एशियाई खेल : मौजूदा संस्करण में भारत का सर्वश्रेष्ठ दिन, कंपाउंड तीरंदाजों व निशानेबाजों ने दिलाए 4 स्वर्ण पदक

नागोया, 30 सितम्बर। भारतीय दल ने यहां 20वें एशियाई खेलों (Aichi-Nagoya 2026) में बुधवार को अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ दिन देखा, जब कंपाउंड तीरंदाजों ने टीम स्पर्धाओं में स्वर्णिम तिकड़ी जमाई और नीरू धांडा व काइनन चेनाई की ट्रैप निशोबाजी जोड़ी मिश्रित स्पर्धा का स्वर्ण अपने नाम किया। यानी भारत ने पदक स्पर्धाओं के 11वें दिन कुल चार स्वर्ण जीते। वहीं महिला हॉकी टीम कोरिया को हराकर फाइनल में प्रवेश के साथ 44 वर्षों बाद स्वर्ण पदक के करीब जा पहुंची।

पदक तालिका : 60 पदकों के साथ भारत आठवें स्थान पर पहुंचा

उधर मुक्केबाजी रिंग से प्रिया (60 किग्रा) और कपिल (90 किग्रा) के दो कांस्य पदकों और कुश्ती के मैट से सुनील कुमार (87 किग्रा) के एक कांस्य दिलाया। कुल मिलाकर आज चार स्वर्ण व तीन कांस्य पदक झोली में गिरे। इसके साथ अपने पदकों संख्या 60 (10 स्वर्ण, 21 रजत और 29 कांस्य) तक पहुंचाकर मंगलवार के 10वें स्थान से भारत आठवें स्थान पर पहुंच गया।

चीन, जापान व कोरिया शीर्ष तीन स्थानों पर काबिज

दूसरी तरफ 151 स्वर्ण सहित 277 पदक (151+67+59) जीतकर पदक तालिका में सबसे आगे बना हुआ है। इस बीच मेजबान जापान ने अपने पदकों की संख्या 200 (50+77+73) तक पहुंचा दी। तीसरे स्थान पर काबिज ने अब तक 103 पदक (24+30+49) जीते हैं।

कंपाउंड तीरदांजों ने पुरुष, महिला और मिश्रित टीम खिताबों का किया बचाव

देखा जाए को यह दिन पूरी तरह से कंपाउंड तीरंदाजों के नाम रहा, जिन्होंने पुरुष, महिला और मिश्रित टीम के अपने खिताबों का बचाव किया। ज्योति सुरेखा वेन्नम, चिकिता तानीपर्थी और प्रिथिका प्रदीप की महिला तिकड़ी ने स्वर्णिम अभियान की शुरुआत की जिसका समापन कुशल दलाल, साहिल जाधव और गणेश मणि रत्नम थिरुमुरु ने पुरुष टीम का पीला तमगा जीतकर किया। इनके बीच चिकिता और साहिल ने मिश्रित स्वर्ण पदक जीता और इसके साथ ही देश के लिए ओलम्पिक कोटा स्थान भी सुरक्षित किया।

एशियाई खेल : कंपाउंड तीरंदाजी में भारत ने जमाई स्वर्णिम हैट्रिक, महिला, पुरुष और मिश्रित टीमें बनीं चैम्पियन

शूटर नीरू ने चेनाई संग मिलकर मिश्रित टीम खिताब भी जीता

निशानेबाजी रेंज में व्यक्तिगत वर्ग में खिताब जीतने वाली नीरू धांडा ने काइनन चेनाई के साथ मिलकर मिश्रित टीम स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता, जिससे बुधवार को उनका ऐतिहासिक अभियान तीन पदकों (दो स्वर्ण व एक रजत) के साथ पूरा हुआ और वह मौजूदा एशियाई खेलों में सबसे सफल भारतीय एथलीट बन गईं।

एशियाई खेल : शूटर नीरू के नाम दूसरा स्वर्ण, काइनन के साथ मिलकर ट्रैप मिश्रित टीम खिताब भी जीता

कोरिया को हरा भारतीय महिला हॉकी टीम फाइनल में

वहीं शाम के सत्र में महिला हॉकी टीम अपना जबर्दस्त फॉर्म जारी रखते हुए कोरिया पर 2-0 की जीत के साथ फाइनल में प्रवेश किया। काकामिगाहारा के गिफू प्रीफेक्चरल ग्रीन स्टेडियम में खेले गए संघर्षपूर्ण मुकाबले में भारत के लिए इशिका ने 44वें मिनट में पेनाल्टी कॉर्नर पर गोल किया जबकि चार मिनट बाद कप्तान सलीमा टेटे ने गोल दागा। गौर करने वाली बात यह रही कि भारत को कुल 12 शॉर्ट कॉर्नर मिले, जिनमें सिर्फ एक भुनाया जा सका।

44 वर्षों बाद दूसरे स्वर्ण पदक पर निगाहें

खैर, पिछले माह नीदरलैंड्स व बेल्जियम में संपन्न FIH विश्व कप में ऐतिहासिक पांचवें स्थान पर रही भारतीय टीम एशियाई खेलों में 44 वर्ष बाद स्वर्ण पदक जीतने से एक जीत दूर है। एशियाई खेलों में भारतीय महिला हॉकी टीम ने सिर्फ एक बार दिल्ली में 1982 में स्वर्ण पदक जीता था, जब पहली बार महिला हॉकी को इन खेलों में शामिल किया गया। पिछली बार भारत ने कांस्य जीता और 2018 में रजत पदक जीता था।

