नई दिल्ली, 14 अगस्त। अमेरिका से तनातनी के बीच ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन भारत अगले माह भारत दौरे पर आएंगे। वह नई दिल्ली में सितम्बर में प्रस्तावित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। भारत ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है।
देखा जाए तो भारत की अध्यक्षता में हो रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियन की मौजूदगी काफी अहम मानी जा रही है। वहीं ईरान ने संकेत दे दिया है कि वह पश्चिम एशिया में तनाव को कम करने और कूटनीतिक समाधान खोजने में भारत को एक महत्वपूर्ण और रचनात्मक भागीदार के रूप में देखता है।
ईरानी सूत्रों ने मीडिया को बताया कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए नई दिल्ली का दौरा करेंगे। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन भारत की अध्यक्षता में “लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण” विषय के तहत आयोजित किया जाएगा। भारत ने इस वर्ष की शुरुआत में ब्राजील से ब्रिक्स की अध्यक्षता संभाली थी।
इससे पहले ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा था कि भारत बिगड़े हालात को कम करने में अहम भूमिका निभा सकता है। अराघची ने उक्त बातें जून में ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए भारत दौरे के दौरान कहीं थीं।
अक्टूबर, 2024 में पेजेशकियन ने रूस के कजान में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। इस दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की थी। ईरान 2024 में मिस्र, इथियोपिया और संयुक्त अरब अमीरात के साथ ब्रिक्स का पूर्ण सदस्य बना था। इंडोनेशिया 2025 में समूह में शामिल हुआ, जिसके बाद ब्रिक्स के पूर्ण सदस्यों की संख्या बढ़कर 11 हो गई।

