महाराष्ट्र : पुणे में मासूम बच्ची की रेप के बाद हत्या पर बवाल, मुंबई-बेंगलुरु हाईवे 4 घंटे जाम
पुणे, 3 मई। महाराष्ट्र के पुणे में चार वर्ष की मासूम बच्ची से रेप और उसकी हत्या के विरोध में सैकड़ों लोगों ने मुंबई-बेंगलुरु हाईवे को जाम कर दिया। इस कारण हाईवे पर लगभग चार घंटे तक यातायात बाधित रहा।
बच्ची के परिवार के सदस्यों और अन्य प्रदर्शनकारियों ने शनिवार शाम को ‘नवाले ब्रिज’ क्षेत्र में पीड़िता के शव को सड़क पर रख दिया और इस मामले में गिरफ्तार 65 वर्षीय व्यक्ति को कड़ी सजा दिए जाने की मांग की। कई ऐसे वीडियो सामने आए हैं, जिनमें राजमार्ग पर भारी यातायात जाम दिख रहा है।
बच्ची का किया अंतिम संस्कार
बाद में कड़ी पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के बीच आधी रात के बाद यहां वैकुंठ श्मशान घाट में पीड़िता का अंतिम संस्कार किया गया। इस मामले में आरोपित व्यक्ति मजदूर है और उसका आपराधिक रिकॉर्ड है। पुलिस ने बताया कि आरोपित ने बच्ची को कथित तौर पर खाना दिलाने का लालच देकर फुसलाया और वह उसे मवेशियों के बाड़े में ले गया जहां उसने उसका यौन उत्पीड़न किया और फिर उसकी हत्या कर दी।
पुलिस ने बताया कि बच्ची के लापता होने पर उसके रिश्तेदारों ने उसकी तलाश शुरू की और इसी दौरान एक निजी आवास के सीसीटीवी फुटेज में आरोपित, बच्ची के साथ नजर आया जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपित के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपित को सात मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात
महाराष्ट्र की उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने बच्ची के परिवार से शनिवार को मुलाकात की और उन्हें आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने और त्वरित सुनवाई का आश्वासन दिया। पवार ने इस घटना को ‘चौंकाने वाला’ और ‘मानवता पर कलंक’ करार देते हुए कहा कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और न्याय सुनिश्चित करेगी। सुनेत्रा पवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भी इस मामले पर बात की और त्वरित अदालती सुनवाई की मांग की, ताकि आरोपित को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।
शिंदे ने पुलिस को दिया आदेश
वहीं राज्य के दूसरे उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शनिवार को पुणे ग्रामीण पुलिस को निर्देश दिया कि इस मामले में पुख्ता सबूत जुटाकर एक बेहद मजबूत मामला तैयार किया जाए तथा मुकदमे की सुनवाई त्वरित अदालत में कराई जाए। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, शिंदे ने निर्देश दिया है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि आरोपित को अधिकतम सजा, यानी फांसी की सजा मिले।
