सोनम वांगचुक ने 26 दिनों के बाद तोड़ा अनशन, जेपी नड्डा व जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में किया फैसला

नई दिल्ली, 24 अप्रैल। नीट पेपर लीक मामले में विभिन्न मांगों को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले पिछले एक माह से ज्यादा समय से जारी छात्रों के आंदोलन के बीच पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार की ओर से ठोस आश्वासन मिलने के बाद गुरुवार को मध्यरात्रि के आसपास अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है।

पिछले 26 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे वांगचुक ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में अपनी भूख हड़ताल खत्म की। दोनों मंत्रियों ने अस्पताल में वांगचुक से मुलाकात की और उनका उपवास तुड़वाने में मदद की। इस घटनाक्रम का एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में नजर आ रहा है कि सोनम वांगचुक केंद्रीय मंत्रियों-जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में एक कप में जूस पी रहे हैं। उनकी पत्नी गीतांजलि एंग्मो भी वहां मौजूद नजर आ रही हैं।

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने इस दौरान वांगचुक को एक पत्र पढ़कर सुनाया। प्राप्त जानकारी के अनुसार सरकार की तरफ से वांगचुक को आश्वासन दिया गया है कि संसद मार्च और जंतर मंतर के शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर कोई मामला नहीं दर्ज होगा। पार्लियामेंट में पेपर लीक और शिक्षा सुधारों का समाधान खोजने के लिए चर्चा होगी। वहीं, आत्महत्या करने वाले नीट छात्रों के परिवार वालों को उचित मुआवजा देने की बात भी कही गई है।

वांगचुक ने मध्यरात्रि बाद X पर अपने फैसले की जानकारी दी

सोनम वांगचुक ने भी गुरुवार की मध्यरात्रि बाद X पर अपने फैसले की जानकारी दी। उन्होंने लिखा, ‘अभी-अभी केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह तथा लेह-लद्दाख की एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में मैंने आखिरकार 26 दिनों बाद अपना उपवास खत्म किया। इससे पहले, अलग-अलग राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने मुझसे मुलाकात की थी या पत्र लिखकर उपवास खत्म करने का आग्रह किया था। यह फैसला कई शर्तों पर लंबी बातचीत और देश में संभावित हिंसा को ध्यान में रखते हुए लिया गया। मैं बहुत जल्द एक अलग वीडियो में इन शर्तों के बारे में विस्तार से बताऊंगा। इस बीच, मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि कहीं भी किसी भी तरह की हिंसा न होने दें और बहुत सतर्क रहें।’

पीएम मोदी ने की सोनम के लिए प्रार्थना

वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोनम वांगचुक के लिए एक्स पर पोस्ट लिखी है। पीएम मोदी ने लिखा, ‘मैं सोनम जी से आग्रह करता हूं की वो डॉक्टरों की सलाह के अनुसार अपनी दिनचर्या रखें और जल्द से जल्द अपना पुराना वजन फिर से प्राप्त करें। मैं प्रभु से प्रार्थना करता हूं कि सोनम जी स्वस्थ रहें।’

पीएम मोदी बोले- सख्त काररवाई का प्रावधान वाला विधेयक संसद में पेश करेंगे

इससे पहले गुरुवार देर रात पीएम नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो संदेश जारी किया। इसमें उन्होंने कहाकि प्रश्नपत्र लीक रोकने और सख्त काररवाई का प्रावधान करने वाला विधेयक संसद में पेश किया जाएगा। पीएम ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक रोकने के लिए नए विधेयक के मसौदे पर शुक्रवार को मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा की जाएगी। साथ ही प्रधानमंत्री ने यह भी कहाकि प्रश्नपत्र लीक को रोकने संबंधी विधेयक को अगले हफ्ते संसद में पेश किया जाएगा, इसे जल्द से जल्द पारित कराने की कोशिश की जाएगी।

वांगचुक ने दिन में छात्रों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील की थी

वहीं सोनम वांगचुक ने छात्र आंदोलन के समर्थकों से शांतिपूर्ण बने रहने की अपील की। वांगचुक ने कहा कि उन्हें यह जानकर दुख हुआ है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहने के बावजूद कुछ असामाजिक तत्व हिंसा भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। अपने अनिश्चितकालीन अनशन के 26वें दिन वांगचुक ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि शांति और केवल शांति ही मेरा रास्ता है।

वांगचुक ने कहा, ‘जहां जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शांतिपूर्ण बना हुआ है। वहीं यह जानकर मुझे पीड़ा हुई कि कुछ असामाजिक तत्व शांतिपूर्ण प्रदर्शनों का फायदा उठाकर हिंसा भड़काने की कोशिश कर रहे हैं।’

वांगचुक की पत्नी गीतांजलि ने भी प्रदर्शनकारियों के आचरण की सराहना की

वांगचुक की पत्नी गीतांजलि ने भी प्रदर्शनकारियों का बचाव किया और कहा कि छात्रों को नकारात्मक रूप में पेश किया जाना बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने ‘एक्स’ पर एक अन्य पोस्ट में युवा प्रदर्शनकारियों के आचरण की सराहना करते हुए कहा, ‘पिछले कुछ दिनों में भारत के जेन-जी को देखकर मेरे भीतर उम्मीद जगी है। प्रदर्शनकारियों ने अजनबियों की देखभाल परिवार की तरह की, एक-दूसरे के साथ भोजन और पानी साझा किया, अपने प्रदर्शन स्थलों की सफाई की, बुजुर्गों का ध्यान रखा, साथ मिलकर राष्ट्रीय गान और उम्मीद के गीत गाए, भारी उकसावे के बावजूद अनुशासन बनाए रखा और नि:स्वार्थ सेवा के अनगिनत कार्यों के जरिए आंदोलन को जारी रखा।’

उन्होंने कहा, ‘अगर यही वह पीढ़ी है, जिसे हमने तैयार किया है तो भारत का भविष्य सुरक्षित हाथों में है। भारत के जेन-जी… आप केवल इस देश का भविष्य नहीं हैं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक आदर्श हैं।’ उन्होंने बच्चों के माता-पिता का भी आभार जताया और कहा कि उन्होंने दयालु, जिम्मेदार और साहसी नागरिकों का पालन-पोषण किया है।

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