भारत की सांस्कृतिक विरासत को AI से संवारने की तैयारी : संसदीय समिति ने दीं 12 महत्वपूर्ण सिफारिशें

नई दिल्ली, 12 अगस्त। राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा की अध्यक्षता वाली विभाग-संबंधित परिवहन, पर्यटन और संस्कृति संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने बुधवार को ‘पांडुलिपि से मिशन तक : कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में भारत की सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण, मानचित्रण और सतत संवर्धन’ विषय पर अपनी 393वीं रिपोर्ट प्रस्तुत की। समिति ने यह रिपोर्ट 11 अगस्त को स्वीकार की थी। रिपोर्ट में भारतीय पांडुलिपियों के वैज्ञानिक डिजिटलीकरण, संरक्षण, अध्ययन, सार्वजनिक पहुंच, बिखरे संग्रहों के पुनर्गठन, जीवंत विरासत के दस्तावेजीकरण और सांस्कृतिक धरोहर को पर्यटन तथा डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ने को लेकर 12 प्रमुख सिफारिशें की गई हैं।

पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण के मानक मजबूत करने की सिफारिश

समिति ने पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण मानकों को पूर्ण संग्रहण मानक के रूप में विस्तारित करने की सिफारिश की है। इसमें विद्वानों, वैज्ञानिकों और संरक्षकों की विशेषज्ञता को शामिल करने के साथ क्षतिग्रस्त और पुनर्लिखित पन्नों के लिए मल्टीस्पेक्ट्रल इमेजिंग, ताड़पत्र के लिए सरफेस-रिलीफ इमेजिंग और महत्वपूर्ण पांडुलिपियों के सामग्री रिकॉर्ड तैयार करने पर जोर दिया गया है। भारतीय त्वरक प्रयोगशालाओं में पुष्ट तिथ्यांकन प्रोटोकॉल विकसित करने और महत्वपूर्ण अंतर को रिकॉर्ड के मुख्य भाग में दर्ज करने की भी सिफारिश की गई है।

क्षतिग्रस्त पांडुलिपियों को पढ़ने के लिए शोध कार्यक्रम

समिति ने राष्ट्रीय वैज्ञानिक विभागों के साथ मिलकर ऐसी पांडुलिपियों को पढ़ने के लिए शोध और चुनौती कार्यक्रम शुरू करने का सुझाव दिया है, जिन्हें सामान्य तरीके से खोला नहीं जा सकता। इसकी शुरुआत आपस में चिपके हुए और आग से क्षतिग्रस्त पांडुलिपि संग्रहों की पहचान और गणना से करने की सिफारिश की गई है।

राष्ट्रीय वाचन कार्यबल बनाने पर जोर

समिति ने पांडुलिपियों के अध्ययन और प्रतिलेखन के लिए राष्ट्रीय वाचन कार्यबल बनाने की सिफारिश की है। इसके तहत ‘अक्षर मित्र’ नाम से नागरिक मंच विकसित करने, प्रत्येक पृष्ठ की दो स्वतंत्र जांच सुनिश्चित करने और योगदानकर्ताओं को स्थायी क्रेडिट देने का सुझाव दिया गया है। विश्वविद्यालयों के साथ समझौते कर असंपादित पांडुलिपियों को शोध-प्रबंध के रूप में मान्यता देने और प्राथमिकता वाली सूची प्रकाशित करने की भी सिफारिश की गई है।

सार्वजनिक डिजिटल पुस्तकालय में उपलब्ध हो सामग्री

समिति ने सार्वजनिक व्यय से तैयार प्रत्येक पृष्ठ और सत्यापित प्रतिलेखन को प्रशिक्षण सामग्री के रूप में एक खुले राष्ट्रीय पुस्तकालय में जारी करने का सुझाव दिया है। इसके लिए वार्षिक सार्वजनिक मानक तैयार करने और प्रतिबंधित संग्रहों को उनकी छवियां बाहर भेजे बिना योगदान करने में सक्षम बनाने के लिए ‘फेडरेटेड लर्निंग’ तकनीक के इस्तेमाल की सिफारिश की गई है।

सांस्कृतिक धरोहर का खुला सूचकांक और ज्ञान मानचित्र

समिति ने संग्रहों में मौजूद व्यक्तियों, स्थानों और कृतियों का खुला सूचकांक तैयार करने तथा भारतीय ज्ञान का काल-स्तरीय मानचित्र विकसित करने की सिफारिश की है। इसके साथ ही विभिन्न पांडुलिपियों में काम करने वाले लिपिकारों की लेखन शैली और हस्तलिपि का रजिस्टर तैयार करने का सुझाव दिया गया है।

प्राचीन वैज्ञानिक ज्ञान को राष्ट्रीय डेटासेट से जोड़ने की पहल

पांडुलिपियों में दर्ज खगोलीय और मौसम संबंधी अवलोकनों को राष्ट्रीय वैज्ञानिक एजेंसियों के सहयोग से खुले राष्ट्रीय डेटासेट के रूप में प्रकाशित करने की सिफारिश की गई है। इससे प्राचीन भारतीय ज्ञान में मौजूद वैज्ञानिक सूचनाओं को आधुनिक अनुसंधान और अध्ययन के लिए उपलब्ध कराया जा सकेगा।

