Arunachal Pradesh: सीमा क्षेत्र अब सरकार की शीर्ष प्राथमिकता, किरेन रिजिजू बोले- तेज हो रहा बुनियादी ढांचे का काम

नई दिल्ली, 20 अगस्त। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि देश के सीमावर्ती इलाकों, जिन्हें पहले पर्याप्त प्राथमिकता नहीं मिली, अब केंद्र सरकार के एजेंडे में सबसे ऊपर रखा गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार सीमा क्षेत्रों में सड़क, कनेक्टिविटी और अन्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है।

रिजिजू ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों माजा, गालेमो और तक्सिंग के अपने दौरे का वीडियो साझा किया। वीडियो में दुर्गम हिमालयी इलाके में बुनियादी ढांचे से जुड़े काम और मशीनरी दिखाई दे रही है। मंत्री ने इस दौरान सेना के जवानों और स्थानीय लोगों से भी बातचीत की।

माजा, गालेमो और तक्सिंग पहुंचे रिजिजू

रिजिजू ने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में काम करना चुनौतीपूर्ण है, लेकिन केंद्र सरकार इन क्षेत्रों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि वह माजा, गालेमो और तक्सिंग इसलिए पहुंचे ताकि बुनियादी ढांचे से जुड़े कामों की प्रगति को देखा जा सके और उन्हें तेज किया जा सके। मंत्री ने कहा कि पहले सीमावर्ती इलाकों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया, लेकिन अब सीमा क्षेत्र सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल हैं।

चीन सीमा को लेकर विपक्ष के आरोपों पर जवाब

रिजिजू का यह बयान ऐसे समय आया है जब विपक्ष की ओर से केंद्र सरकार पर चीन से जुड़े सीमा विवाद और कथित घुसपैठ को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। इससे पहले उन्होंने राहुल गांधी के भारतीय क्षेत्र में चीनी घुसपैठ के दावे पर भी प्रतिक्रिया दी थी। रिजिजू ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश से जुड़े मुद्दों को भारत-चीन सीमा के लंबे समय से औपचारिक रूप से निर्धारित न होने के संदर्भ में देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों में जमीन पर स्पष्ट सीमा रेखा या सीमा स्तंभ नहीं हैं।

‘सीमा तय नहीं होने से ग्रामीणों की चिंता जायज’

केंद्रीय मंत्री ने माना कि सीमा का स्पष्ट सीमांकन नहीं होने से सीमावर्ती गांवों में रहने वाले लोगों की चिंता स्वाभाविक है। हालांकि उन्होंने बिना पुष्टि किए वीडियो और दावों के जरिए भ्रम फैलाने को गलत बताया। उनके मुताबिक, अरुणाचल प्रदेश के कुछ ग्रामीणों ने सीमा को लेकर चिंता जताई है और उनकी चिंताओं को गंभीरता से समझने की जरूरत है।

चीन ने पहले शुरू कर दिया था इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण: रिजिजू

रिजिजू ने दावा किया कि चीन ने अपनी तरफ सीमा के पास सड़क और अन्य बुनियादी ढांचे का निर्माण काफी पहले शुरू कर दिया था। उन्होंने पिछली कांग्रेस सरकारों की सीमा नीति पर भी सवाल उठाए। केंद्रीय मंत्री ने तत्कालीन रक्षा मंत्री एके एंटनी के एक पुराने बयान का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि उस समय भारतीय सीमा की तरफ बुनियादी ढांचा विकसित करने को लेकर अलग नीति अपनाई गई थी।

2014 के बाद बदली सीमा क्षेत्र की नीति

रिजिजू ने कहा कि 2014 में नरेंद्र मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद सीमा क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के निर्माण को प्राथमिकता दी गई। उन्होंने सड़क और कनेक्टिविटी परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि अब भारतीय हिस्से में भी तेजी से निर्माण कार्य हो रहे हैं। उन्होंने माजा का उदाहरण देते हुए कहा कि यह अंतिम सीमा क्षेत्र में स्थित गांव है और वहां सड़क निर्माण का काम पूरा हो चुका है। रिजिजू ने दावा किया कि आजादी के बाद पहली बार इस क्षेत्र में सड़क कनेक्टिविटी पहुंची है।

तक्सिंग तक सड़क कनेक्टिविटी का भी किया जिक्र

रिजिजू ने तक्सिंग का जिक्र करते हुए कहा कि पहले इस इलाके तक सड़क संपर्क नहीं था। उनके मुताबिक, सरकार ने यहां भी कनेक्टिविटी विकसित करने पर काम किया है। उन्होंने कहा कि चीन ने अपनी तरफ पहले ही सड़क और अन्य बुनियादी ढांचा विकसित कर लिया था, जबकि अब भारत भी अपने क्षेत्र में सामरिक रूप से महत्वपूर्ण ढांचे को मजबूत कर रहा है।

‘चीन ने भारतीय गांवों पर कब्जा नहीं किया’

रिजिजू ने उन दावों को खारिज किया कि चीन ने भारतीय गांवों पर कब्जा कर लिया है। उन्होंने कहा कि कुछ क्षेत्रों में स्पष्ट सीमांकन नहीं होने की वजह से स्थिति जटिल है। उन्होंने कहा कि संबंधित क्षेत्र को लेकर भारत और चीन के स्थानीय दावों में अंतर है और इसे सीधे किसी भारतीय गांव पर कब्जे के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

सेना और ITBP की गश्त बढ़ाई गई

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में भारतीय सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) की गश्त मजबूत की गई है। उन्होंने लोंगजू से आगे के इलाके का भी जिक्र किया, जहां उनके अनुसार चीनी सेना की मौजूदगी और बुनियादी ढांचे से जुड़ी गतिविधियां लंबे समय से बनी हुई हैं। रिजिजू ने कहा कि कुछ इलाकों में चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की ओर से संरचनाएं बनाए जाने की जानकारी है। उन्होंने यह भी कहा कि सीमा से जुड़े क्षेत्रों में हालिया गतिविधियों को लेकर स्थानीय लोगों की चिंता को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

कांग्रेस पर राजनीतिक नैरेटिव बनाने का आरोप

रिजिजू ने कांग्रेस पर सीमा मुद्दे को राजनीतिक रूप देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि गलत या असंबंधित वीडियो के जरिए सीमा को लेकर नैरेटिव बनाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि इस तरह की सामग्री से लोगों में भ्रम पैदा होने के साथ-साथ सशस्त्र बलों के मनोबल पर भी असर पड़ सकता है।

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