तमिलनाडु : पंबन रेलवे ब्रिज में तकनीकी खराबी, रामेश्वरम से ट्रेन सेवा घंटों रही बाधित

चेन्नई, 12 अगस्त। तमिलनाडु के रामेश्वरम में नवनिर्मित पंबन रेलवे ब्रिज में मंगलवार को तकनीकी खराबी आ गई, जिसके चलते रामेश्वरम से ट्रेन सेवा कई घंटों तक बाधित रही। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ब्रिज का वर्टिकल लिफ्ट स्पैन बीच में फंस गया था, जिसके कारण रामेश्वरम से रवाना होने वाली चार ट्रेनें घंटों तक रुकी रहीं। इनमें दो एक्सप्रेस ट्रेनें थीं. इसके चलते कई यात्री बीच यात्रा में ही फंस गए।

अधिकारियों ने बताया कि तकनीकी खराबी का पता चलने के बाद रामेश्वरम से अपराह्न चार बजे रवाना हुई तांबरम जाने वाली ट्रेन को पंबन रेलवे पुल से पहले रोक दिया गया क्योंकि अधिकारी पुल के ट्रैक स्तर तक वर्टिकल स्पैन को नीचे नहीं ला पाए। वहीं रामेश्वरम और मंडपम के बीच यात्री ट्रेनें आंशिक रूप से रद कर दी गईं।

बाद में पंबन वर्टिकल सस्पेंशन ब्रिज को नीचे उतारा गया और काफी मशक्कत के बाद, 654 टन वजनी लिफ्ट स्पैन को पटरी पर रखा गया। फिर पुल के ऊपर एक लाइट इंजन चलाकर परीक्षण किया गया। शाम करीब सात बजे परीक्षण सफल होने के बाद, रेल सेवाएं फिर से शुरू कर दी गईं।

पीएम मोदी ने इसी वर्ष अप्रैल में किया था पुल का उद्घाटन

नया पंबन ब्रिज तमिलनाडु के रामेश्वरम को पूरे भारत से जोड़ता है। यह भारत का पहला वर्टिकल लिफ्ट रेलवे समुद्री पुल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी वर्ष छह अप्रैल को इस पुल का उद्घाटन किया था। इसका गहरा सांस्कृतिक महत्व है। रामायण के अनुसार, राम सेतु का निर्माण रामेश्वरम के निकट धनुषकोडी से शुरू हुआ था।

भारतीय इंजीनियरिंग की बड़ी उपलब्धि है पंबन रेलवे ब्रिज

रामेश्वरम को मुख्य भूमि से जोड़ने वाला यह पुल भारतीय इंजीनियरिंग की बड़ी उपलब्धि है। इसे 550 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनाया गया है। इसकी लंबाई 2.08 किलोमीटर है, इसमें 99 स्पैन और 72.5 मीटर का वर्टिकल लिफ्ट स्पैन है, जो 17 मीटर की ऊंचाई तक उठता है। इससे बड़े जहाजों की सुगम आवाजाही के साथ-साथ निर्बाध रेल संचालन भी सुनिश्चित होता है। स्टेनलेस स्टील से निर्मित यह पुल अधिक टिकाऊ है। भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इसे दोहरी रेल पटरियों के लिए डिजाइन किया गया है।

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