बैंकों में आज से प्रस्तावित तीन दिवसीय हड़ताल स्थगित, IBA और UFBU की बैठक के बाद फैसला

नई दिल्ली, 27 सितम्बर। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की सोमवार से प्रस्तावित तीन दिवसीय हड़ताल टल गई है। भारतीय बैंक संघ (IBA) और हड़ताल का आह्वान करने वाली यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बीच बैठक के बाद हड़ताल स्थगित करने पर सहमति बनी। बैंकों में अब सोमवार को सामान्य तरीके से कामकाज होगा।

यूएफबीयू के सर्कुलर नंबर 2026/31 के अनुसार रविवार रात 9.30 बजे आईबीए और यूएफबीयू के बीच बैठक हुई। विचार-विमर्श के बाद हफ्ते में पांच दिन काम करने या पांच दिवसीय सप्ताह समेत अन्य मांगों पर दोनों पक्षों में सहमति बनने के बाद बैंक यूनियनों ने देर रात हड़ताल टालने की घोषणा की।

बैठक में इन प्रमुख मुद्दों पर बनी सहमति

  • फाइव डे बैंकिंग (शनिवार की छुट्टी) पर उच्चस्तरीय कमेटी : सभी शनिवार को आधिकारिक अवकाश घोषित करने के मुद्दे पर विचार करने के लिए IBA और UFBU की एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी। यह कमेटी सभी पक्षों और खासकर ग्राहकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सर्वमान्य समाधान तलाशेगी।   
  • PLI स्कीम में संशोधन : स्केल IV और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन (Performance Linked Incentive – PLI) योजना में यूनियनों की आपत्तियों को दूर करने के लिए संशोधन पर चर्चा होगी, जिसे आगे सरकार को प्रस्तावित किया जाएगा।  
  • लंबित मुद्दों का शीघ्र निबटारा : 8 मार्च, 2024 के मिनट्स (Minutes) में सूचीबद्ध अन्य सभी लंबित मुद्दों पर त्वरित समाधान के लिए वार्ता जारी रहेगी।

यूएफबीयू के सर्कुलर पर एआईबीईए के सी.एच. वेंकटाचलम, एआईबीओसी के रूपम रॉय, एनसीबीई के एल. चंद्रशेखर, एआईबीओए के संजय खान, बीईएफआई के देबाशीष बासु चौधरी, आईएनबीओसी के प्रेम मक्कर और आईएनबीईएफ के ओ.पी. शर्मा समेत यूनियन नेताओं के हस्ताक्षर हैं। विस्तृत सर्कुलर जल्द जारी किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि कि बैंक कर्मचारियों के केंद्रीय यूनियन – UFBU ने 28 से 30 सितम्बर, 2026 तक तीन दिनों दिन की देशव्यापी बैंक हड़ताल का आह्वान किया था। ये हड़ताल 26 और 27 सितम्बर को शनिवार और रविवार की छुट्टियों के ठीक बाद होनी थी। ऐसे में, बैंकों का कामकाज लगातार पांच दिनों तक ठप रहने वाला था, जिसका सीधा और बुरा असर आम ग्राहकों पर पड़ना तय था।

ग्राहकों की सुविधा के लिए रविवार को खोले गए बैंक

बैंकों में लगातार पांच दिनों तक कामकाज ठप रहना एक बहुत बड़ी समस्या है, जिसकी वजह से रविवार (27 सितम्बर) को भी बैंकों को खोलने की घोषणा की गई, ताकि आम लोग अपने जरूरी काम निपटा लें। फिलहाल हड़ताल वापस होने आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी।

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