचार से संक्रमित लोगों को स्वस्थ जीवन जीने में मदद मिल सकती है। प्रभावी उपचार से शरीर में वायरस की मात्रा इतनी कम की जा सकती है कि वह जांच में पता न चले और यौन संपर्क के जरिए संक्रमण फैलने का जोखिम समाप्त हो जाता है।
एचआईवी की मुफ्त, स्वैच्छिक और गोपनीय जांच का दायरा बढ़ाने की योजना
फिजी सरकार ने एचआईवी की मुफ्त, स्वैच्छिक और गोपनीय जांच का दायरा बढ़ाने की योजना बनाई है। इसके साथ ही संक्रमण की रोकथाम, उपचार और जागरूकता कार्यक्रमों को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है। सरकार इंजेक्शन के जरिए नशीली दवाओं का इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए सुई और सिरिंज उपलब्ध कराने वाले कार्यक्रम शुरू करने पर भी विचार कर रही है। इसके अलावा, एचआईवी से बचाव के लिए प्री-एक्सपोजर प्रोफिलैक्सिस जैसी दवाओं तक लोगों की पहुंच बढ़ाने की योजना है।
एचआईवी के प्रसार को रोकने के लिए निरंतर प्रयासों की जरूरत – यूएनएड्स
फिजी सरकार ने संकट से निबटने के लिए पांच मंत्रियों वाली कैबिनेट उपसमिति का गठन किया है। यह समिति एचआईवी की रोकथाम और उपचार से जुड़े नीतिगत तथा व्यावहारिक अवरोधों को दूर करने के उपायों पर काम करेगी। यूएनएड्स की कार्यकारी निदेशक विनी बयानीमा ने फिजी के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति याद दिलाती है कि दुनिया में एड्स का संकट अब तक समाप्त नहीं हुआ है और एचआईवी के प्रसार को रोकने के लिए निरंतर प्रयासों की जरूरत है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, एचआईवी संक्रमित व्यक्ति के साथ सामान्य सामाजिक संपर्क, हाथ मिलाने, गले मिलने या साथ खाना खाने से संक्रमण नहीं फैलता। संक्रमण के संबंध में जागरूकता बढ़ाना और सामाजिक भेदभाव को कम करना भी रोकथाम के प्रयासों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।


