Independence Day : लाल किले से PM मोदी का बड़ा विजन, ‘शक्ति की सप्त धारा’ से बदलेगा भारत; मैन्युफैक्चरिंग से सॉफ्ट पावर तक 7 मंत्र

नई दिल्ली, 15 अगस्त। 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश के विकास के लिए ‘शक्ति की सप्त धारा’ का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इन सात शक्तियों के सामर्थ्य और देश की युवा शक्ति को साथ जोड़कर आने वाले 5-7 वर्षों में ऐसे लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं, जो पिछले कई दशकों में संभव नहीं हुए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को नई ऊंचाई और नई गति देने के लिए देश की युवा शक्ति का राष्ट्र निर्माण में भरपूर इस्तेमाल करना होगा। उन्होंने ‘सप्त धारा’ के तहत मैन्युफैक्चरिंग, कृषि एवं खाद्य उत्पादन, तकनीक एवं नवाचार, गति शक्ति, रक्षा, ग्रीन एवं ब्लू इकॉनमी और भारत की सॉफ्ट पावर को शामिल किया।

क्या हैं ‘शक्ति की सप्त धारा’ के सात मंत्र?

प्रधानमंत्री मोदी ने सात शक्तियों को भारत की विकास यात्रा का आधार बताया।

  1. मैन्युफैक्चरिंग पावर
  2. कृषि और खाद्य उत्पादन
  3. प्रौद्योगिकी और नवाचार
  4. गति शक्ति
  5. रक्षा शक्ति
  6. ग्रीन और ब्लू इकॉनमी
  7. भारत की सॉफ्ट पावर

मैन्युफैक्चरिंग में ‘जीरो डिफेक्ट’ बने पहचान

पीएम मोदी ने कहा कि भारत को मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में उत्पादन बढ़ाने के साथ पूरी वैल्यू चेन पर काम करना होगा। छोटे पुर्जों से लेकर बड़े उत्पादों तक डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग की क्षमता देश में विकसित करनी होगी।

उन्होंने कहा कि भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन का महत्वपूर्ण केंद्र बनना है। इसके लिए लागत, गुणवत्ता और पैमाने के वैश्विक मानकों पर खरा उतरना जरूरी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय उत्पादों की पहचान विश्वसनीयता और गुणवत्ता से होनी चाहिए। इसके लिए उनका मंत्र ‘क्वालिटी, क्वालिटी और क्वालिटी’ होना चाहिए।

खेत से ग्लोबल मार्केट तक पहुंचेगा भारतीय कृषि उत्पाद

कृषि और खाद्य उत्पादन को दूसरी बड़ी शक्ति बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया के बाजार भारतीय उत्पादों के लिए खुले हैं। भारत को खेत से लेकर एक्सपोर्ट मार्केट तक अपनी पहुंच मजबूत करनी होगी। उन्होंने कहा कि भारत के पास मिलेट्स, मसाले, फल और फूल समेत कई ऐसे कृषि उत्पाद हैं, जिन्हें दुनिया में बड़े ब्रांड के रूप में स्थापित किया जा सकता है।

AI से क्वांटम तक, भारत बने इनोवेशन हब

तकनीक और नवाचार को तीसरी शक्ति बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया तेजी से AI, क्वांटम टेक्नोलॉजी, अंतरिक्ष, रोबोटिक्स और डाटा सेंटर जैसे क्षेत्रों की ओर बढ़ रही है। भारत को केवल दुनिया का बाजार बनने के बजाय इन क्षेत्रों में वैश्विक इनोवेशन हब बनना होगा।

पीएम मोदी ने UPI और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत ने अपनी डिजिटल क्षमता का दुनिया के सामने परिचय कराया है। अब डिजिटल पब्लिक टेक्नोलॉजी को दुनिया के दूसरे हिस्सों तक पहुंचाने की दिशा में आगे बढ़ना होगा।

हाईस्पीड रेल से मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स तक ‘गति शक्ति’

‘सप्त धारा’ की चौथी शक्ति गति शक्ति के तहत प्रधानमंत्री ने देश में तेज और निर्बाध कनेक्टिविटी पर जोर दिया। उन्होंने शहरों को हाईस्पीड रेल से जोड़ने, आधुनिक हाईवे, इनलैंड वाटरवे, एयरपोर्ट और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक नेटवर्क विकसित करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि बंदरगाहों को सिर्फ सामान चढ़ाने-उतारने की जगह के तौर पर नहीं, बल्कि पोर्ट-लेड डेवलपमेंट और ग्रोथ के केंद्र के रूप में विकसित करना होगा।

रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर

पांचवीं शक्ति के तौर पर प्रधानमंत्री ने रक्षा क्षेत्र को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि भारत के लिए डिफेंस में आत्मनिर्भर होना अब विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता है। पीएम मोदी ने रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता के साथ भारत को वैश्विक सप्लायर बनाने का लक्ष्य रखने की बात कही। उन्होंने काउंटर-ड्रोन सिस्टम और हाइपरसोनिक डिफेंस टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भारत को नेतृत्वकारी भूमिका निभाने की जरूरत बताई।

ग्रीन और ब्लू इकॉनमी से नई संभावनाएं

छठी शक्ति के तौर पर प्रधानमंत्री ने ग्रीन और ब्लू इकॉनमी का जिक्र किया। उन्होंने ग्रीन हाइड्रोजन, रिन्यूएबल एनर्जी, एनर्जी स्टोरेज, ग्रीन मोबिलिटी और ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाने पर जोर दिया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच समाधान देने की क्षमता के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने ब्लू इकॉनमी में भी भारत के लिए बड़े अवसर होने की बात कही।

योग, आयुर्वेद और ‘हील इन इंडिया’ बने भारत की सॉफ्ट पावर

‘सप्त धारा’ की सातवीं शक्ति भारत की सॉफ्ट पावर है। प्रधानमंत्री ने कहा कि योग ने पूरी दुनिया को भारत से जोड़ा है और यह वैश्विक स्तर पर ऊर्जा का माध्यम बन रहा है। उन्होंने भारत के आध्यात्मिक केंद्रों, आयुर्वेद, होलिस्टिक हेल्थकेयर और ‘हील इन इंडिया’ जैसे प्रयासों को दुनिया तक पहुंचाने की जरूरत बताई। पीएम मोदी के मुताबिक, भारत अपनी सांस्कृतिक और स्वास्थ्य परंपराओं के जरिए भी दुनिया में अपनी ताकत और पहचान को मजबूत कर सकता है।

युवाओं की शक्ति से बनेगा विकसित भारत

प्रधानमंत्री ने ‘शक्ति की सप्त धारा’ के साथ युवा शक्ति को भी भारत की विकास यात्रा का प्रमुख आधार बताया। उन्होंने कहा कि देश की युवा ऊर्जा को इन सभी क्षेत्रों से जोड़कर भारत को नई गति दी जा सकती है और आने वाले वर्षों में बड़े लक्ष्यों को हासिल किया जा सकता है।

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