नई दिल्ली, 11 जुलाई। संसद के मानसून सत्र में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं और गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में चर्चा कराने की मांग को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध जारी है। समाजवादी पार्टी (सपा) ने आरोप लगाया है कि सरकार विपक्ष की मांगों पर चर्चा कराने से बच रही है। सपा सांसद राम गोपाल यादव ने कहा कि विपक्ष की दो प्रमुख मांगें हैं। पहली, राम मंदिर के नाम पर मिले चढ़ावे में कथित अनियमितताओं पर सदन में चर्चा और दूसरी, गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में संबंधित मुद्दे पर बहस। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इन दोनों विषयों पर चर्चा के लिए तैयार होती है तो संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चल सकती है।
‘चंदा चोरी’ के मुद्दे पर चर्चा से क्यों बच रही सरकार?
राम गोपाल यादव ने कहा कि विपक्ष दोनों मुद्दों पर सदन में विस्तार से और उचित तरीके से चर्चा चाहता है। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार कथित ‘चंदा चोरी’ के मुद्दे पर चर्चा से क्यों बच रही है। सपा सांसद ने कहा कि राम मंदिर के लिए देश के अलावा विदेशों में रहने वाले रामभक्तों और हिंदू धर्म में आस्था रखने वाले लोगों ने भी बड़ी मात्रा में दान और चढ़ावा दिया है। ऐसे में उनके मुताबिक, इस धन के इस्तेमाल में पारदर्शिता का सवाल केवल भारत तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने धार्मिक आस्था के कारण राम मंदिर के लिए योगदान दिया है, उनके लिए भी यह जानना महत्वपूर्ण है कि धन का इस्तेमाल किस तरह किया गया। विपक्ष इसी मुद्दे पर संसद में चर्चा की मांग कर रहा है।
अवधेश प्रसाद बोले- चर्चा से विपक्ष नहीं, सरकार भाग रही
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने भी सरकार पर विपक्ष की मांगों से बचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष सदन में चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है और चर्चा से विपक्ष नहीं, बल्कि सरकार भाग रही है। अवधेश प्रसाद ने कहा कि सरकार को विपक्ष की मांगों पर सदन में बहस करानी चाहिए, ताकि संबंधित मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट हो सके।
‘वंदे मातरम’ बजाए जाने का अवधेश प्रसाद ने किया स्वागत
अवधेश प्रसाद ने लाल किले से पहली बार ‘वंदे मातरम’ बजाए जाने का स्वागत भी किया। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ पूरे देश के लिए भाईचारे और एकता का संदेश देता है। उन्होंने इसे भारत की ‘अनेकता में एकता’ की भावना का प्रतीक बताते हुए कहा कि इससे देश के लोगों के बीच आपसी बंधन और मजबूत होना चाहिए।
‘हर घर तिरंगा’ पर बोले अवधेश प्रसाद
उत्तर प्रदेश के मदरसों में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान आयोजित किए जाने को लेकर सवाल पर अवधेश प्रसाद ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान पूरे देश और दुनिया में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि तिरंगा महज बाजार से खरीदा गया कपड़ा नहीं है, बल्कि इसके पीछे स्वतंत्रता संग्राम में अनगिनत लोगों के बलिदान की कहानी जुड़ी है। उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान को सभी नागरिकों की जिम्मेदारी बताया।
सपा प्रवक्ता ने RSS और BJP पर साधा निशाना
‘हर घर तिरंगा’ अभियान को लेकर सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अवसरों पर तिरंगा फहराने की परंपरा आज की नहीं, बल्कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौर से चली आ रही है। उन्होंने RSS के मुख्यालय पर लंबे समय तक तिरंगा नहीं फहराए जाने को लेकर सवाल उठाया। आशुतोष वर्मा ने दावा किया कि संगठन ने कई दशकों तक अपने मुख्यालय पर राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया और अब ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की बात कर रहा है। उन्होंने इसे ‘पाखंड’ बताते हुए RSS से इस संबंध में स्पष्टीकरण की मांग की।
‘वंदे मातरम’ के पूरे गीत पर भी उठाया सवाल
आशुतोष वर्मा ने ‘वंदे मातरम’ के पूरे गीत को लेकर भी ऐतिहासिक संदर्भ का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जब इसे राष्ट्रीय गीत के रूप में अपनाने पर चर्चा हुई थी, तब इसके कुछ हिस्सों को लेकर सहमति बनी थी। उनके मुताबिक, गीत की शुरुआती पंक्तियों को लेकर व्यापक सहमति थी, जबकि बाद के छंदों में देवी दुर्गा की उपासना का उल्लेख होने के कारण विभिन्न धार्मिक मान्यताओं को ध्यान में रखा गया था। सपा प्रवक्ता ने कहा कि भारतीय समाज में ऐसे लोग भी हैं जो मूर्ति पूजा नहीं करते। इसलिए सभी समुदायों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए गीत के चयनित हिस्से को स्वीकार किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अब ‘वंदे मातरम’ के पूरे गायन के मुद्दे को राजनीतिक बहस का हिस्सा बना रही है।

