Ganesh Chaturthi 2026 : मुंबई के इन मशहूर गणपति पंडालों में उमड़ेगी आस्था, दर्शन के लिए देशभर से पहुंचेंगे भक्त

लखनऊ, 12 सितंबर। गणेश चतुर्थी के आते ही मुंबई की रफ्तार जैसे भक्ति के रंग में रंग जाती है। रोशनी से सजे रास्ते, भव्य गणपति पंडाल, ढोल-ताशों की गूंज और बप्पा के जयकारों से पूरी मायानगरी का माहौल बदल जाता है। गणेशोत्सव के दौरान मुंबई के अलग-अलग इलाकों में बने प्रसिद्ध गणपति पंडालों में दर्शन के लिए देशभर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। साल 2026 में गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को मनाई जाएगी, जबकि दस दिवसीय गणेशोत्सव का समापन 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के दिन गणपति विसर्जन के साथ होगा। अगर आप इस दौरान मुंबई जाने की तैयारी कर रहे हैं, तो शहर के इन प्रसिद्ध गणपति पंडालों को अपनी ट्रैवल लिस्ट में जरूर शामिल कर सकते हैं।

लालबागचा राजा

मुंबई के गणेशोत्सव की बात हो और लालबागचा राजा का नाम न आए, ऐसा संभव नहीं है। लालबाग में विराजमान बप्पा के दर्शन के लिए हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। यह गणपति मंडल वर्ष 1934 से गणेशोत्सव की परंपरा निभा रहा है और मुंबई के सबसे लोकप्रिय गणपति मंडलों में इसकी गिनती होती है। श्रद्धालुओं के बीच लालबागचा राजा को मन्नत पूरी करने वाले गणपति के रूप में विशेष आस्था प्राप्त है। गणेशोत्सव के दौरान यहां दर्शन के लिए लंबी कतारें लगती हैं। सामान्य मुख दर्शन के साथ मन्नत पूरी होने पर चरण दर्शन की भी व्यवस्था रहती है।

गणेश गली मुंबईचा राजा

लालबाग इलाके में ही स्थित गणेश गली मुंबईचा राजा भी मुंबई के पुराने और लोकप्रिय गणपति मंडलों में शामिल है। यह पंडाल अपनी आकर्षक सजावट और गणपति प्रतिमा के लिए जाना जाता है। हर साल पंडाल की सजावट के लिए अलग थीम और कल्पना को जगह दी जाती है। यही वजह है कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को हर गणेशोत्सव में कुछ नया देखने को मिलता है। लालबागचा राजा के साथ आसपास के प्रमुख पंडालों के दर्शन करने की योजना बना रहे हैं तो गणेश गली मुंबईचा राजा को भी लिस्ट में शामिल किया जा सकता है।

खेतवाड़ीचा गणराज

दक्षिण मुंबई के खेतवाड़ी इलाके में गणेशोत्सव के दौरान एक अलग ही माहौल देखने को मिलता है। यहां कई गलियों में गणपति मंडल सजाए जाते हैं, जिनमें खेतवाड़ीचा गणराज प्रमुख आकर्षणों में से एक है। खेतवाड़ीचा गणराज अपनी खूबसूरत गणपति प्रतिमा और शानदार सजावट के लिए श्रद्धालुओं के बीच लोकप्रिय है। खास बात यह है कि यहां दर्शन के साथ आसपास के कई अन्य गणपति पंडालों को भी एक ही इलाके में देखा जा सकता है।

अंधेरीचा राजा

मुंबई के अंधेरी इलाके में अंधेरीचा राजा का खास स्थान है। इस गणपति मंडल की स्थापना 1966 में हुई थी। समय के साथ यह मुंबई के प्रमुख गणपति मंडलों में अपनी अलग पहचान बना चुका है। अंधेरीचा राजा की लोकप्रियता की वजह सिर्फ गणपति प्रतिमा ही नहीं, बल्कि हर साल तैयार की जाने वाली पंडाल की थीम और सजावट भी है। गणेशोत्सव के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

तुलसीवाड़ा का महाराज

तारदेव और चीरा बाजार क्षेत्र में गणेशोत्सव के दौरान तुलसीवाड़ा के महाराज का पंडाल भी भक्तों का ध्यान आकर्षित करता है। आकार के लिहाज से यह मुंबई के सबसे बड़े पंडालों में भले शामिल न हो, लेकिन गणपति प्रतिमा की शैली और धार्मिक वातावरण इसे खास बनाते हैं। यहां आने वाले श्रद्धालु पंडाल की सजावट के साथ गणपति प्रतिमा की कलात्मकता को भी करीब से देख सकते हैं। मुंबई के पारंपरिक गणेशोत्सव का अनुभव लेने वालों के लिए यह एक अच्छा पड़ाव हो सकता है।

GSB सेवा मंडल गणपति

किंग्स सर्कल में स्थित GSB सेवा मंडल गणपति मुंबई के सबसे चर्चित गणपति उत्सवों में से एक है। यहां भगवान गणेश की प्रतिमा को सोने और चांदी के आभूषणों से सजाने की परंपरा इसे दूसरे गणपति पंडालों से अलग बनाती है। मंडल की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, 2026 में 72वां गणेशोत्सव आयोजित किया जा रहा है। इस वर्ष आयोजन 14 से 18 सितंबर तक होने की जानकारी दी गई है। मंडल के अनुसार महागणपति उत्सव की परंपरा वर्ष 1955 से चली आ रही है।धार्मिक अनुष्ठानों के साथ पर्यावरण का भी यहां विशेष ध्यान रखा जाता है। मंडल में मिट्टी की गणपति प्रतिमा तैयार करने की परंपरा भी रही है।

गिरगांवचा राजा

गिरगांव चौपाटी के आसपास गणेशोत्सव के दौरान गिरगांवचा राजा का पंडाल भी श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहता है। समुद्र के नजदीक स्थित होने के कारण यहां गणपति दर्शन का अनुभव मुंबई के दूसरे हिस्सों से कुछ अलग नजर आता है। गणेशोत्सव के दौरान आसपास का पूरा इलाका रोशनी और आकर्षक सजावट से जगमगा उठता है। पारंपरिक मुंबई गणेशोत्सव का माहौल महसूस करने के लिए यह पंडाल भी खास माना जाता है।

2026 में मुंबई का गणेशोत्सव क्यों है खास?

साल 2026 में मुंबई में गणेशोत्सव 14 सितंबर से शुरू होकर 25 सितंबर तक चलेगा। इस दौरान शहर के प्रमुख गणपति मंडलों में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। लालबागचा राजा, गणेश गली मुंबईचा राजा, खेतवाड़ीचा गणराज, अंधेरीचा राजा और GSB सेवा मंडल जैसे प्रसिद्ध पंडाल हर साल भक्तों के आकर्षण का केंद्र रहते हैं।

 

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