एशियाई खेल : कबड्डी में भारत ने पूरा किया ‘गोल्डन डबल’, दोनों टीमों ने बरकरार रखे स्वर्ण पदक

नागोया, 26 सितम्बर। गत चैम्पियन भारतीय कबड्डी टीमों ने यहां 20वें एशियाई खेलों (Aichi-Nagoya 2026) में उम्मीदों के अनुरूप अपने श्रेष्ठ प्रदर्शन को अंजाम तक पहुंचाया और दोनों वर्गों (पुरुष व महिला) के फाइनल में ईरान को हराकर ‘गोल्डन डबल’ पूरा किया।

पुरुष टीम ने नौवीं बार जीता खिताब

टोकाई सिटिजन जिम्नेजियम में शनिवार को भारतीय पुरुष टीम ने मध्यांतर तक एक अंक (17-18) से पिछड़ने के बाद रफ्तार पकड़ी और ईरान को 40-34 से हराकर न सिर्फ हांगझू (2023) में जीते स्वर्ण पदक की रक्षा की वरन नौवीं बार चैम्पियन का श्रेय अर्जित किया।

महिलाओं ने तीसरी बार जीता स्वर्ण

इसके पूर्व खेले गए महिला फाइनल में भारत ने ईरान को 37-34 से हराकर तीसरी बार स्वर्ण पदक जीत लिया। पहले हाफ में छह अंकों (22-16) की बढ़त ले चुकी भारतीय महिलाओं को हालांकि मध्यांतर बाद संघर्ष करना पड़ा और ईरानी महिलाओं को दूसरे हाफ में तीन अंकों (18-15) की बढ़त मिली। लेकिन ओवरआल तीन अंकों की बढ़त से भारत ने बाजी मार ली। इस जीत के बाद भारतीय टीम ने कोर्ट का चक्कर लगाते हुए ‘वंदे मातरम’ गीत गाया।

भारत की दोनों टीमों को सिर्फ जकार्ता 2018 में हार सहनी पड़ी थी

वस्तुतः भारत की पुरुष और महिला टीमों ने एक बार को छोड़कर हमेशा स्वर्ण पदक जीता है। भारतीय पुरुषों ने 2018 जकार्ता खेलों में अपना दबदबा खत्म होने से पहले लगातार सात स्वर्ण पदक जीते थे, जिसमें ईरान चैम्पियन बना था और भारत चौथे स्थान पर रहा था। लेकिन भारत ने 2023 हांगझू खेलों में वापसी करते हुए खिताब फिर जीत लिया था। वहीं महिलाओं को भी जकार्ता में ईरान से ही फाइनल में इकलौती शिकस्त खानी पड़ी थी।

महिलाओं को दूसरे हाफ में ईरान से काफी जूझना पड़ा

महिला फाइनल की बात करें तो भारत ने आधे समय तक 22-16 की अच्छी बढत बना ली थी, लेकिन दूसरे हाफ में ईरान ने वापसी करते हुए स्कोर अंतर घटाकर सिर्फ एक अंक (26-27) कर दिया। भारत एक समय 27-22 से आगे था। लेकिन ईरान की एटेना मदादी ने चार अंक की रेड करके स्कोर 27-26 कर दिया।

भारतीय डिफेंस ने इसके बाद संभलकर ईरान को मौके नहीं दिए। हालांकि भारत की बढत एक बार फिर तीन अंकों की ही रह गई, जब पिंकी रेडर को पकड़ने में नाकाम रहीं। लेकिन संजू ने रेड पर दो ईरानी खिलाड़ियों को पकड़कर दो अंक बनाए।

पष्पा राणा ने ईरान के अगले हमले पर जबर्दस्त टैकल के जरिये भारत को 34-28 से आगे कर दिया, जिस समय चार मिनट का खेल बाकी था। अंतिम क्षणों में ईरान ने काफी जोर बांधा, लेकिन भारत संकीर्ण जीत हासिल करने में कामयाब रहा।

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