पश्चिम बंगाल : सोनारपुर में TMC सांसद अभिषेक बनर्जी पर पत्थर, अंडे और जूते फेंके गए, शर्ट फाड़ी, ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए..
कोलकाता, 30 मई। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में शनिवार को स्थानीय प्रदर्शनकारियों ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे व तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी के साथ धक्का-मुक्की की, उनकी शर्ट फाड़ दी, उनपर पत्थर, अंडे व जूते फेंकने के साथ ‘चोर-चोर’ नारे भी लगाए। इस घटना के बाद अभिषेक को पुलिस हेलमेट पहने और फटी हुई शर्ट में इलाके से बाहर ले जाते देखा गया। इस दौरान महिलाएं हाथों में अंडे लिए हुए दिखाई दीं।
Staying true to his word, Shri @abhishekaitc REFUSED TO ABANDON the grieving family of Sanju Karmakar.
Even after a vicious attack by @BJP4Bengal-backed miscreants, our National General Secretary chose not to turn back. Instead, he stood beside a family devastated by an… pic.twitter.com/L11oo92AzQ
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) May 30, 2026
अभिषेक का अपोलो हॉस्पिटल में इलाज किया गया, ममता अस्पताल पहुंचीं
दरअसल, अभिषेक बनर्जी चुनाव के बाद हुई हिंसा में मारे गए पार्टी कार्यकर्ता के परिवार से मिलने गए थे। वहीं घायल हुए अभिषेक बनर्जी का अपोलो हॉस्पिटल में इलाज किया गया। अभिषेक को देखने के लिए टीएमसी की चेयरपर्सन ममता बनर्जी भी अपोलो हॉस्पिटल पहुंचीं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार टीएमसी सांसद पर अनजान लोगों ने पत्थर, जूते और अंडे फेंके, और उन पर लात-घूंसे बरसाने की भी कोशिश की। बनर्जी को पुलिस हेलमेट पहने और फटी हुई शर्ट के साथ इलाके से बाहर ले जाते देखा गया।
अभिषेक बोले – ‘ये भाजपा सरकार द्वारा प्रायोजित है, वे मुझे मारना चाहते हैं’
चुनाव के बाद हुई हिंसा के एक मृतक पीड़ित के परिवार से मिलते हुए बनर्जी ने कहा, ‘देखो, उन्होंने मेरे साथ क्या किया है। यह पहले से प्लान था। इलाके में कोई पुलिस नहीं है। वे मुझे मारना चाहते हैं।’
दुर्व्यवहार, ‘बांग्लादेशी’ कहे जाने के साथ सोनारपुर निवासियों द्वारा पत्थर और अंडे फेंके जाने पर अभिषेक बनर्जी ने कहा, ‘ये भाजपा सरकार द्वारा प्रायोजित है। हम अदालत जाएंगे, बार-बार याद दिलाने के बावजूद कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था।
अभिषेक ने आगे कहा, ‘आज सुबह उनके परिवारों ने मुझसे बार-बार यहां न आने का अनुरोध किया। मुझे पता था कि यहां मुझ पर हमला होगा। इतना डरने की क्या बात है? यह एक ‘डबल इंजन’ सरकार है, एक डेमोक्रेटिक सरकार, तो इतना डर क्यों? मैं भी यहीं बैठा रहूंगा, जब तक पुलिस फोर्स आकर उनके खिलाफ एक्शन नहीं लेती। हम कानूनी मदद भी लेंगे, हम सारे फुटेज के साथ कोर्ट जाएंगे।’
भाजपा का इस घटना से कोई लेना-देना नहीं : समिक भट्टाचार्य
वहीं इस मामले पर राज्य भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा, ‘भाजपा का इन मामलों में कोई हाथ नहीं है। इसके अलावा, एक स्वस्थ समाज में ऐसा व्यवहार मंजूर नहीं है। लोग हमेशा घमंड बर्दाश्त नहीं करते – और यह चुनाव इसका सबूत है। हालांकि लोगों में शिकायतें हो सकती हैं, लेकिन इस तरह की हरकतें एक सभ्य समाज के लिए सही नहीं हैं। भाजपा का इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है। हमने संयम बनाए रखा है और बनाए रखेंगे। ठीक इसी वजह से तृणमूल कांग्रेस आज भी बनी हुई है। यदि हालात उलटे होते, यदि हमारी जगह तृणमूल होती तो विपक्ष बयान देने की हालत में भी नहीं बचता।’
