Health : बच्चों की आंखों में दिखे सफेद चमक या तिरछापन तो न करें नजरअंदाज, हो सकता है कैंसर का संकेत

लखनऊ, 26 सितंबर। बच्चों की सेहत को लेकर माता-पिता छोटी-छोटी बातों पर भी नजर रखते हैं, लेकिन आंखों में होने वाले कुछ असामान्य बदलावों को अक्सर सामान्य समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। खासकर छोटे बच्चों की आंखों में अगर कोई असामान्य संकेत दिखाई दे, तो उसे हल्के में न लें और डॉक्टर से सलाह लें।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के पूर्वी भूमध्यसागरीय क्षेत्रीय कार्यालय ने बच्चों में होने वाले आंख के कैंसर रेटिनोब्लास्टोमा को लेकर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत बताई है। रेटिनोब्लास्टोमा एक दुर्लभ लेकिन गंभीर कैंसर है, जो आंख के पीछे स्थित रेटिना की कोशिकाओं में विकसित होता है। यह बीमारी मुख्य रूप से छोटे बच्चों को प्रभावित करती है और ज्यादातर मामले तीन वर्ष से कम उम्र में सामने आते हैं। समय रहते बीमारी की पहचान और उपचार मिलने पर कई मामलों में इसके परिणाम बेहतर हो सकते हैं। इसलिए माता-पिता के लिए इसके शुरुआती संकेतों को पहचानना बेहद जरूरी है।

आंख की पुतली में सफेद चमक दिखना

रेटिनोब्लास्टोमा के प्रमुख संकेतों में आंख की पुतली में असामान्य सफेद चमक दिखाई देना शामिल है। सामान्य तौर पर कैमरे की फ्लैश या तेज रोशनी में आंखों में लाल चमक दिखाई दे सकती है। लेकिन अगर बच्चे की एक या दोनों आंखों की पुतली में लाल चमक के बजाय सफेद चमक बार-बार नजर आए, तो इसे सामान्य न समझें। ऐसी स्थिति में बच्चे की आंखों की जल्द जांच कराना जरूरी है, ताकि किसी संभावित समस्या का समय पर पता लगाया जा सके।

आंख का एक दिशा में मुड़ना भी संकेत

रेटिनोब्लास्टोमा का एक अन्य संभावित संकेत आंख का तिरछा होना या एक दिशा में मुड़ना है। यदि बच्चा सामने देखते समय बार-बार एक आंख को अंदर या बाहर की ओर घुमाता है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इस स्थिति को स्ट्रैबिस्मस कहा जाता है। कई बार माता-पिता इसे केवल ‘लेजी आई’ समझ लेते हैं, लेकिन कुछ मामलों में आंख का तिरछापन किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। इसलिए ऐसी स्थिति में विशेषज्ञ से जांच कराना उचित है।

एक या दोनों आंखों को प्रभावित कर सकता है

रेटिनोब्लास्टोमा एक आंख या दोनों आंखों में विकसित हो सकता है। इसके विकास में RB1 जीन में होने वाला बदलाव महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कुछ मामलों में यह आनुवंशिक हो सकता है, जबकि कई मामलों में यह बदलाव अपने आप भी विकसित हो सकता है।

समय पर जांच है बेहद जरूरी

बच्चों में आंखों से जुड़े असामान्य बदलावों की पहचान में माता-पिता और देखभाल करने वालों की भूमिका महत्वपूर्ण है। यदि बच्चे की आंखों में सफेद चमक, तिरछापन या कोई अन्य असामान्य बदलाव दिखाई देता है, तो घरेलू उपाय करने या स्थिति के अपने आप ठीक होने का इंतजार करने के बजाय नेत्र रोग विशेषज्ञ या बाल रोग विशेषज्ञ से जल्द सलाह लें।

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