नई दिल्ली, 30 सितम्बर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कर्तव्यों के प्रति समर्पण और ईमानदारी पर जोर देते हुए कहा कि व्यक्ति अपने निर्धारित कर्तव्यों का लगन और निष्ठा से पालन करके सर्वोच्च सिद्धि प्राप्त कर सकता है। पीएम मोदी ने इस संदर्भ में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया।
स्वे स्वे कर्मण्यभिरतः संसिद्धिं लभते नरः।
स्वकर्मनिरतः सिद्धिं यथा विन्दति तच्छृणु।। pic.twitter.com/oiFIO7nmRv
— Narendra Modi (@narendramodi) September 30, 2026
पीएम मोदी ने कहा कि लगन और सत्यनिष्ठा से अपने कर्तव्यों का पालन करने वाले व्यक्तियों को यह जानना चाहिए कि समर्पित कर्म किस प्रकार से सर्वोच्च सिद्धि की ओर ले जा सकते हैं। उन्होंने लिखा-
“स्वे स्वे कर्मण्यभिरतः संसिद्धिं लभते नरः।
स्वकर्मनिरतः सिद्धिं यथा विन्दति तच्छृणु॥”
सुभाषितम् का अर्थ है कि अपने कर्तव्यों के प्रति सदैव समर्पित रहने वाले व्यक्ति सर्वोच्च सिद्धि प्राप्त करते हैं। लगन और सत्यनिष्ठा से अपने कर्तव्यों का पालन करने वाले व्यक्तियों को यह सीखना चाहिए कि समर्पित कर्म किस प्रकार से उन्हें सर्वोच्च सिद्धि की ओर ले जा सकते हैं।


