योगी सरकार का फैसला : जिला पंचायत अध्यक्षों को बनाया गया प्रशासक, आज खत्म हो रहा अध्यक्षों का कार्यकाल

लखनऊ, 10 जुलाई। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेशभर के जिला पंचायत अध्यक्षों को प्रशासक के रूप में नियुक्त करने का अहम फैसला किया है। सामान्य पंचायत निर्वाचन-2021 के बाद गठित उत्तर प्रदेश की सभी जिला पंचायतों का पांच वर्षीय कार्यकाल शनिवार,11 जुलाई को समाप्त हो रहा है। इस संबंध में राज्य सरकार ने शुक्रवार को महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए निर्णय लिया कि नई जिला पंचायतों के गठन तक निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्षों को प्रशासक के रूप में नियुक्त किया जाएगा।

सरकारी आदेश के अनुसार, उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत तथा जिला पंचायत अधिनियम, 1961 की धारा-20(1) के तहत प्रत्येक जिला पंचायत का कार्यकाल उसकी प्रथम बैठक की तिथि से पांच वर्ष तक निर्धारित है जबकि धारा-21 के अनुसार अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का कार्यकाल भी जिला पंचायत के कार्यकाल के साथ ही समाप्त हो जाता है।

सरकार ने अधिनियम की धारा-20(3-क) का हवाला देते हुए कहा है कि यदि अपरिहार्य परिस्थितियों अथवा लोकहित में कार्यकाल समाप्त होने से पहले नई जिला पंचायत का निर्वाचन कराना संभव न हो, तो राज्य सरकार प्रशासनिक समिति अथवा प्रशासक नियुक्त कर सकती है। ऐसे प्रशासक अधिकतम छह माह तक अथवा नई जिला पंचायत के गठन तक, जो पहले हो, कार्य कर सकते हैं।

इसी प्रावधान के तहत राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि 12 जुलाई 2026 से नई जिला पंचायतों की प्रथम बैठक होने अथवा अधिकतम छह माह की अवधि पूरी होने तक, निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्षों को संबंधित जिला पंचायतों का प्रशासक नियुक्त किया जाएगा। इसके लिए संबंधित जिलाधिकारी/जिला मजिस्ट्रेट को अधिकृत किया गया है कि वे अपने जनपद में निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष को प्रशासक के रूप में नामित करें।

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