मुंबई, 4 अगस्त। महाराष्ट्र में कांग्रेस की एक टिप्पणी से नया राजनीतिक विवाद उठ खड़ा हुआ है। दरअसल, कांग्रेस की राज्य इकाई ने दिवंगत अजित पवार की पत्नी व मौजूदा डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार के हालिया सार्वजनिक कार्यक्रमों की आलोचना करते हुए उन्हें ‘गूंगी गुड़िया’ कह दिया।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने इस टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी और कांग्रेस पर महिलाओं का अपमान करने व राजनीतिक बातचीत का स्तर गिराने का आरोप लगाया। यह विवाद ऐसे समय में हुआ है, जब महाराष्ट्र की राजनीति में एनसीपी के दोनों गुटों के फिर से एक होने की अटकलें जोरों पर हैं, जिससे राज्य में चल रही राजनीतिक हलचल में एक नया मोड़ आ गया है।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र कांग्रेस ने सुनेत्रा पवार की हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस व बीड के दौरे पर सवाल उठाए और पूछा कि वह कब तक ‘गूंगी गुड़िया’ बनी रहेंगी। पार्टी ने यह आलोचना इसलिए की कि उनका कहना था कि लोगों से बातचीत के दौरान वह अहम मुद्दों पर चुप रहती हैं। इस टिप्पणी पर सत्ताधारी महायुति गठबंधन का हिस्सा एनसीपी के नेताओं ने तुरंत कड़ी आपत्ति जताई।
NCP ने कांग्रेस पर महिलाओं का अपमान करने का आरोप लगाया
कांग्रेस के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए एनसीपी नेताओं ने कहा कि कभी कांग्रेस की एक अलग राजनीतिक संस्कृति थी और वह सार्वजनिक बातचीत में कुछ खास मानक बनाए रखती थी, लेकिन अब वह अपनी विचारधारा और मूल्यों से भटक गई है। पार्टी ने कांग्रेस पर एक महिला नेता के खिलाफ ऐसी भाषा का इस्तेमाल करके महिलाओं का अनादर करने का आरोप लगाया।
एनसीपी नेताओं के अनुसार शब्दों का चुनाव कांग्रेस की सोच को दिखाता है और उसके गिरते राजनीतिक स्तर को उजागर करता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महाराष्ट्र कांग्रेस का नेतृत्व गलत हाथों में चला गया है, जिसके कारण राजनीतिक भाषा और व्यवहार खराब हो रहा है।
रोहित पवार ने कांग्रेस के बयान के पीछे के संदर्भ का समर्थन किया
दिलचस्प यह है कि एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने कांग्रेस के रुख का अप्रत्यक्ष रूप से बचाव करते हुए कहा कि जिस संदर्भ में यह बयान दिया गया, वह उस वाक्यांश से कहीं अधिक महत्वपूर्ण था। सुनेत्रा पवार की हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस का जिक्र करते हुए रोहित पवार ने कहा कि जब वह एक पत्रकार के सवाल का जवाब दे रही थीं तो मंत्री धनंजय मुंडे ने उन्हें बीच में ही रोक दिया और चुप करा दिया। उन्होंने तर्क दिया कि यदि अजित पवार वहां मौजूद होते तो वह मुंडे से बीच में दखल न देने के लिए कहते।
पूर्व पीएम इंदिरा गांधी को भी कभी ‘गूंगी गुड़िया‘ कहा गया था
रोहित पवार के अनुसार, सुनेत्रा पवार को अपनी बात मजबूती से रखनी चाहिए थी और धनंजय मुंडे को बीच में टोकने से रोकना चाहिए था। उन्होंने आगे कहा कि किसी को ‘गूंगी गुड़िया’ कहने को सकारात्मक और नकारात्मक दोनों नजरिए से देखा जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘इसे सकारात्मक रूप से भी देखा जा सकता है क्योंकि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को भी कभी ‘गूंगी गुड़िया’ कहा गया था, लेकिन बाद में उन्होंने अपनी नेतृत्व क्षमता से खुद को साबित किया।’
