प्रियंका गांधी को वायनाड से मिला टिकट, कांग्रेस ने उपचुनाव के लिए केरल की सीटों का किया एलान

नई दिल्ली, 15 अक्टूबर। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की ओर से महाराष्ट्र व झारखंड विधानसभ चुनाव के साथ कुछ राज्यों में उपचुनाव की घोषणा के कुछ घंटे बाद मंगलवार की रात ही कांग्रेस ने केरल की वायनाड लोकसभा सीट व विधानसभा की दो सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी।

प्रियंका जीतीं तो पहली बार गांधी परिवार के तीनों सदस्य संसद में होंगे

इनमें वायनाड लोकसभा सीट पर उम्मीदों के अनुरूप ही कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के नाम की आधिकारिक घोषणा कर दी गई। यदि प्रियंका गांधी यह चुनाव जीत जाती हैं तो यह उनका संसद में पहला कदम होगा। साथ ही यह पहली बार होगा, जब गांधी परिवार के तीनों सदस्य – सोनिया, राहुल और प्रियंका – एक साथ संसद में होंगे। इनमें सोनिया गांधी जहां लोकसभा की सदस्यता छोड़ने के बाद पहली बार राज्यसभा की सदस्य हैं वहीं राहुल गांधी ने रायबरेली व वायनाड के रूप में दो सीटों पर जीत हासिल करने के बाद वायनाड सीट छोड़ने का फैसला किया था।

उल्लेखनीय है कि मंगलवार को दिन में ही चुनाव आयोग ने वायनाड लोकसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव की तारीखों का एलान कर दिया है। वायनाड में 13 नवम्बर को वोट डाले जाएंगे। वहीं केरल की दो विधानसभा सीटों पलक्कड़ और चेलक्करा विधानसभा सीट के लिए भी 13 नवम्बर को ही  उपचुनाव कराए जाएंगे। कांग्रेस ने मंगलवार रात इन सीटों पर उम्मीदवारों का एलान किया। पलक्कड़ विधानसभा सीट से राहुल मम्कुटथिल और चेलक्करा विधानसभा सीट से राम्या हरिदास को उम्मीदवार बनाया गया है।

प्रियंका गांधी को लेकर लगाई जा रही थीं अटकलें

उल्लेखनी है कि 2019 में सक्रिय राजनीति में कदम रखने के बाद से ही प्रियंका गांधी को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं। कभी कहा जा रहा था कि वह वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ेंगी तो कभी यह चर्चा थी कि वह अपनी मां सोनिया गांधी की पारंपरिक सीट रायबरेली से चुनाव लड़ेंगी। लेकिन कांग्रेस ने आखिरकार उन्हें वायनाड से उतारने का फैसला किया है।

वायनाड से दो बार जीत चुके हैं राहुल गांधी

यह वही सीट है, जहां से उनके बड़े भाई राहुल गांधी लगातार दो बार चुनाव जीत चुके हैं। प्रियंका गांधी पहले उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की प्रभारी थीं। बीते लोकसभा चुनाव में प्रियंका ने पार्टी के लिए रणनीतिकार और स्टार प्रचारक की भूमिका निभाई थी। उनके नेतृत्व में कांग्रेस ने कुछ राज्यों और लोकसभा चुनावों में अच्छा प्रदर्शन किया।

वायनाड का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलने पर मुझे बहुत खुशी है : प्रियंका

इस बीच वायनाड उप चुनाव के लिए अपना नाम घोषित होने के बाद प्रियंका गांधी ने कहा, ‘मैं बिल्कुल भी नर्वस नहीं हूं। मुझे वायनाड का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलने पर बहुत खुशी है। मैं बस इतना कहूंगी कि मैं उन्हें (राहुल गांधी) कमी महसूस नहीं होने दूंगी। मैं कड़ी मेहनत करूंगी और सभी को खुश करने और एक अच्छी प्रतिनिधि बनने की पूरी कोशिश करूंगी। रायबरेली के साथ मेरा अच्छा रिश्ता है क्योंकि मैंने वहां 20 साल तक काम किया है और वह रिश्ता कभी नहीं टूटेगा।’ उन्होंने यह भी कहा कि वह और उनके भाई दोनों ही निर्वाचन क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे।

प्रियंका का राजनीति में कदम

सक्रिय राजनीति में आने के बाद जनवरी, 2019 में प्रियंका गांधी को महत्वपूर्ण राज्य उत्तर प्रदेश का कांग्रेस महासचिव नियुक्त किया गया था। बाद में उन्हें पूरे राज्य का प्रभार सौंप दिया गया। हालांकि 2019 के लोकसभा चुनावों में उनकी पार्टी का प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा, लेकिन उन्होंने जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने के अपने प्रयासों को जारी रखा। दिसम्बर, 2023 में प्रियंका गांधी को कांग्रेस महासचिव बनाया गया। वह पार्टी की प्रमुख रणनीतिकार और बाद में 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए स्टार प्रचारक के रूप में उभरीं। उन्होंने संगठन को मजबूत करने में भी मदद की और हिमाचल प्रदेश में पार्टी के अभियान का नेतृत्व किया, जहां कांग्रेस ने बीजेपी से सत्ता छीन ली। उनके अभियान ने आम चुनाव में कांग्रेस को मदद की, जिसमें पार्टी को 2019 के 52 सीटों की तुलना में 99 सीटें मिलीं।

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