स्वर्ण पदक के लिए मौजूदा चैम्पियन चीन से होगी टक्कर

सलीमा टेटे एंड कम्पनी का अब मौजूदा चैम्पियन चीन से मुकाबला होगा, जिसने हांगझू 2023 में उसे सेमीफाइनल में 4.0 से हराया था। चीन ने दूसरे सेमीफाइनल में जापान को पानाल्टी शूटआउट में 4-2 से मात दी। जापान व कोरिया के बीच कांस्य पदक की लड़ाई होगी।

मुक्केबाज लवलीना बोरगोहन लगातार दूसरी बार फाइनल में

मुक्केबाजी रिंग की ओर नजर दौड़ाएं तो भारतीय मुक्केबाजों ने पिछले चरण की कुल संख्या को बेहतर करके पहले ही उम्मीदों को पार कर लिया है। हांगझू में चार पदकों के मुकाबले इस बार छह पदक पक्के हो चुके हैं। ओलम्पिक पदक विजेता मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं के 75 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में जगह पक्की की, लेकिन प्रिया घंघास और कपिल पोखरिया को सेमीफाइनल में हारने के कारण कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।

पिछले एशियाई खेलों की रजत पदक विजेता लवलीना ने 75 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल मुकाबले में कजाखस्तान की मुक्केबाज नताल्या बोग्दानोवा पर 3-2 के विभाजित फैसले से जीत हासिल की। बोग्दानोवा 70 किलोग्राम में मौजूदा विश्व चैम्पियन हैं। इससे लवलीना लगातार दो बार एशियाई खेलों के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला मुक्केबाज बन गई हैं।

सेमीफाइनल में परास्त प्रिया व कपिल को कांसे से संतोष करना पड़ा

प्रिया हालांकि महिलाओं के 60 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में चीन की पूर्व विश्व चैंपियन यांग चेंग्यू से हार गई और इस तरह से उन्हें कांस्य पदक मिला। एक अन्य भारतीय मुक्केबाज कपिल भी पुरुषों के 90 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में उज्बेकिस्तान के मौजूदा विश्व चैंपियन तुराबेक खबीबुल्लाएव से 1-4 के समान अंतर से हार गए और उन्हें भी कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।

लवलीना के अलावा परवीन हुड्डा (65 किलोग्राम) और अंकुश पंघाल (80 किलोग्राम) पहले ही फाइनल में जगह बना चुके हैं और शुक्रवार को खिताबी मुकाबले में उतरेंगे। सुपर हैवीवेट मुक्केबाज नरेंदर बेरवाल ने मंगलवार को कांस्य पदक के साथ अपने अभियान का समापन किया था।

सुनील लगातार दो पदक जीतने वाले देश के पहले ग्रीको रोमन पहलवान बने

कुश्ती में सुनील कुमार दो एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले भारत के पहले ग्रीको रोमन पहलवान बन गए, जिन्होंने पुरुषों के 87 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक जीता जबकि निशा दहिया प्रतियोगिता के पहले ही दिन हारकर बाहर हो गईं। सुनील ने फिलीपीन के रॉबटर्स कालम जॉनस्टन को तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर (9-0) हराकर कांस्य पदक जीता।

स्क्वाश की दोनों टीमों ने सेमीफाइनल में प्रवेश के साथ पक्के किए पदक

वहीं स्क्वाश में भारतीय पुरुष व महिला टीमों ने क्रमशः कुवैत व सिंगापुर को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई और अपने लिए पदक पक्के किए। भारतीय महिला टीम गुरुवार को सेमीफाइनल में हांगकांग से भिड़ेगी जबकि पुरुष टीम का सामना मलेशिया से होगा।

शीर्ष वरीयता प्राप्त व गत चैंपियन भारतीय पुरुष टीम ने क्वार्टर फाइनल में कुवैत पर 2-0 से जीत हासिल की जबकि महिला वर्ग में अनाहत सिंह के नेतृत्व वाली टीम ने क्वार्टरफाइनल में सिंगापुर को 2-0 से हराया।

टेनिस : नागल एकल क्वार्टर फाइनल में, दक्षिणेश्वर परास्त

टेनिस स्पर्धा में सुमित नागल ने पुरुष एकल क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली जबकि दक्षिणेश्वर सुरेश तीसरे दौर में हारकर बाहर हो गए। सातवीं वरीयता प्राप्त और विश्व रैंकिंग में 249वें स्थान पर काबिज नागल ने उज्बेकिस्तान के सर्गेई फोमिन को सीधे सेट में 6-3, 6-2 से हराकर अंतिम आठ में प्रवेश किया। अब उनका सामना तीसरी वरीयता प्राप्त चीन के यीबिंग वू से होगा जो विश्व रैंकिंग में 111वें स्थान पर हैं। दूसरी ओर दक्षिणेश्वर को तीसरे दौर में चीनी ताइपे के छठी वरीयता प्राप्त चुन शिन सेंग के हाथों 3-6, 4-6 से हार का सामना करना पड़ा।

पुरुष युगल में भी दोनों जोड़ियां क्वार्टर फाइनल में हारीं

भारत के पुरुष युगल अभियान को भी झटका लगा, जब एन श्रीराम बालाजी व वामहस्त अनिरुद्ध चंद्रशेखर की जोड़ी को चीन के फुमिन चियांग व तियानहुई जियांग के खिलाफ कड़े क्वार्टर फाइनल में 7-6, 6-7, 8-10 से हार मिली। बाद में युकी भांबरी और दक्षिणेश्वर भी क्वार्टरफाइनल में चीनी ताइपे के यू ह्सिओउ ह्सू और चेनजुई हो से 6-7, 3-6 से हार गए।

हालांकि कैनोइंग, ईस्पोर्ट्स, सेपकटकरा और साइकिलिंग में भारत का प्रदर्शन खराब रहा क्योंकि कोई भी प्रतिभागी शुरुआती चरण से आगे नहीं बढ़ सका।

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