ब्रिटेन में एयर ट्रैफिक कंट्रोल ठप : एअर इंडिया का शेड्यूल बदला, 1000 से ज्यादा उड़ानें प्रभावित

लंदन, 9 सितम्बर। ब्रिटेन की एयर ट्रैफिक कंट्रोल कम्पनी NATS के फ्लाइट डेटा प्रोसेसिंग सिस्टम में तकनीकी खराबी के कारण मंगलवार की रात 1,000 से ज्यादा उड़ानें प्रभावित हुईं, जिससे बड़े एयरपोर्ट्स पर उड़ानें रद करनी पड़ीं और उनमें देरी हुई।

NATS ने कहा कि समस्या को 1834 GMT पर ठीक कर लिया गया और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया गया। कम्पनी ने कहा कि वह सामान्य रूप से काम कर रही है, लेकिन चेतावनी दी कि रुकावट के कारण जमा हुए काम (बैकलॉग) को निबटाने में समय लगेगा।

कम्पनी के CEO मार्टिन रोल्फ ने स्काई न्यूज को बताया कि कम्पनी ने तकनीकी समस्या के कारण की पूरी तरह से जांच नहीं की है। उन्होंने कहा, ‘हमें अभी तक यह अंदाजा नहीं है कि असल में क्या गड़बड़ हुई थी।’

एअर इंडिया ने जारी की ट्रैफिक एडवाइजरी

इधर नई दिल्ली में एअर इंडिया ने ट्रैफिक एडवाइजरी में बताया कि उसे UK के एयरपोर्ट्स से आने-जाने वाली कई उड़ानों का रूट बदलना पड़ा, उन्हें विलम्बित करना पड़ा या उन्हें रद करना पड़ा। साथ ही, एयरलाइन ने यात्रियों को अपनी उड़ान का स्टेटस चेक करने की सलाह दी।

एअर इंडिया ने यह भी चेतावनी दी कि इस रुकावट से उसकी कुछ अन्य सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं क्योंकि इस घटना के बाद उसके विमान और क्रू अपनी सही जगह पर नहीं थे। एयरलाइन ने यात्रियों को सलाह दी कि वे एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी उड़ानों का ताजा स्टेटस देख लें। विमानन कम्पनी ने कहा कि वह स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही है और रुकावटों को कम करने की कोशिश कर रही है।

एयरलाइन ने एक्स पर एक बयान में कहा, ‘इस दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति के कारण हुई असुविधा के लिए हमें खेद है, जो पूरी तरह से हमारे नियंत्रण से बाहर है, और हम अपने यात्रियों के धैर्य और समझदारी के लिए उन्हें धन्यवाद देते हैं।’

ब्रिटिश एयरवेज सर्वाधिक प्रभावित, 16 उड़ानें रद

वहीं एविएशन एनालिटिक्स कम्पनी Cirium के अनुसार हीथ्रो में तय 661 आने वाली उड़ानों में से 38 रद कर दी गईं या चल नहीं पाईं। ब्रिटिश एयरवेज इस एयरपोर्ट पर सबसे ज्यादा प्रभावित एयरलाइन थी, जिसने तय 333 जाने वाली उड़ानों में से 16 रद कर दीं। ब्रिटिश एयरवेज ने एक बयान में कहा, ‘समस्या की गंभीरता का मतलब है कि ग्राहकों और कर्मचारियों पर इसका बड़ा असर पड़ेगा।’

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