एशिया कप : भारतीय महिलाएं आठवीं बार चैम्पियन, 72 रनों की जीत से श्रीलंका के हाथों पिछली हार का चुकाया हिसाब

दुबई, 13 सितम्बर। भारतीय महिलाओं ने बल्ले व गेंद से समग्र प्रदर्शन के सहारे रविवार को यहां एशिया कप के 10वें संस्करण में भी अपनी असंदिग्ध श्रेष्ठता बरकरार रखी और 72 रनों की बड़ी जीत से न सिर्फ श्रीलंका के हाथों पिछली पराजय का हिसाब चुकता किया वरन रिकॉर्ड आठवीं बार सर्वजेता का गौरव अर्जित कर लिया।

शेफाली व मंधाना की धाकड़ शतकीय भागीदारी से 183 रनों तक पहुंचा भारत

दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम (DICS) में पहले बल्लेबाजी करने उतरी हरमनप्रीत कौर एंड कम्पनी ने ओपनरद्वय शेफाली वर्मा (68 रन, 39 गेंद, दो छक्के, नौ चौके) व उप कप्तान स्मृति मंधाना (59 रन, 39 गेंद, तीन छक्के, पांच चौके) के तूफानी अर्धशतकीय प्रहारों एवं उनके बीच सिर्फ 77 गेंदों पर हुई 129 रनों की धाकड़ शतकीय भागीदारी से पांच विकेट पर 183 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया।

श्री चरणी व दीप्ति ने बांटे 7 विकेट, श्रीलंकाई टीम 111 रनों पर बिखरी

कठिन लक्ष्य का पीछा करने उतरी गत चैम्पियन श्रीलंकाई टीम स्पिनर्स श्री चरणी (4-20) व दीप्ति शर्मा (3-19) सहित अन्य गेंदबाजों का जवाब नहीं दे सकी और 20 ओवरों में सभी विकेट खोकर 111 रनों तक ही पहुंच सकी।

10वें फाइनल में भारत की आठवीं खिताबी जीत

दिलचस्प यह है कि वर्ष 2004 से प्रारंभ इस महाद्वीपीय स्पर्धा का यह 10वां संस्करण था और भारतीय महिलाएं हर बार फाइनल में पहुंचती रही हैं। शुरुआती छह संस्करणों में उपाधि जीतने वाली भारतीय टीम को पहली बार 2002 में पराजय का सामना करना पड़ा था, जब कुआलालंपुर में उसे बांग्लादेश ने तीन विकेट से शिकस्त दी थी।

उसके बाद लगातार तीसरी बार भारत व श्रीलंका की खिताबी मुलाकात हुई है। 2022 में भारत ने बांग्लादेशी धरती पर श्रीलंका को हराकर सातवीं बार उपाधि जीती तो पिछले संस्करण (2024) के मेजबान श्रीलंका ने घरेलू मैदान पर भारत से उस हार का हिसाब चुकता करते हुए पहली बार उपाधि जीत ली थी। अब भारत की बारी थी, जिसने श्रीलंका से हिसाब बराबर करते हुए उपाधि अपने नाम कर ली।

कप्तान अटापट्टू व गुणरत्ने के बीच इकलौती अर्धशतकीय भागीदारी

श्रीलंकाई पारी देखें तो क्रांति गौड़ (1-8) की चौथी ही गेंद पर इमेशा दुलानी (चार रन) के लौटने के बाद टीम की सर्वोच्च स्कोरर कप्तान चामरी अटापट्टू (36 रन, 32 गेंद, दो छक्के, चार चौके) व विष्मी गुणरत्ने (20 रन, 22 गेंद, दो चौके) के बीच दूसरे विकेट के लिए 53 गेंदों पर 58 रनों की इकलौती अर्धशतकीय साझेदारी हुई।

49 रनों की वृद्धि पर श्रीलंका की अंतिम 9 बल्लेबाज लौटीं

लेकिन अनुभवी ऑफ स्पिनर दीप्ति ने 10वें ओवर में दोनों को आउट कर गेट खोला तो फिर लाइन लग गई और 49 रनों की वृदधि पर अंतिम नौ बल्लेबाज लौट गईं। श्री चरणी व दीप्ति के अलावा शेफाली वर्मा व प्रेमा रावत ने भी एक-एक सफलता पाई। हालांकि भारतीय क्षेत्ररक्षकों ने पांच कैच भी टपकाए, लेकिन जरूरी रन गति के दबाव में श्रीलंकाई टीम लगतार अंतराल पर विकेट गंवाती रही।

मंधाना को पीछे छोड़ शेफाली ने जड़ा एशिया कप का तीव्रतम पचासा

इससे पहले मंधाना व शेफाली ने भारत को धाकड़ शुरुआत दिलाई। मंधाना ने जहां 35 गेंदों पर अपना 36वां टी20 अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक पूरा किया वहीं 22 वर्षीय शेफाली ने सिर्फ 24 गेंदों पर महिला एशिया कप में तीव्रतम अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने 2022 के टूर्नामेंट में मंधाना के 25 गेंदों पर बनाए अर्धशतक को पीछे छोड़ा।

मंधाना टूर्नामेंट में तीसरी बार रन आउट हुईं

शेफाली व स्मृति की तूफानी बल्लेबाजी का ही परिणाम था कि भारत ने पॉवरप्ले में बिना विकेट गंवाए 57 रन बनाए और 10 ओवरों के बाद स्कोर 98 रनों तक जा पहुंचा था। खैर, चामुंडी प्रबोधा ने 14वें ओवर में शेफाली को आउट यह बहुमूल्य साझेदारी तोड़ी। तोड़ा। वहीं अगले ही ओवर में कप्तान हरमनप्रीत कौर (14 रन, 14 गेंद, एक चौका) के साथ रन लेने को लेकर हुई गलतफहमी के कारण मंधाना रन आउट हो गईं। टूर्नामेंट में यह तीसरी बार था, जब मंधाना रन आउट हुईं।

स्कोर कार्ड

देखा जाए तो 15 ओवरों के बाद स्कोर दो विकेट पर 140 रन था और टीम 200 रनों के करीब पहुंचती दिख रही थी। हालांकि श्रीलंकाई गेंदबाजों ने आखिरी पांच ओवरों में बेहतर लाइन व लेंग्थ के साथ गेंदबाजी की और भारत को केवल 43 रन ही बनाने दिए। इस दौरान हरमनप्रीत के अलावा ऋचा घोष (17 रन, 13 गेंद, एक छक्का, एक चौका) व गुलनान कमलिनी (नाबाद 15 रन, पांच गेंद, एक छक्का, एक चौका) दहाई में पहुंचीं।

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