लखनऊ, 6 जुलाई। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के प्रस्तावित ब्राह्मण सम्मेलन को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। योगी सरकार के मंत्री ओम प्रकाश (ओपी) राजभर ने सम्मेलन पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि समाजवादी पार्टी ब्राह्मणों के हितों की बात करना चाहती है तो उसे पहले अपने शासनकाल की घटनाओं का जवाब देना चाहिए।
ओपी राजभर ने सपा पर साधा निशाना
मंत्री ओपी राजभर ने कहा कि क्या समाजवादी पार्टी अपने ब्राह्मण सम्मेलन में गाजीपुर की उस घटना पर चर्चा करेगी, जिसमें एक चार वर्षीय ब्राह्मण बच्चे के साथ कथित रूप से मारपीट की गई थी। उन्होंने कन्नौज की एक पुरानी घटना का जिक्र करते हुए भी सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा और कहा कि ब्राह्मण समाज इन घटनाओं को भूला नहीं है।
संजय निषाद बोले- ब्राह्मण समाज को कोई गुमराह नहीं कर सकता
कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने कहा कि ब्राह्मण समाज जागरूक और राजनीतिक रूप से समझदार है। उन्होंने कहा कि यह समुदाय अच्छी तरह जानता है कि सम्मान, सुरक्षा और विकास के लिए मजबूत सरकार जरूरी है, इसलिए उसे कोई गुमराह नहीं कर सकता।
सुनील शर्मा का दावा- सम्मेलन का नहीं पड़ेगा असर
मंत्री सुनील शर्मा ने कहा कि समाजवादी पार्टी के ब्राह्मण सम्मेलन का कोई राजनीतिक असर नहीं पड़ेगा। उनके अनुसार ब्राह्मण समाज राष्ट्रवादी विचारधारा का समर्थक है और सनातन मूल्यों की रक्षा करने वालों के साथ खड़ा रहता है।
भाजपा विधायक रमेश मिश्र ने भी घेरा
भाजपा विधायक रमेश मिश्र ने कहा कि समाजवादी पार्टी हर चुनाव से पहले ब्राह्मणों के समर्थन का दावा करती रही है, लेकिन चुनावी नतीजों में यह कभी दिखाई नहीं दिया। उन्होंने दावा किया कि ब्राह्मण समाज लगातार भारतीय जनता पार्टी का समर्थन करता आया है और आगे भी करता रहेगा।
अभय सिंह ने लगाया ब्राह्मणों के अपमान का आरोप
भाजपा विधायक अभय सिंह ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी ने अपने शासनकाल में ब्राह्मण समाज का अपमान किया था। उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही सपा सभी समुदायों को साधने की कोशिश कर रही है, लेकिन जनता उसके पुराने रवैये को नहीं भूली है।