बिखरे संग्रहों को फिर से जोड़ने की योजना

समिति ने भारत और विदेशों में बिखरे पांडुलिपि संग्रहों के पुनर्गठन के लिए स्थायी कार्यक्रम बनाने की सिफारिश की है। इसके तहत बिखरे और विदेशी संग्रहों का साझा सूचीपत्र तैयार करने, चित्रों का आदान-प्रदान करने तथा पन्नों और अलग-अलग लिपिकारों की हस्तलिपि के कंप्यूटर आधारित मिलान से वर्चुअल रीबाइंडिंग करने का सुझाव दिया गया है।

विदेशों में मौजूद भारतीय पांडुलिपियों की पहचान, उनकी डिजिटल प्रतियां हासिल करने और जहां संभव हो, मूल पांडुलिपियों को वापस लाने के प्रयास करने की भी सिफारिश की गई है। पुनर्गठित संग्रहों को ‘मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड’ रजिस्टर के लिए प्रस्तावित करने का सुझाव दिया गया है।

आयुष ज्ञान को पांडुलिपियों से जोड़ने की सिफारिश

समिति ने आयुष मंत्रालय के साथ मिलकर पांडुलिपियों में मौजूद औषधीय नुस्खों को राष्ट्रीय शब्दावलियों और वैधानिक भेषजकोश से जोड़ने के लिए सामंजस्यपूर्ण व्यवस्था विकसित करने की सिफारिश की है। इससे पारंपरिक चिकित्सा से संबंधित पांडुलिपियों में मौजूद ज्ञान को व्यवस्थित और प्रमाणित तरीके से आधुनिक संदर्भों से जोड़ा जा सकेगा।

डिजिटल रिपॉजिटरी की विश्वसनीयता बढ़ाने पर जोर

समिति ने डिजिटल रिपॉजिटरी के लिए मजबूत विश्वास वास्तुकला विकसित करने की सिफारिश की है। इसमें अंतरराष्ट्रीय छवि अंतर-संचालनीयता ढांचे को पहुंच मानक बनाने, सामुदायिक पहुंच प्रोटोकॉल तैयार करने और संरक्षकों को प्रत्येक वस्तु के स्तर पर यह तय करने का अधिकार देने का सुझाव है कि कौन-सी सामग्री सार्वजनिक की जाए। मशीन से तैयार प्रत्येक डिजिटल फाइल में अंतर्निहित क्रेडेंशियल रखने और प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म के साथ इसके संरक्षण के लिए मंत्रालय की ओर से पहल करने की भी सिफारिश की गई है।

विलुप्त होती भाषाओं और जीवंत विरासत का संरक्षण

समिति ने सबसे कम जीवित वक्ताओं वाली भारतीय भाषाओं से शुरुआत करते हुए स्पीच रिकग्निशन तकनीक के जरिए मौखिक विरासत को रिकॉर्ड करने का सुझाव दिया है। प्रत्येक कोडित लिपि के लिए मुफ्त डाउनलोड योग्य फॉन्ट, कीबोर्ड और आवाज संबंधी संसाधन उपलब्ध कराने तथा प्रमुख ऑपरेटिंग सिस्टम में उन्हें शामिल करने की सिफारिश की गई है। अंतिम जीवित गुरुओं की तकनीकों और ज्ञान को त्रि-आयामी रूप में रिकॉर्ड करने के साथ व्यक्तिगत पदनाम, आजीवन अनुदान और उत्तराधिकारी दायित्व जैसी व्यवस्थाएं विकसित करने का भी सुझाव दिया गया है।

सांस्कृतिक मानचित्र को पर्यटन और कारोबार से जोड़ने की योजना

समिति ने सांस्कृतिक और पांडुलिपि संबंधी परतों को पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान और जिला योजनाओं में शामिल करने की सिफारिश की है। इन मानचित्रों के आधार पर ज्ञान पर्यटन सर्किट विकसित करने तथा मानचित्र से जुड़े प्रमाणिकता क्रेडेंशियल के साथ ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) के माध्यम से स्थानीय कारीगरों को वाणिज्यिक अवसरों से जोड़ने का सुझाव दिया गया है।

पांडुलिपियों के लिए मजबूत संरक्षण ढांचा

समिति ने जोखिम वाली पांडुलिपियों का मशीन आधारित वर्गीकृत रजिस्टर तैयार करने और संरक्षकों के लिए परिरक्षण किट तथा कनेक्टेड लॉगर उपलब्ध कराने की सिफारिश की है। सांस्कृतिक प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण के साथ राष्ट्रीय चेतावनी अवसंरचना से जुड़े जिला बचाव अनुबंध बनाने का भी सुझाव दिया गया है। इसके अलावा वितरित डिजिटल प्रतियों और लंबे समय तक सुरक्षित रहने वाले मीडिया पर आधारित डीप आर्काइव की प्रकाशित संरक्षण वास्तुकला तैयार करने की सिफारिश की गई है।

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