नई दिल्ली, 13 अगस्त। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को बताया कि आज समाप्त हुए संसद के मॉनसून सत्र में विपक्ष के हंगामे व लगातार गतिरोध के बीच कुल 12 विधेयक पारित किए गए। उल्लेखनीय है कि 25 दिनों तक चला मनसून सत्र काफी हंगामेदार रहा। इस दौरान संसद के दोनों सदनों – लोकसभा व राज्यसभा में सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच जबर्दस्त नोंकझोंक देखने को मिली।
किरेन रिजिजू ने मानसून सत्र की समाप्ति पर मीडिया से बातचीत में कहा, ‘आज मानसून सत्र का समापन हुआ। हम इसे दो नजरिए से देखते हैं। कामकाज के लिहाज से यह सत्र बहुत सफल रहा। हमने कुल 12 बिल पास किए। लेकिन चर्चा और बहस के मामले में यह सत्र उतना सफल नहीं रहा।’
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि संसद के सत्र के दौरान कुल 12 विधेयक पारित हुए, लेकिन विपक्ष के लगातार विरोध और व्यवधान के कारण इन पर चर्चा की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं रही। उन्होंने कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार थी और विपक्ष के सवालों का जवाब देना चाहती थी,… pic.twitter.com/mJr5qUA9DW
— SansadTV (@sansad_tv) August 13, 2026
लोकसभा में सिर्फ एक बिल पर हुई चर्चा
संसद परिसर में आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि लोकसभा में निर्धारित समय की तुलना में केवल 19 प्रतिशत उत्पादकता हासिल हुई। राज्यसभा में 39 प्रतिशत रही। राज्यसभा में कभी-कभी विपक्षी पार्टी हंगामा करके वॉक आउट भी कीं। लोकसभा में सिर्फ एक बिल पर चर्चा हो पाई। नकल रोकने को लेकर जो बिल आया उस पर। लोकसभा में इसके अलावा कोई अच्छी चर्चा नहीं हुई। चर्चा की दृष्टि से हम खुश नहीं।’
3 दशकों में पहली बार देखा कि विपक्ष चर्चा से भाग गया
रिजिजू ने विपक्ष के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा, ‘मेरा तीन दशक का अनुभव है संसद का। ये पहली बार देखा कि विपक्ष चर्चा से भाग रहा है। पहली बार सरकार कह रही है चर्चा के लिए तैयार हैं, लेकिन विपक्ष भाग गया। ऐसा नजारा पहले कभी नहीं देखा गया। ये नई चीज देखने को मिली, ये कल्पना से बाहर है।’
संसद में हंगामा करना ही रह गया कांग्रेस का काम
केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के सांसद सोचते हैं उनका काम नारा लगाना और कार्ड लेकर हंगामा करना यही रह गया है। सुबह-सुबह उठते हैं, संसद में पहुंचते हैं, नारा लगाते हैं। रिजिजू ने कहा, ‘मुझे कांग्रेस के नए सांसदों के लिए बुरा लग रहा है। कांग्रेस के सांसदों का दर्द मैं समझ सकता हूं। चर्चा नहीं होगी तो सीखेंगे कैसे।’

