SCO समिट : पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने इस्लामाबाद में विदेश मंत्री जयशंकर का किया स्वागत

इस्लामाबाद, 15 अक्टूबर। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर बुधवार, 16 अक्टूबर से शुरू हो रहे 23वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन से पहले मंगलवार की शाम पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंच गए, जहां पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने उनका स्वागत किया।

वहीं विदेश मंत्रालय ने कहा कि बैठक में संगठन के व्यापार और आर्थिक एजेंडे पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘एससीओ शासनाध्यक्ष परिषद (सीएचजी) की 23वीं बैठक 16 अक्टूबर 2024 को इस्लामाबाद में पाकिस्तान की अध्यक्षता में होगी। एससीओ सीएचजी बैठक प्रतिवर्ष आयोजित की जाती है और संगठन के व्यापार और आर्थिक एजेंडे पर केंद्रित होती है।’

जयशंकर एससीओ समिट में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘भारत एससीओ प्रारूप में सक्रिय रूप से शामिल है, जिसमें एससीओ ढांचे के भीतर विभिन्न तंत्र और पहल शामिल हैं।’

विदेश मंत्री ने पहले कहा था कि वह ‘भारत-पाक संबंधों’ पर चर्चा करने के लिए इस्लामाबाद नहीं जा रहे हैं, लेकिन उनकी यात्रा बहुपक्षीय कार्यक्रम एससीओ शिखर सम्मेलन 2024 के बारे में है। जयशंकर ने इस बात पर भी जोर दिया था कि वह केवल “एससीओ का अच्छा सदस्य” बनने के लिए पाकिस्तान जा रहे हैं। विदेशी शीर्ष अधिकारियों के आगमन के साथ, सुरक्षा एजेंसियां ​​किसी भी व्यवधान को रोकने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं और उन्होंने इस्लामाबाद में सुरक्षा बढ़ा दी है।

SCO शिखर सम्मेलन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पाक सेना तैनात

इस बीच इस्लामाबाद में 23वें SCO शिखर सम्मेलन के निमित्त कार्यक्रम स्थल, प्रमुख सरकारी भवनों और रेड जोन क्षेत्र की सुरक्षा के लिए पाकिस्तानी सेना को तैनात किया गया है। इसके अतिरिक्त, पूरी राजधानी में रेंजर्स तैनात किए गए हैं। एहतियाती उपाय के रूप में, इस्लामाबाद और रावलपिंडी में सुरक्षा जोखिमों को कम करने के लिए कई व्यवसायों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। प्रमुख मार्ग भी बंद कर दिए गए हैं।

900 प्रतिनिधियों की सुरक्षा के लिए 10,000 से अधिक जवान तैनात

उल्लेखनीय है कि सरकार ने इस कार्यक्रम में आने वाले लगभग 900 प्रतिनिधियों की सुरक्षा के लिए 10,000 से अधिक पुलिस और अर्धसैनिक बल के जवानों को तैनात किया है। समाचार पत्र डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, प्रतिनिधि राजधानी में ‘रेड जोन’ या उसके आसपास के इलाकों में अलग-अलग जगहों पर ठहरेंगे क्योंकि राजधानी में उनके ठहरने के लिए 14 स्थानों की व्यवस्था की गई है।

मेहमानों के लिए परिवहन सुनिश्चित करने के लिए 124 वाहनों का काफिला तैयार किया गया है। इस बेड़े को दो समूहों में विभाजित किया जाएगा। 84 वाहन राष्ट्राध्यक्षों को एस्कॉर्ट करेंगे जबकि 40 वाहन अन्य प्रतिनिधियों की सेवा करेंगे।

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