नई दिल्ली, 9 सितम्बर। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला पीजी की इमारत गिरने से पांच छात्रों सहित सात लोगों की मौत के बाद दिल्ली सरकार एक्शन मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को दिल्ली नगर निगम (MCD) को अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कदम उठाने का निर्देश दिया, जिसमें अवैध ढांचों पर बुलडोजर का इस्तेमाल भी शामिल है।
CMO के अनुसार, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने MCD को दिल्ली के कई इलाकों में तोड़फोड़ की काररवाई करने और नगर निगम के सभी वरिष्ठ अधिकारियों को इस दौरान मौके पर मौजूद रहने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों को दिल्लीभर के सभी पेइंग गेस्ट (PG) हॉस्टलों का गहन निरीक्षण करने और परिसर में पाए जाने वाले अवैध निर्माण के खिलाफ काररवाई करने का भी निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘दिल्ली के सभी PG हॉस्टलों का गहन निरीक्षण करें और अवैध निर्माण के खिलाफ काररवाई करें।’
उल्लेखनीय है कि साउथ कैंपस के सत्य निकेतन में रविवार को गिरी पांच मंजिला इमारत के मामले में पुलिस ने प्रॉपर्टी की मालकिन उर्मिला गुप्ता (75), उनके पति हरिराम गुप्ता (81) और उनके बेटे महेश गुप्ता (52) को गिरफ्तार किया था। इस हादसे में सात लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे। दिल्ली पुलिस इमारत के गिरने की वजहों और इमारत की ओनरशिप, देखरेख, मरम्मत के काम और PG चलाने से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच से पता चला है कि घटना के समय इमारत में बड़े पैमाने पर मरम्मत का काम चल रहा था। पीजी मालिक के बेटे महेश ने बताया कि पिछले आठ से 10 दिनों में बरसात के मौसम में कचरा जमा होने के कारण बेसमेंट फ्लोर की मरम्मत की जा रही थी। इसके अलावा, कमर्शियल विस्तार के लिए ग्राउंड फ्लोर का नवीनीकरण किया जा रहा था।
महेश ने यह भी बताया कि जिस दिन इमारत गिरी, उस दिन परिवार को स्थानीय लोगों से इस त्रासदी के बारे में पता चला। कानूनी कार्रवाई के डर से वे अपने घर से भाग गए और राजस्थान के भिवाड़ी में अपनी ससुराल में शरण ली।


