पीएम मोदी व फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों की बैठक : राफेल-न्यूक्लियर से AI तक कुल 13 अहम फैसलों पर लगी मुहर

नई दिल्ली, 14 जून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के अपने आधिकारिक दौरे के दूसरे दिन रविवार को राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की उपस्थिति में जहां ‘भारत इनोवेट्स 2026’ कॉन्क्लेव का उद्घाटन वहीं दोनों नेताओं के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता के दौरान राफेल, न्यूक्लियर से AI तक कुल 13 अहम फैसलों पर मुहर लगी।

भारत और फ्रांस ने अपने वार्षिक व्यापार को मौजूदा 16 अरब अमेरिकी डॉलर से दोगुना करने का पांच वर्षीय लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही, रणनीतिक और प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए एक इनोवेशन रोडमैप और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के लिए एक संयुक्त फ्रेमवर्क भी पेश किया गया।

दोनों नेताओं के बीच बातचीत के 13 नतीजे निकले, जिनमें हाई-स्पीड रेलवे सहयोग की घोषणा, गोपनीय डेटा के लिए सुरक्षा समझौता और पेरिस व नीस हवाई अड्डों तक भारत के UPI पेमेंट नेटवर्क का विस्तार करने का समझौता शामिल है।

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने द्विपक्षीय बैठक की बाबत जानकारी देते हुए कहा कि दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं पर चर्चा हुई, जिनमें नागरिक परमाणु ऊर्जा, रक्षा, सुरक्षा, अंतरिक्ष, व्यापार और निवेश, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, शिक्षा, मोबिलिटी और लोगों के बीच आपसी संबंध शामिल हैं।

द्विपक्षीय वार्ता के मुख्य बिंदु

  • व्यापार : द्विपक्षीय व्यापार को अगले 5 वर्षों में 16 अरब डॉलर से बढ़ाकर दोगुना करने का लक्ष्य।
  • UPI विस्तार : पेरिस और नीस हवाई अड्डों तक भारत के UPI का विस्तार करने का फैसला।
  • रक्षा समझौता : फ्रांस की डसॉल्ट एविएशन से 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने की योजना पर चर्चा।
  • परमाणु ऊर्जा : स्मॉल और एडवांस्ड मॉड्यूलर रिएक्टर्स सहित नागरिक परमाणु ऊर्जा पर विस्तृत बातचीत।
  • टेक्नोलॉजी : इनोवेशन और नई तकनीकों के क्षेत्र में आपसी सहयोग बढ़ाने पर जोर।

वहीं विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि ‘भारत-फ्रांस इनोवेशन रोडमैप 2030’ का मकसद अहम और उभरती हुई टेक्नोलॉजी के साथ-साथ स्टार्टअप और इनक्यूबेटर इकोसिस्टम में सहयोग को मजबूत करना है। साथ ही एकेडमिक मोबिलिटी और इंडस्ट्री-एकेडेमिया के बीच संबंधों को बढ़ावा देना है।

दोनों पक्षों ने अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए एक हाई-लेवल मैकेनिज्म बनाने की भी घोषणा की। अभी द्विपक्षीय व्यापार का वॉल्यूम लगभग 16 अरब अमेरिकी डॉलर है। आर्थिक सुरक्षा के लिए एक अलग डायलॉग मैकेनिज्म भी घोषित किया गया।

 

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