कोलकाता, 13 अगस्त। पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्यसभा सांसद नागेंद्र राय उर्फ अनंत महाराज को नेताजी सुभाष चंद्र बोस के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देना ज्यादा ही भारी गुजरा, जब मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार ने सांसद को प्रदत्तत ‘बंगा विभूषण’ पुरस्कार वापस ले लिया। उन्हें यह राजकीय सम्मान इसी वर्ष फरवरी में प्रदान किया गया था। तब ममता बनर्जी बंगाल की मुख्यमंत्री थीं।
राज्य सरकार बोली – नागेंद्र राय के पास ‘बंगा विभूषण‘ सम्मान बने रहने का औचित्य नहीं
राज्य सरकार ने काररवाई करते हुए कहा कि कुछ ऐसे तथ्य और हालात सामने आए हैं, जिनसे नागेंद्र राय के पास इस सम्मान के बने रहने पर सवाल उठता है। सरकार ने कहा, “सक्षम अधिकारी इस बात से संतुष्ट हैं कि नागेंद्र राय के पास ‘बंगा विभूषण’ का बने रहना इस सम्मान की गरिमा, प्रतिष्ठा और उद्देश्य के अनुरूप नहीं है। इसलिए पश्चिम बंगाल सरकार 21 फरवरी, 2026 को नागेंद्र राय को दिए गए ‘बंगा विभूषण’ सम्मान को तत्काल प्रभाव से वापस लेती है और रद करती है।”
नेताजी पर जीरो टॉलरेंस की नीति – सीएम शुभेंदु अधिकारी
इससे पहले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नेताजी के अपमान के मुद्दे पर कड़ा संदेश दिया था। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिया था कि जो लोग खुले तौर पर या सोशल मीडिया के जरिए नेताजी की छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं, उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी काररवाई की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा था, ‘नेताजी सुभाष चंद्र बोस का अपमान बंगाल की धरती से बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमारी सरकार इस मुद्दे पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। जिन लोगों ने नेताजी का अपमान किया है, उन्हें माफी मांगनी चाहिए। पुलिस को भारतीय न्याय संहिता के तहत त्वरित और सख्त कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।’
अनंत महाराज पर भी होगी पुलिस काररवाई?
यह पूछे जाने पर कि क्या विवादित टिप्पणी करने वाले भाजपा सांसद अनंत महाराज के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की जाएगी, सीएम शुभेंदु ने स्पष्ट किया कि कानून के सामने सभी समान हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं किसी का नाम लेकर उसे मशहूर नहीं बनाना चाहता, लेकिन कानून का शासन सबके लिए बराबर है। चाहे वह कोई आम नागरिक हो, विधायक हो, सांसद हो या किसी भी दल का नेता हो। पुलिस भारतीय न्याय संहिता (BNS) के प्रावधानों के आधार पर ही निष्पक्षता से काम करेगी।’
सांसद ने नेताजी और आजाद हिन्द फौज की भूमिका पर उठाए थे सवाल
गौरतलब है कि यह विवाद तब शुरू हुआ, जब अनंत महाराज ने एक मीडिया बयान के दौरान नेताजी सुभाष चंद्र बोस और आजाद हिन्द फौज की भूमिका पर सवाल उठाते हुए विवादास्पद टिप्पणी की थी। अनंत महाराज ने नेताजी को युद्ध अपराधी बताया और भारत की आजादी की लड़ाई में उनकी लीडरशिप और आजाद हिन्द फौज की भूमिका पर सवाल उठाए। दरअसल, भाजपा सांसद राज्य के उत्तरी हिस्से में कूचबिहार से आते हैं और राजबंशी समुदाय के नेता हैं।
सांसद नागेंद्र राय के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर नेताजी से जुड़ी विकृत तस्वीरें और आपत्तिजनक पोस्ट शेयर किए जाने लगे। इस विषय पर संज्ञान लेते हुए उत्तर बंगाल के विधायकों – दीपक बर्मन और निसिथ प्रामाणिक के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की और राष्ट्रीय नायक की गरिमा की रक्षा के लिए कानूनी काररवाई की मांग की।
राज्य के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में ‘नेताजी सुभाष सेवा केंद्र’ स्थापित होगा
हालांकि भाजपा पर नेताजी के अपमान के विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि उनकी पार्टी और सरकार के मन में नेताजी के प्रति अगाध सम्मान है। उन्होंने सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में ‘नेताजी सुभाष सेवा केंद्र’ स्थापित किया जाएगा, जिसके लिए राज्य सरकार वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने याद दिलाया कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने ही दिल्ली में ‘कर्तव्य पथ’ पर नेताजी की भव्य प्रतिमा स्थापित की है।

