नई दिल्ली, 22 अगस्त: भारत की डिजिटल पेमेंट क्रांति के सबसे बड़े प्लेटफॉर्म में शामिल यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने मंगलवार को अपनी शुरुआत के 10 साल पूरे कर लिए। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने UPI की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि देश की इस डिजिटल क्रांति पर हर भारतीय को गर्व होना चाहिए। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि एक दशक पहले UPI की शुरुआत भारत की डिजिटल पेमेंट यात्रा का निर्णायक मोड़ साबित हुई। उन्होंने देशवासियों से UPI के साथ अपने अनुभव साझा करने और यह बताने की अपील भी की कि इस डिजिटल भुगतान व्यवस्था ने उनके जीवन को किस तरह प्रभावित किया है।
10 साल में 13 हजार गुना बढ़ा UPI का लेनदेन
वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, UPI के जरिए होने वाले सालाना लेनदेन में पिछले एक दशक के दौरान जबरदस्त वृद्धि हुई है। वित्त वर्ष 2016-17 में UPI पर 1.78 करोड़ लेनदेन हुए थे। यह संख्या वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 24,162 करोड़ हो गई। यानी 10 साल में UPI ट्रांजैक्शन की संख्या करीब 13,000 गुना बढ़ी है। लेनदेन की वैल्यू में भी इसी तरह का बड़ा उछाल देखने को मिला है। वित्त वर्ष 2016-17 में UPI के जरिए हुए लेनदेन की कुल वैल्यू महज 0.07 लाख करोड़ रुपये थी, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 314 लाख करोड़ रुपये हो गई।
2016 में लॉन्च हुआ था UPI
भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने 25 अगस्त 2016 को UPI को लॉन्च किया था। शुरुआत के बाद से इस प्लेटफॉर्म ने भारत में डिजिटल भुगतान के तरीके को काफी हद तक बदल दिया। आज UPI छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े कारोबारियों और आम लोगों तक डिजिटल भुगतान का प्रमुख माध्यम बन चुका है। मोबाइल फोन के जरिए कुछ सेकंड में भुगतान करने की सुविधा ने कैशलेस लेनदेन को भी बढ़ावा दिया है।
दुनिया में UPI की बढ़ी पहचान
वित्त मंत्रालय के मुताबिक, UPI के बड़े पैमाने, भरोसे और इंटरऑपरेबिलिटी को वैश्विक स्तर पर भी पहचान मिली है। इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) ने ट्रांजैक्शन वॉल्यूम के लिहाज से UPI को दुनिया का सबसे बड़ा रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम बताया है। आंकड़ों के अनुसार, 2025 तक दुनिया में होने वाले रियल-टाइम पेमेंट ट्रांजैक्शन वॉल्यूम में UPI की हिस्सेदारी करीब 49 प्रतिशत थी।
डिजिटल इंडिया की बड़ी उपलब्धि बना UPI
UPI को भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में गिना जाता है। इसकी मदद से बैंक खातों के बीच सीधे और तेजी से पैसे ट्रांसफर करना आसान हुआ है। 10 साल के सफर में UPI ने न सिर्फ देश में डिजिटल भुगतान को नई गति दी, बल्कि भारत के डिजिटल पेमेंट मॉडल को वैश्विक स्तर पर भी चर्चा में ला दिया है।


