न्यूयॉर्क, 26 सितम्बर। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक बार फिर कश्मीर राग अलापते हुए संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में सिंधु जल संधि (IWT) पर गीदड़भभकी दी तो भारत ने इसका करारा जवाब देते हुए कहा कि पाकिस्तान की तरफ से आतंकवाद को समर्थन जारी रहने तक सिंधु जल संधि स्थगित रहेगी।
भारत की चेतावनी – सीमा पार आतंकवाद के गंभीर परिणाम होंगे
UNGA में शुक्रवार को शहबाज शरीफ के भाषण के बाद भारत ने जवाब देने के अधिकार (राइट ऑफ रिप्लाई) का प्रयोग किया और संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने पाकिस्तान पर आतंकवाद, धार्मिक असहिष्णुता, लोकतांत्रिक अधिकारों और कश्मीर के मुद्दे पर उसे जमकर लताड़ा। भारत ने पाकिस्तान की आलोचना की और चेतावनी दी कि सीमा पार आतंकवाद के गंभीर परिणाम होंगे।
पाक पीएम शहबाज ने कश्मीर का मुद्दा उठाया
पाक प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 81वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए कश्मीर का मुद्दा उठाया। उन्होंने मंच से इस विवाद का सही और निष्पक्ष हल निकालने की मांग करते हुए कहा कि कश्मीरी लोग संयुक्त राष्ट्र के अंतर्गत आजाद और बिना किसी भेदभाव के जनमत संग्रह कराने के वादे का इंतजार कर रहे थे।
शहबाज बोले – पाक के हिस्से का पानी रोका तो इसे युद्ध की काररवाई माना जाएगा
शहबाज ने मंच से 2025 में भारत के साथ हुए संघर्ष को रोकने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समय पर हस्तक्षेप को श्रेय दिया और अपने संबोधन में एक बार फिर कश्मीर राग अलापते हुए सिंधु जल संधि का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के हिस्से के पानी को रोकने, रुकावट डालने या मोड़ने की किसी भी कोशिश को युद्ध की काररवाई माना जाएगा। भारत को इस बारे में कोई गलती नहीं करनी चाहिए।
इस पर भारत ने कहा कि पाकिस्तान जब तक सीमा पार आतंकवाद और किसी भी तरह के आतंकवाद को अपना समर्थन समाप्त नहीं करता, तब तक संधि स्थगित रहेगी। शरीफ ने करीब 23 मिनट के अपने संबोधन में कश्मीर राग अलापते हुए कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि दक्षिण एशिया फिर कभी 2025 के संघर्ष जैसी स्थिति में न पहुंचे, कश्मीर मुद्दे का न्यायसंगत और निष्पक्ष समाधान जरूरी है।
गौरतलब है कि भारत संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र के अन्य मंचों पर कश्मीर को लेकर पाकिस्तान के दावों को बार-बार खारिज करता रहा है और उसका कहना है कि जम्मू-कश्मीर केंद्रशासित प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा रहा है है तथा हमेशा रहेगा।
पटेल गहलोत का करारा जवाब – ‘लादेन को पनाह, फॉर्म 47 सरकार‘
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र जनरल असेंबली ने आज पाकिस्तान के प्रतिनिधि की कुछ अजीब बातें सुनीं। यह घटना न्यूयॉर्क शहर और दुनिया के भयानक 9/11 आतंकवादी हमले की 25वीं बरसी मनाने के ठीक दो हफ्ते बाद हुई है। इस संदर्भ को ध्यान में रखना जरूरी है क्योंकि इसका मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन पाकिस्तानी आर्मी की सबसे बड़ी एकेडमी के ठीक दरवाजे पर रह रहा था। यही वह संस्था थी, जिसके सामने आज पाकिस्तान के प्रतिनिधि ने इतना गहरा सम्मान दिखाया। हालांकि, पाकिस्तान के लोग जिसे खुद ‘फॉर्म 47 सरकार’ कहते हैं, उससे ऐसी ही उम्मीद की जा सकती है।
‘दुनिया जानती है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की क्या है स्थिति’
पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ के भाषण पर भारत के जवाब देने के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए पेटल गहलोत ने आगे कहा, ‘हमने जो विचार सुने, वे उन लोगों के हैं, जिनका कट्टरता और नफरत का लंबा रिकॉर्ड रहा है। वे दिन में सुरक्षा बनाए रखने का दावा करते हैं। असल में वे रात में आतंकवाद करते हैं। इस सभा में उसी सरकार की तरफ से धार्मिक असहिष्णुता पर बातें की गईं, जिसका मुख्य आधार ईशनिंदा कानून है। दुनिया जानती है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के साथ कैसा बर्ताव किया जाता है। कोई भी पवित्र बात इसे गुमराह नहीं कर सकती।’
‘जम्मू-कश्मीर भारत का अटूट हिस्सा है और रहेगा‘
जम्मू-कश्मीर पर पाकिस्तान के बयान पर भारत ने कहा कि भारतीय केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर भारत का एक अहम और अटूट हिस्सा है और हमेशा रहेगा। पटेल गहलोत ने कहा, ‘लेकिन यदि हमें कश्मीर के बारे में बात करनी ही है तो हमें अपना ध्यान पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर की ओर लगाना चाहिए। रावलकोट के लोगों से बेरहमी से हुई। हत्याओं, बेरहमी से हुई हिंसा और बुनियादी अधिकारों से वंचित किए जाने के बारे में पूछें, जिसका उन्होंने लंबे समय से अनुभव किया है।’
‘वर्ष दर वर्ष झूठ दोहराने से वे सच नहीं हो जाते‘
पटेल गहलोत ने कहा, ‘इस मुद्दे की जड़ पाकिस्तान का लंबे समय से चला आ रहा सीमा पार आतंकवाद है। हमने पिछले वर्ष दिखा दिया कि आतंकवादी के पास भागने और छिपने की कोई जगह नहीं होगी। आतंकवाद के खिलाफ खुद को बचाने का हमारा अधिकार इस्तेमाल किया जाएगा और जारी रहेगा। पाकिस्तान के आतंकवाद के नतीजे खराब होंगे।
उन्होंने कहा ‘हमें भरोसा है कि यह असेंबली पाकिस्तान और उसकी नीतियों को वैसे ही पहचानेगी, जैसी वे असल में हैं, न कि जैसा उसके प्रतिनिधि झूठ बोलकर दिखाते हैं। वर्ष दर वर्ष झूठ दोहराने से वे सच नहीं हो जाते। पाकिस्तान के टेररिज्म, धोखे से न तो उसे फायदा होगा और न ही दुनिया को लाभ होगा।’


