सारब्रुकन (जर्मनी), एक नवम्बर। भारतीय शटलरों ने BWF विश्व टूर के आठ वर्षीय इतिहास में रविवार को नए अध्याय का सृजन किया, जब पुरुष व महिला एकल में देश के दो शीर्षस्थ सितारों यानी लक्ष्य सेन व पीवी सिंधु ने यहां हाइलो ओपन सुपर 500 बैडमिंटन टूर्नामेंट के एकल खिताब पर सहज जीत से अपने नाम लिखा लिए। BWF विश्व टूर के किसी टूर्नामेंट में यह पहला अवसर है, जब भारत को पुरुष व महिला एकल यानी दोनों वर्गों में खिताबी सफलता हाथ लगी।

BWF सुपर सीरीज/ग्रां प्री गोल्ड युग में सानिया नेहवाल व किदांबी श्रीकांत कर चुके हैं ऐसा कारनामा
वैसे देखा जाए तो 2018 में शुरू हुए BWF वर्ल्ड टूर युग से पहले BWF सुपर सीरीज/ग्रां प्री गोल्ड युग में भी भारतीय खिलाड़ी ऐसी उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। अपने जमाने में विश्व नंबर एक साइना नेहवाल व किदांबी श्रीकांत ने BWF सुपर सीरीज/ग्रां प्री गोल्ड युग के दौरान 2014 चाइना ओपन सुपर सीरीज और 2015 इंडिया ओपन जैसी स्पर्धाओं में इसी तरह के दोहरे खिताब जीते थे।
Champion style! 👑🏸
PV Sindhu powers through to claim the HYLO Open 2026 title in style. https://t.co/tc5cjsQK3w
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सिंधु ने केयर्सफेल्ड को सीधे गेमों में हरा सत्र की दूसरी उपाधि जीती
खैर, पांच लाख डॉलर ईनामी हाइलो ओपन की बात करें तो कोर्ट नंबर एक पर खेले गए दिन के पहले खिताबी मुकाबले में दूसरी सीड लेकर उतरीं दो बार की ओलम्पिक पदक विजेता सिंधु को ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ी और उन्होंने विश्व रैंकिंग में 25वें स्थान पर काबिज डेनमार्क की लाइन होजमार्क केयर्सफेल्ड को 39 मिनट में 21-12, 21-14 से शिकस्त दी।
Danke schön, GERMANYYYYY!!!!!!! 🇩🇪❤️🏆
They say 31 is the new 21. I’m not going to argue. 😉😂
Through every high and every low, by Hanuman Ji’s grace. 🙏❤️
Still chasing. Always. https://t.co/EKcGFYVzqP
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जुलाई में जीता था जापान ओपन सुपर 750 खिताब
गत जुलाई में जापान ओपन सुपर 750 के बाद इस वर्ष टूर पर यह सिंधु का दूसरा खिताब है। जापान ओपन उनका दिसम्बर 2024 के बाद पहला व्यक्तिगत खिताब था। कुल मिलाकर, अब उनके नाम सात BWF विश्व टूर खिताब हो गए हैं।
🏸 TWO BWF TITLES IN 2026! 🇮🇳🔥
PV Sindhu adds the Hylo Open 2026 title to her Japan Open 2026 triumph!
