नई दिल्ली, 29 अक्टूबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को गुजरात के बनासकांठा से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 24वीं किस्त जारी करेंगे। इसके तहत देशभर के 9.34 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से 18,690 करोड़ रुपए से अधिक की राशि भेजी जाएगी।
इस अवसर पर कृषि अवसंरचना कोष के तहत विकसित 521 इकाइयों को राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा और उच्च-मूल्य वाली बागवानी फसलों को बढ़ावा देने के लिए 12 बागवानी क्लस्टरों का उद्घाटन भी किया जाएगा।
रायसेन में कार्यक्रम में शामिल होंगे शिवराज सिंह चौहान
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान मध्य प्रदेश के रायसेन में पीएम-किसान की 24वीं किस्त जारी किए जाने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लेंगे। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के बड़ी संख्या में किसानों के शामिल होने की उम्मीद है। इसके माध्यम से किसानों के कल्याण, समृद्धि और आर्थिक सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया जाएगा। साथ ही, पीएम-किसान सहित कृषि विभाग की प्रमुख योजनाओं और पहलों के महत्व पर भी जोर दिया जाएगा।
➤Prime Minister @narendramodi will release the 24th instalment of the Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi (#PMKISAN) tomorrow (30 October 2026) at Banaskantha, Gujarat.
➤The instalment will transfer more than ₹18,690 crore directly to the bank accounts of over 9.34 crore farmers across the country.
➤The Prime Minister will also dedicate to the nation 521 units established under the Agriculture Infrastructure Fund to strengthen agricultural storage, processing and related infrastructure, and inaugurate 12 horticulture clusters to promote high-value horticultural crops and enhance the income potential of farmers.
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@PMOIndia
— PIB India (@PIB_India) October 29, 2026
पीएम-किसान की 23 किस्तों में 4.47 लाख करोड़ रुपये से अधिक वितरित
पीएम-किसान योजना के तहत अब तक पहली 23 किस्तों में पात्र किसानों को 4.47 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है। इस योजना के माध्यम से पात्र किसान परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के जरिए वित्तीय सहायता दी जाती है। इससे किसानों को खेती और घरेलू जरूरतों से जुड़े खर्च पूरे करने में मदद मिलती है तथा उनकी आजीविका सुरक्षा को मजबूती मिलती है।
कृषि अवसंरचना कोष की 521 इकाइयां राष्ट्र को समर्पित होंगी
प्रधानमंत्री कृषि भंडारण, प्रसंस्करण और संबंधित अवसंरचना को मजबूत करने के लिए कृषि अवसंरचना कोष (AIF) के तहत विकसित 521 इकाइयों को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इस कोष के माध्यम से गोदामों, कोल्ड स्टोरेज, प्राथमिक प्रसंस्करण केंद्रों और अन्य जरूरी कृषि अवसंरचना में निवेश को प्रोत्साहित किया जाता है।
सरकार के अनुसार कृषि अवसंरचना कोष के तहत 2.28 लाख से अधिक परियोजनाओं में लगभग 1.75 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया गया है। इन परियोजनाओं से भंडारण और प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने, कटाई के बाद उपज के नुकसान को कम करने तथा किसानों की बाजार तक पहुंच बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। बेहतर अवसंरचना से किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त करने के अवसर भी बढ़ सकते हैं।
12 बागवानी क्लस्टरों से उच्च-मूल्य वाली फसलों को मिलेगा बढ़ावा
किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री 12 बागवानी क्लस्टरों का उद्घाटन भी करेंगे। इन क्लस्टरों के माध्यम से उच्च-मूल्य वाली बागवानी फसलों के उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया जाएगा। बागवानी क्षेत्र में विविधीकरण से किसानों के लिए आय के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। साथ ही, बागवानी मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने से उत्पादन से लेकर बाजार तक की व्यवस्था बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए कई योजनाएं
कृषि भारत की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार है। यह करोड़ों किसानों की आजीविका के साथ देश की खाद्य और पोषण सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सरकार किसानों की आय बढ़ाने, आधुनिक कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित करने और कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही है। इनमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ जैसी पहल शामिल हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य किसानों को वित्तीय सहायता देना, फसल जोखिम से सुरक्षा मजबूत करना, कृषि ऋण तक पहुंच बेहतर बनाना और प्रौद्योगिकी आधारित कृषि व्यवस्था को प्रोत्साहित करना है।
खाद्य तेल और दालों में आत्मनिर्भरता पर भी जोर
सरकार खाद्य तेलों पर राष्ट्रीय मिशन और दालों में आत्मनिर्भरता मिशन के माध्यम से घरेलू उत्पादन बढ़ाने की दिशा में भी काम कर रही है। इसके अलावा, राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत देशभर में क्लस्टर विकसित कर किसानों को टिकाऊ कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इन पहलों का उद्देश्य कृषि उत्पादन को मजबूत करने के साथ आयात पर निर्भरता कम करना और खेती को अधिक टिकाऊ बनाना है। आधुनिक तकनीक, बेहतर संसाधन प्रबंधन और फसल विविधीकरण को भी कृषि क्षेत्र के विकास के महत्वपूर्ण आधार के रूप में देखा जा रहा है।
विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप कृषि क्षेत्र को मजबूत करने की पहल
पीएम-किसान की 24वीं किस्त जारी करने, कृषि अवसंरचना कोष की इकाइयों को राष्ट्र को समर्पित करने और बागवानी क्लस्टरों का उद्घाटन करने जैसी पहल किसानों को वित्तीय सहायता देने तथा कृषि क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इन प्रयासों से भंडारण और प्रसंस्करण सुविधाओं के विस्तार, फसल विविधीकरण और किसानों के लिए बेहतर बाजार अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य इन पहलों के माध्यम से विकसित भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप समृद्ध, लचीला और आत्मनिर्भर कृषि क्षेत्र तैयार करना है।


