बंगाल लाउडस्पीकर विवाद : ISF विधायक बोले- पुलिस मौखिक आदेश देकर हटाने का बना रही दबाव
कोलकाता, 6 जुलाई। पश्चिम बंगाल में मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकर को लेकर नया विवाद सामने आया है। इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) के विधायक नौशाद सिद्दीकी ने आरोप लगाया है कि राज्य के विभिन्न इलाकों से उन्हें लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि पुलिस मस्जिद प्रबंधन समितियों पर माइक्रोफोन और लाउडस्पीकर हटाने का मौखिक दबाव बना रही है।
‘पुलिस लिखित आदेश नहीं दिखा सकी’
नौशाद सिद्दीकी ने दावा किया कि जब मस्जिद समितियों ने पुलिस से इस संबंध में लिखित आदेश या सरकारी अधिसूचना मांगी तो कोई दस्तावेज नहीं दिखाया गया। उनके अनुसार पुलिस ने केवल इतना कहा कि “हमने कह दिया है, इसलिए ऐसा करना होगा।” उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन वास्तव में लाउडस्पीकर हटाना चाहता है तो उसे पहले लिखित आदेश जारी करना चाहिए या फिर पुलिस स्वयं आकर नियमानुसार कार्रवाई करे।
प्रशासन से टकराव नहीं करने की अपील
आईएसएफ विधायक ने कहा कि उन्होंने लोगों से प्रशासन के साथ किसी भी तरह के टकराव से बचने की अपील की है। उनका कहना है कि इस मुद्दे पर पहले भी कलकत्ता हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो चुकी है और सभी को कानूनी प्रक्रिया का पालन करना चाहिए।
‘डेसिबल सीमा के भीतर चल रहे हैं लाउडस्पीकर’
सिद्दीकी ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने औद्योगिक, आवासीय, व्यावसायिक और साइलेंस जोन के लिए अलग-अलग ध्वनि सीमा तय की है। उनका दावा है कि अधिकांश मस्जिदों में लाउडस्पीकर निर्धारित डेसिबल सीमा के भीतर ही संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई धार्मिक स्थल तय मानकों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
कोर्ट जाने की तैयारी
आईएसएफ विधायक ने बताया कि उनकी पार्टी इस मामले को अदालत में ले जाएगी। साथ ही राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को ईमेल के जरिए शिकायत भी भेजी गई है। फिलहाल मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने को लेकर प्रशासन की ओर से किसी लिखित आदेश की जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस पर मौखिक निर्देश देने का आरोप लगाया गया है, जबकि इस मामले में प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