Two titles. One remarkable comeback season. 🇮🇳🏆
📸 BadmintonPhoto
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2022 के बाद पहली बार किसी सत्र में एक से ज्यादा उपाधि
उल्लेखनीय तथ्य यह है कि विश्व नंबर आठ सिंधु ने 2022 के बाद पहली बार किसी सत्र में एक से अधिक BWF विश्व टूर खिताब जीते हैं। सिंधु ने पिछले हफ्ते फ्रेंच ओपन सुपर 750 टूर्नामेंट का फाइनल भी खेला था, लेकिन वहां उन्हें दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी और पेरिस 2024 चैम्पियन, दक्षिण कोरियाई एन से-यंग से हार का सामना करना पड़ा।
CHAMPION! 🏆
Lakshya Sen conquers the Hylo Open 2026 in style with a dominant 21-17, 21-10 victory! ❤️🇮🇳 https://t.co/z2fKSZI9GS
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लक्ष्य ने छठी सीड जोनाथन क्रिस्टी को सीधे गेमों में मात दी
उधर पुरुष एकल फाइनल में विश्व नंबर 14 व यहां सातवीं वरीयता लेकर उतरे लक्ष्य सेन ने छठी सीड इंडोनेशियाई जोनाथन क्रिस्टी को 39 मिनट में 21-17, 21-10 से हराकर सत्र का अपना पहला खिताब जीता। गत फरवरी में लक्ष्य ऑल इग्लैंड ओपन (सुपर 1000) के जरिए भी फाइनल तक पहुंचे थे, लेकिन वहां उन्हें उपजेता रहना पड़ा था। वैसे देखा जाए तो 25 वर्षीय लक्ष्य ने हाइलो ओपन में दूसरी बार खिताबी सफलता हासिल की है। उन्होंने यहां पहला खिताब 2019 में जीता था, तब यह टूर्नामेंट सुपर 100 श्रेणी का था।
सिंधु ने केयर्सफेल्ड के खिलाफ शुरुआत से ही मैच पर पकड़ बना ली
पूर्व विश्व नंबर एक सिंधु की बात करें तो उन्होंने आठवीं सीड केयर्सफेल्ड के खिलाफ शुरुआत से ही मैच पर अपनी पकड़ बना ली। पहला गेम 5-5 की बराबरी पर था, लेकिन इसके बाद सिंधु ने अपनी लय बदली और पहला गेम आसानी से जीत लिया। दूसरे गेम में भारतीय शटलर ने, जो फाइनल से पहले अपनी डेनिश प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ सात मुकाबलों में केवल एक बार हारी थीं, कभी भी पीछे नहीं रहीं और आसानी से खिताब अपने नाम कर लिया।
Line Højmark Kjærsfeldt 🇩🇰 faces off against No.2 seed Pusarla V. Sindhu 🇮🇳.
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मेरे लिए अपना 100% देना जरूरी था – सिंधु
मैच के बाद सिंधु ने कहा, ‘मुझे लगता है कि मेरे लिए अपना 100% देना जरूरी था, चाहे सामने कोई भी खिलाड़ी हो। हम पहले भी कई बार खेल चुके हैं, इसलिए मेरे लिए हर एक प्वॉइंट पर ध्यान देना जरूरी था। मुझे लगता है कि मैंने शुरुआत से ही बढ़त बना ली थी और उसे कोई मौका नहीं दिया।’ सिंधु ने इस जीत के साथ 9,200 रैंकिंग अंक हासिल किए और सत्र के अंत में होने वाले विश्व टूर फाइनल्स में जगह बनाने की अपनी दावेदारी मजबूत की।
It’s Sindhu’s 2nd BWF World Tour title this year and 7th overall
Complete list ⬇️
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‘सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में वापसी का श्रेय मेरी पूरी टीम को जाता है’
यह पूछे जाने पर कि क्या वह अपने सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में लौट आई हैं, सिंधु ने कहा, ‘बिल्कुल। मेरी पूरी टीम को इसका श्रेय जाता है। हम इसी के अनुसार योजना बना रहे हैं। जैसे-जैसे आप आगे बढ़ते हैं यह जरूरी हो जाता है कि आप अपने खेल को बेहतर बनाएं और फैसले लेने में अधिक समझदारी दिखाएं। लेकिन मेरे लिए साथ ही शांतचित्त बने रहना भी महत्वपूर्ण था। अब भी सुधार की गुंजाइश है। चीजें बेहतर हो रही हैं और मैं इससे खुश हूं।’
Kalle Koljonen 🇫🇮 takes on No.7 seed Lakshya Sen 🇮🇳.
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— BWF (@bwfmedia) October 30, 2026
लक्ष्य ने भी सही समय पर लय पकड़ी
वहीं सत्र का सिर्फ दूसरा फाइनल खेल रहे लक्ष्य ने भी सही समय पर अपनी लय पकड़ी और पहला गेम जीत लिया। इसके बाद उन्होंने दूसरे गेम में पूरी तरह से अपना दबदबा बनाए रखा। इस जीत के साथ लक्ष्य ने क्रिस्टी के खिलाफ अपने हेड-टू-हेड रिकॉर्ड को 4-4 की बराबरी पर ला दिया और अपना पांचवां वर्ल्ड टूर खिताब जीता। उनके नाम दो सुपर 100 खिताब भी दर्ज हैं।


