मुंबई, 20 जुलाई। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और बॉन्ड यील्ड में नरमी के बीच भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को जोरदार बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत की। लगातार सात कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद बाजार में रिकवरी देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान में खुले, जबकि व्यापक बाजारों में भी खरीदारी का रुझान रहा।
सेंसेक्स 558 अंक की बढ़त के साथ खुला
बीएसई सेंसेक्स पिछले कारोबारी सत्र में 76,909.68 अंक पर बंद हुआ था। गुरुवार को यह 558.77 अंक यानी 0.72 फीसदी की बढ़त के साथ 77,468.45 अंक पर खुला। कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 77,494.79 का ऊपरी स्तर और 77,375.75 का निचला स्तर छुआ। खबर लिखे जाने तक सेंसेक्स 532.60 अंक यानी 0.69 फीसदी की बढ़त के साथ 77,442.28 अंक पर कारोबार कर रहा था।
निफ्टी भी 24,200 के करीब
एनएसई निफ्टी 50 भी बढ़त के साथ खुला। पिछले कारोबारी सत्र में 24,078.30 अंक पर बंद हुआ निफ्टी गुरुवार को 147.15 अंक यानी 0.61 फीसदी की तेजी के साथ 24,225.45 अंक पर खुला। इंट्रा-डे कारोबार में निफ्टी ने 24,225.45 का उच्चतम और 24,184.55 का न्यूनतम स्तर छुआ। खबर लिखे जाने तक निफ्टी 121.10 अंक यानी 0.50 फीसदी की बढ़त के साथ 24,199.40 अंक पर कारोबार कर रहा था।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी
व्यापक बाजार में भी तेजी का माहौल रहा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.56 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.83 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। सेक्टरवार कारोबार की बात करें तो निफ्टी के लगभग सभी प्रमुख सेक्टर हरे निशान में रहे। आईटी, प्राइवेट बैंक, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, मीडिया, रियल्टी और एफएमसीजी शेयरों में खास खरीदारी देखने को मिली। मिडस्मॉल आईटी, टेलीकॉम और मेटल शेयरों में भी तेजी रही।
24,200-24,260 के ऊपर टिकना अहम
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, पिछले कई सत्रों से दबाव के बाद अब तकनीकी संकेतक अल्पकालिक रिकवरी की ओर इशारा कर रहे हैं। बेहतर वैश्विक संकेतों और शॉर्ट कवरिंग से निवेशकों के सेंटीमेंट में सुधार आया है। तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, निफ्टी ने 24,060 के महत्वपूर्ण सपोर्ट से मजबूती दिखाई है। चार घंटे के चार्ट पर तेजी का संकेत देने वाला पैटर्न भी बना है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर निफ्टी 24,200 से 24,260 के दायरे के ऊपर टिकने में सफल रहता है तो यह 24,380 से 24,540 के स्तर तक जा सकता है। वहीं, 24,060 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट बना हुआ है। इसके नीचे फिसलने पर निफ्टी 23,575 के स्तर तक कमजोर हो सकता है।
FII और DII ने बढ़ाया भरोसा
विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की गतिविधियों से भी बाजार को समर्थन मिला। अस्थायी आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में खरीदारी की और बुधवार को 407 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की खरीदारी लगातार सातवें सत्र जारी रही। डीआईआई ने बुधवार को 3,973 करोड़ रुपये का निवेश किया।
अमेरिकी और एशियाई बाजारों से भी मिले सकारात्मक संकेत
वैश्विक बाजारों में भी सकारात्मक माहौल का असर भारतीय शेयर बाजार पर पड़ा। अमेरिका में लंबी अवधि के ट्रेजरी बॉन्ड की पुनर्खरीद पर विचार किए जाने की खबरों से बॉन्ड और इक्विटी बाजारों में सेंटीमेंट बेहतर हुआ। अमेरिकी शेयर बाजार बुधवार को बढ़त के साथ बंद हुए। एसएंडपी 500 में 0.21 फीसदी और नैस्डैक में 0.16 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। एशियाई बाजारों में भी मजबूती का रुख रहा।
कच्चे तेल की कीमतों पर भी नजर
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतें फिलहाल अपेक्षाकृत स्थिर रहीं। ब्रेंट क्रूड करीब 92 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई करीब 84.52 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक बॉन्ड यील्ड में नरमी बनी रहती है और विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है, तो भारतीय शेयर बाजार में निकट अवधि में और सुधार देखने को मिल सकता है। हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति बाजार के लिए प्रमुख जोखिम बने रहेंगे।


