उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था को मिलेगा हाईटेक आधार, सीएम योगी करेंगे नए परिसर का लोकार्पण
लखनऊ, 3 जुलाई। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को राजधानी लखनऊ में डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी के अत्याधुनिक नए परिसर का लोकार्पण करेंगे। करीब 464 करोड़ रुपये की लागत से 22.5 एकड़ क्षेत्र में तैयार यह परिसर प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था को आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
यह नई अकादमी प्रदेश के आईएएस, पीसीएस तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र बनेगी। यहां अधिकारियों को केवल पारंपरिक प्रशासनिक प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि डिजिटल गवर्नेंस, ई-गवर्नेंस, नेतृत्व विकास, आपदा प्रबंधन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित प्रशासनिक प्रक्रियाएं और भविष्य की प्रशासनिक चुनौतियों से निपटने का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
सरकार का मानना है कि आधुनिक तकनीकों से प्रशिक्षित अधिकारी सरकारी योजनाओं को अधिक पारदर्शिता, दक्षता और गति के साथ आम जनता तक पहुंचाने में सक्षम होंगे। करीब सात दशक पुरानी प्रशासनिक प्रशिक्षण व्यवस्था को अब वैश्विक मानकों के अनुरूप अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और स्मार्ट प्रशिक्षण सुविधाओं से जोड़ा गया है। नए परिसर में डिजिटल क्लासरूम, स्मार्ट ट्रेनिंग सिस्टम, आधुनिक कॉन्फ्रेंस हॉल और उन्नत संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे अधिकारियों की कार्यकुशलता और निर्णय लेने की क्षमता को और मजबूत किया जा सके।
सीएम योगी ने एक्स पर दी जानकारी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि “सक्षम प्रशासन और समृद्ध अन्नदाता विकसित उत्तर प्रदेश की मजबूत आधारशिला हैं।” उन्होंने बताया कि 464 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बने इस अत्याधुनिक परिसर का लोकार्पण आज किया जाएगा।
9वें उत्तर प्रदेश आम महोत्सव 2026 का भी होगा आगाज
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज 9वें उत्तर प्रदेश आम महोत्सव 2026 का भी शुभारंभ करेंगे। इस दौरान महोत्सव की स्मारिका का विमोचन किया जाएगा और प्रदेश के प्रगतिशील बागवानों को सम्मानित भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन और कृषि समृद्धि का यह संगम उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा को नई गति देगा। सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ बागवानी और कृषि क्षेत्र को भी नई पहचान दिलाना है।
