नई दिल्ली, 4 जुलाई। भाजपा सांसद संबित पात्रा ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर संसद के मानसून सत्र में लगातार हो रहे हंगामे के लिए कांग्रेस और विपक्षी दलों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष जानबूझकर संसद की कार्यवाही बाधित कर रहा है और महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा नहीं होने दे रहा। संबित पात्रा ने कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा विवाद और कर्नाटक पुलिस भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर भी सवाल उठाए।
‘विपक्ष किसी मुद्दे पर चर्चा नहीं चाहता’
संबित पात्रा ने कहा कि विपक्ष संसद में किसी भी विषय पर सार्थक चर्चा करने के बजाय केवल हंगामा कर रहा है। उन्होंने कहा, “संसद का प्रश्नकाल नहीं चल पा रहा है, जीरो आवर बाधित हो रहा है और महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा नहीं हो पा रही है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद विपक्ष सदन की कार्यवाही नहीं चलने दे रहा है।”
JPSC परीक्षा पर कांग्रेस की चुप्पी पर उठाए सवाल
भाजपा सांसद ने कहा कि झारखंड में हजारों छात्र JPSC परीक्षा को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस इस मुद्दे पर पूरी तरह मौन है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के विधायक न तो सदन में इस मुद्दे को उठा रहे हैं और न ही छात्रों के समर्थन में कोई प्रदर्शन कर रहे हैं।
प्रियंक खड़गे के बयान पर राहुल गांधी से पूछा सवाल
संबित पात्रा ने कर्नाटक में पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ी के खिलाफ छात्रों के आंदोलन का जिक्र करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे और कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खड़गे के बयान पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रियंक खड़गे ने कहा था कि पहले छात्रों को भूख हड़ताल करने दीजिए, फिर लाठीचार्ज होगा और उसके बाद इस्तीफे पर विचार करेंगे। पात्रा ने कहा कि इस कथित बयान पर राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की चुप्पी कांग्रेस के दोहरे रवैये को दर्शाती है।
‘महत्वपूर्ण बिलों पर चर्चा नहीं होने दे रहा विपक्ष’
भाजपा सांसद ने कहा कि संसद में कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए गए हैं, लेकिन विपक्ष के हंगामे के कारण उन पर चर्चा नहीं हो पा रही। उन्होंने जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आम नागरिकों से जुड़ा महत्वपूर्ण कानून है, लेकिन विपक्ष ने इस पर भी चर्चा नहीं होने दी। इसके अलावा उन्होंने बैंकर्स बुक एविडेंस बिल, 2026 का जिक्र करते हुए कहा कि यह बैंकिंग व्यवस्था से जुड़े करोड़ों लोगों के हित का विषय है, लेकिन संसद में लगातार हो रहे शोर-शराबे के कारण जनता इस पर होने वाली चर्चा नहीं सुन पा रही है।
‘मानसून सत्र बाधित करना कांग्रेस की रणनीति’
संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल मानसून सत्र को व्यवस्थित तरीके से चलने नहीं देना चाहते। उन्होंने कहा कि संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा के बजाय लगातार हंगामा लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुकूल नहीं है।
