गांधीनगर, 13 अगस्त। गुजरात सरकार के कौशल विकास निदेशालय को राज्य में शुरू किए गए नमो गुजरात कौशल्य एवं रोजगार मिशन (NGKRM) के तहत प्रशिक्षण भागीदार बनने के लिए 250 से अधिक उद्योगों और शैक्षणिक संस्थानों से प्रस्ताव मिले हैं। निदेशालय ने गुजरात इंस्टीट्यूट्स फॉर एडवांस्ड स्किल्स (GIAS) के तहत उद्योगों, शैक्षणिक संस्थानों और प्रशिक्षण संस्थाओं को प्रशिक्षण भागीदार के रूप में शामिल होने के लिए रुचि पत्र आमंत्रित किए थे।
निदेशालय के अधिकारियों के अनुसार, L&T, इंटरनेशनल ऑटोमोबाइल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (iACE), टाटा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल्स और गणपत विश्वविद्यालय सहित 250 से अधिक संस्थानों ने इसमें भाग लेने के लिए अपने प्रस्ताव जमा किए हैं।
राज्य के एक लाख से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने का लक्ष्य
गुजरात सरकार का लक्ष्य इस कार्यक्रम के माध्यम से राज्य के एक लाख से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देना है। कार्यक्रम का उद्देश्य उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण उपलब्ध कराना और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना है। श्रम, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री कुंवरजी बावलिया ने कहा कि GIAS के माध्यम से राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचे (NSQF) के स्तर एक से आठ तक के कम अवधि वाले व्यावसायिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम चलाए जाएंगे।
मीडिया सहित 20 प्रमुख क्षेत्रों में कौशल विकसित किया जाएगा
वहीं राज्य मंत्री कांतिलाल अमृतिया ने बताया कि कार्यक्रम के तहत निर्माण, स्वास्थ्य, सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स, पर्यटन, परिवहन, विमानन, खाद्य प्रसंस्करण और मीडिया सहित 20 प्रमुख क्षेत्रों में कौशल विकसित किया जाएगा। इसके अलावा कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रिक वाहन, ब्लॉकचेन, साइबर सुरक्षा, सेमीकंडक्टर निर्माण, डेटा विज्ञान और ड्रोन तकनीक जैसे 12 उभरते क्षेत्रों को भी इसमें शामिल किया गया है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करना जरूरी
प्रशिक्षण भागीदारों के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करना जरूरी होगा। इनमें बायोमेट्रिक उपस्थिति, चेहरे की पहचान, सीसीटीवी निगरानी, इंटरनेट सुविधा और प्रमाणित प्रशिक्षक शामिल होंगे। प्रशिक्षण, उपस्थिति, परीक्षा, प्रमाणपत्र और रोजगार से जुड़ी पूरी जानकारी NGKRM के डिजिटल मंच पर दर्ज की जाएगी।
पात्र युवाओं को हर 120 घंटे के प्रशिक्षण पर 500 रुपये की आर्थिक सहायता
प्रशिक्षण संस्थाओं को प्रशिक्षण लेने वालों की संख्या, प्रमाणन और रोजगार के परिणाम के आधार पर भुगतान किया जाएगा। सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने वाले पात्र युवाओं को हर 120 घंटे के प्रशिक्षण पर 500 रुपये की आर्थिक सहायता आधार से जुड़े बैंक खाते में सीधे भेजी जाएगी।
वित्त वर्ष 2026-27 में 1.03 लाख लोगों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य
वित्त वर्ष 2026-27 में 1.03 लाख लोगों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। आगे चलकर इसे बढ़ाकर हर वर्ष पांच लाख प्रशिक्षणार्थियों तक ले जाने की योजना है। इस योजना में युवाओं के साथ महिलाओं, अनुसूचित जाति-जनजाति, दिव्यांगजनों, असंगठित क्षेत्र के कामगारों, कारीगरों, प्रवासी श्रमिकों और अन्य वंचित वर्गों को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रशिक्षण निःशुल्क दिया जाएगा।
पूरे वित्त वर्ष के दौरान जारी रहेगी प्रशिक्षण भागीदारों के लिए आवेदन प्रक्रिया
प्रशिक्षण भागीदारों के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरे वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान जारी रहेगी। चयनित संस्थाओं को तीन साल के लिए भागीदार बनाया जाएगा, जिसे प्रदर्शन के आधार पर दो साल तक बढ़ाया जा सकेगा। सरकार के अनुसार, इस मिशन का उद्देश्य उद्योगों की जरूरत के अनुरूप कुशल कार्यबल तैयार करना और गुजरात को रोजगार तथा कौशल विकास के क्षेत्र में एक प्रमुख केंद्र बनाना है।

