होर्मुज स्ट्रेट में तेल टैंकर में विस्फोट, ईरान ने समुद्री बारूदी सुरंग से टकराने का किया दावा

तेहरान, 15 सितंबर: होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने एक बड़े तेल टैंकर के दुर्घटनाग्रस्त होने का दावा किया है। आईआरजीसी के मुताबिक, ‘एल गैया’ नाम का तेल टैंकर होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिणी हिस्से में प्रतिबंधित समुद्री मार्ग से गुजर रहा था, इसी दौरान वह नौसैनिक बारूदी सुरंग से टकरा गया। टक्कर के बाद जहाज में जोरदार विस्फोट हुआ और आग लग गई। आईआरजीसी के आधिकारिक समाचार आउटलेट ‘सेपाह न्यूज’ के मुताबिक, टैंकर में लगी आग को बुझाने की कोशिश की गई, लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका। इसके बाद पूरा जहाज आग की लपटों में घिर गया। ईरानी पक्ष ने कहा कि जहाजों को इस रणनीतिक जलमार्ग में गैरकानूनी या प्रतिबंधित मार्गों के इस्तेमाल के खतरे के बारे में पहले ही चेतावनी दी गई थी।

होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान का सख्त रुख

आईआरजीसी ने एक बार फिर दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट बंद है और इस पर ईरानी नौसेना का नियंत्रण है। ईरान ने रणनीतिक जलमार्ग में नियमों का उल्लंघन करने वाले जहाजों को लेकर भी सख्त चेतावनी जारी की है। ईरानी अधिकारियों के इस रुख से क्षेत्र में समुद्री यातायात और अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग माना जाता है।

बीमा कंपनियों और शिपिंग संस्थाओं को भी चेतावनी

इससे पहले पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (PGSA) ने बीमा कंपनियों, प्रोटेक्शन एंड इंडेम्निटी (P&I) क्लबों और जहाजों की वर्गीकरण संस्थाओं को चेतावनी दी थी। सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, PGSA ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि जिन जहाजों को उसकी नई सूची में ‘नियमों का उल्लंघन करने वाले जहाज’ के तौर पर शामिल किया गया है, उन्हें संबंधित सेवाएं देने से बचना चाहिए। प्राधिकरण ने चेतावनी दी कि निर्देशों का पालन नहीं करने वाली संस्थाओं को इसके परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

अमेरिकी मानवरहित नौका को निशाना बनाने का भी दावा

आईआरजीसी ने इसी महीने की शुरुआत में होर्मुज स्ट्रेट में एक अमेरिकी मानवरहित सतही पोत (USV) को निशाना बनाने का भी दावा किया था। ‘सेपाह न्यूज’ में प्रकाशित बयान के मुताबिक, ‘Saildrone Explorer’ प्रकार की इस अमेरिकी USV को ईरान ने ‘आक्रामक मिशन’ पर बताया था। आईआरजीसी का दावा है कि जलडमरूमध्य के प्रवेश द्वार के पास इस पोत को निशाना बनाया गया। ईरानी पक्ष के अनुसार, इस तरह के USV का इस्तेमाल पहले अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट और टास्क फोर्स-59 द्वारा किया जाता था, जिनका मुख्यालय बहरीन में है। ईरान ने यह भी दावा किया कि अब इन मानवरहित पोतों का इस्तेमाल ओमान के खासाब स्थित एक इकाई द्वारा किया जा रहा है।

‘शत्रुतापूर्ण मौजूदगी’ को लेकर ईरान की चेतावनी

आईआरजीसी ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट में किसी भी ‘शत्रुतापूर्ण मौजूदगी’ को निशाना बनाया जाएगा। ईरानी सेना का यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में अमेरिकी और ईरानी बलों के बीच तनाव लगातार बढ़ा हुआ है। ईरान का कहना है कि रणनीतिक जलमार्ग में जहाजों की आवाजाही पर उसके निर्देशों का पालन किया जाना जरूरी है।

अमेरिका-इजरायल हमलों के बाद बढ़ा तनाव

रिपोर्ट के मुताबिक, 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद तेहरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर प्रतिबंध और कड़े कर दिए थे। वहीं, अमेरिकी बलों ने ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने वाले या वहां से आने वाले जहाजों को निशाना बनाते हुए समुद्री नाकाबंदी लागू करने की बात सामने आई है। इन घटनाक्रमों के बीच होर्मुज स्ट्रेट में वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही पर सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं।

होर्मुज स्ट्रेट क्यों है महत्वपूर्ण?

होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ने वाला बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इस मार्ग से होकर गुजरता है। ऐसे में यहां लंबे समय तक जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने पर कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक ऊर्जा बाजार और तेल आयात करने वाले देशों पर असर पड़ सकता है।

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